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भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह: दस-दस लाख रुपये में झांसी से खरीदीं थीं अल्ट्रासाउंड मशीन
Sun, 21 Mar 2021 02:19 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 21 Mar 2021 02:19 PM IST
सार
- पांच साल में पकड़े जा चुके हैं छह डाक्टर
- एक हॉस्पिटल के संचालक के आवास में रह रही थी नर्स
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एसटीएफ ने पकड़ा भ्रूण लिंग परीक्षण गैंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ ने शनिवार शाम को अछनेरा और ट्रांस यमुना कॉलोनी से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह की सरगना महिला और उसके साथी सहित नौ को गिरफ्तार कर लिया। सरगना महिला सरिता एत्माद्दौला क्षेत्र के एक अस्पताल में नर्स है। वह अपने साथी मुरैना के धीरज के साथ गिरोह संचालित कर रही थी। एजेंट के माध्यम से सरगना गर्भवती महिला के घर पर जाकर ही भ्रूण लिंग परीक्षण किया करते थे। इसके लिए पांच से दस हजार रुपये तक लिए जाते थे।
निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि नर्स सरिता ने मशीनें झांसी से धीरज को दिलवाईं थीं। एक मशीन की कीमत 10 लाख रुपये है। इन मशीनों को पीसीपीएनडीटी एक्ट में पंजीकरण कराने के बाद ही डॉक्टर खरीद सकते हैं। डीएम की अनुमति लेना भी आवश्यक है।
झांसी के मशीन विक्रेताओं के बारे में जानकारी ली जा रही है। यह गैंग काफी समय से लिंग परीक्षण कर रहा था। अब तक सैकड़ों गर्भवती महिलाओं का लिंग परीक्षण कर चुके हैं। कई बार एक दिन में चार मशीन से दस से 12 जगह भ्रूण लिंग परीक्षण करने जाते थे।
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निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि नर्स सरिता ने मशीनें झांसी से धीरज को दिलवाईं थीं। एक मशीन की कीमत 10 लाख रुपये है। इन मशीनों को पीसीपीएनडीटी एक्ट में पंजीकरण कराने के बाद ही डॉक्टर खरीद सकते हैं। डीएम की अनुमति लेना भी आवश्यक है।
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झांसी के मशीन विक्रेताओं के बारे में जानकारी ली जा रही है। यह गैंग काफी समय से लिंग परीक्षण कर रहा था। अब तक सैकड़ों गर्भवती महिलाओं का लिंग परीक्षण कर चुके हैं। कई बार एक दिन में चार मशीन से दस से 12 जगह भ्रूण लिंग परीक्षण करने जाते थे।
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पांच साल में पकड़े जा चुके हैं छह डाक्टर
आगरा में पांच साल में भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में छह डॉक्टर के अलावा झोलाछाप और नर्स पकड़ी जा चुकी हैं। वर्ष 2016 में यमुनापार में एक महिला डॉक्टर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ी गई थीं। इसके बाद एक और अस्पताल में डॉक्टर पकड़े गए। इसी साल नालबंद में एक क्लीनिक पर डॉक्टर को पकड़ा। वर्ष 2017 में राजस्थान पुलिस ने सदर क्षेत्र के क्लीनिक पर छापा मारा था। तब आईएमए के पदाधिकारी पकड़े गए थे। वर्ष 2018 में शाहगंज और रुनकता में एक-एक डॉक्टर पकड़ा गया था। ट्रांस यमुना कॉलोनी में क्लीनिक चलाने वाला झोलाछाप चमन लाल पकड़ा गया था। वह पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करता था। पांच साल पहले टेढ़ी बगिया क्षेत्र में महिला रुकसाना पकड़ी गई थी। वह घर पर परीक्षण करती थी।
आगरा: एसटीएफ ने भ्रूण लिंग परीक्षण का अंतर्राज्यीय गिरोह दबोचा, सरगना सहित नौ गिरफ्तार
एक हॉस्पिटल के संचालक के आवास में रह रही थी नर्स
एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मास्टर माइंड सरिता यमुनापार के ही एक हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर के आवास में रह रही थी। उसे वहीं से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो कार और दो बाइक भी बरामद की हैं। इनसे ही एजेंट और सरगना एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाया करते थे। पुलिस कब्जे में लिए गए आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है। इस हॉस्पिटल के संचालक पर वर्ष 2016 में भ्रूण लिंग परीक्षण का आरोप लगा था। अब रिकार्ड चेक किया जा रहा है।
आगरा में पांच साल में भ्रूण लिंग परीक्षण के मामलों में छह डॉक्टर के अलावा झोलाछाप और नर्स पकड़ी जा चुकी हैं। वर्ष 2016 में यमुनापार में एक महिला डॉक्टर भ्रूण लिंग परीक्षण करते हुए पकड़ी गई थीं। इसके बाद एक और अस्पताल में डॉक्टर पकड़े गए। इसी साल नालबंद में एक क्लीनिक पर डॉक्टर को पकड़ा। वर्ष 2017 में राजस्थान पुलिस ने सदर क्षेत्र के क्लीनिक पर छापा मारा था। तब आईएमए के पदाधिकारी पकड़े गए थे। वर्ष 2018 में शाहगंज और रुनकता में एक-एक डॉक्टर पकड़ा गया था। ट्रांस यमुना कॉलोनी में क्लीनिक चलाने वाला झोलाछाप चमन लाल पकड़ा गया था। वह पोर्टेबल मशीन से अल्ट्रासाउंड करता था। पांच साल पहले टेढ़ी बगिया क्षेत्र में महिला रुकसाना पकड़ी गई थी। वह घर पर परीक्षण करती थी।
आगरा: एसटीएफ ने भ्रूण लिंग परीक्षण का अंतर्राज्यीय गिरोह दबोचा, सरगना सहित नौ गिरफ्तार
एक हॉस्पिटल के संचालक के आवास में रह रही थी नर्स
एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि मास्टर माइंड सरिता यमुनापार के ही एक हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर के आवास में रह रही थी। उसे वहीं से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से पुलिस ने दो कार और दो बाइक भी बरामद की हैं। इनसे ही एजेंट और सरगना एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाया करते थे। पुलिस कब्जे में लिए गए आरोपियों के मोबाइल की कॉल डिटेल निकाल रही है। इस हॉस्पिटल के संचालक पर वर्ष 2016 में भ्रूण लिंग परीक्षण का आरोप लगा था। अब रिकार्ड चेक किया जा रहा है।