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तेज बुखार, बलगम में खून तो फेफड़ों में फंगस का खतरा

Thu, 15 Jul 2021 02:03 AM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Thu, 15 Jul 2021 02:03 AM IST
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Fever and blood in mucus, then there is a risk of fungus in the lungs
आगरा। संक्रमण से ठीक हो चुके हो और खांसी नहीं जा रही। अगर बलगम के साथ खून आया तो सतर्क हो जाएं और जांच जरूर कराएं। यह फेफड़ों में ब्लैक फंगस हो सकता है। एसएन में फेफड़ों में फंगस का पहला मरीज मिलने के बाद खतरा और बढ़ गया है।
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एसएन मेडिकल कॉलेज के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के डॉ. जीवी सिंह ने बताया कि टीबी के मरीज, जो संक्रमित होकर ठीक हुए हैं, उनमें फेफड़ों में ब्लैक फंगस का खतरा अधिक है। इलाज में एस्टरॉयड, औद्योगिक ऑक्सीन का उपयोग या फिर ऑक्सीजन के साथ दूषित पानी से फेफड़ों में फंगस की वजह हो सकते हैं। ऐसे में जरूरी है कि टीबी, अस्थमा और खांसी ठीक न होने पर विशेषज्ञ को जरूर दिखाएं। लापरवाही से जान पर बन सकती है।
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एसएन में ब्लैक फंगस का एक और मरीज वार्ड में भर्ती हुआ है। यह मरीज एटा का रहने वाला है और इसकी उम्र 35 साल है। इसकी नाक में फंगस पाया गया है। अब तक एसएन में 83 मरीज हो चुके हैं भर्ती। वहीं, फेफड़े में फंगस की मरीज की हालत बिगड़ गई है और आईसीयू में शिफ्ट कर दिया है।
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- संक्रमण से ठीक होने के 15 दिन बाद से तेज बुखार आ रहा हो।
- खांसी बंद न हो रही हो, बलगम आ रहा हो।
- खांसी के साथ बलगम और उसमें खून आ रहा हो।
- तेज सांस फूल रही हो, दर्द महसूस होता हो।
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