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आगरा: एसटीएफ ने भ्रूण लिंग परीक्षण का अंतर्राज्यीय गिरोह दबोचा, सरगना सहित नौ गिरफ्तार
Sun, 21 Mar 2021 08:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 21 Mar 2021 08:14 AM IST
सार
- सरगना महिला और उसके साथी सहित नौ को गिरफ्तार कर लिया
- घर पर जाकर ही भ्रूण लिंग परीक्षण किया करते थे
-
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एसटीएफ ने गिरफ्तार किए लिंग परीक्षण करने वाले लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ ने शनिवार शाम को अछनेरा और ट्रांस यमुना कॉलोनी से भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह की सरगना महिला और उसके साथी सहित नौ को गिरफ्तार कर लिया। सरगना महिला सरिता एत्माद्दौला क्षेत्र के एक अस्पताल में नर्स है। वह अपने साथी मुरैना के धीरज के साथ गिरोह संचालित किए थी। एजेंट के माध्यम से सरगना गर्भवती महिला के घर पर जाकर ही भ्रूण लिंग परीक्षण किया करते थे। इसके लिए पांच से दस हजार रुपये तक लिए जाते थे।
एसएटीएफ को एक महीने पहले मुखबिर से सूचना मिली थी कि भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला गिरोह सक्रिय है। इस पर छानबीन शुरू की गई। गिरोह के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़े हुए थे। टीम तीन दिन से रेकी करने में लगी हुई थी। शनिवार को गिरोह के अछनेरा में एक गर्भवती महिला का परीक्षण करने पहुंचने की जानकारी मिली थी।
इस पर जिलाधिकारी से अनुमति ली गई। उनके आदेश पर टीम का गठन किया गया। टीम ने घेराबंदी करके अछनेरा में गिरोह को पकड़ लिया। गर्भवती महिला भी साथ थी, जिसका भ्रूण लिंग परीक्षण किया जाना था। टीम ने महिला के पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद ट्रांस यमुना कॉलोनी से मास्टरमाइंड सरगना सरिता कोठी से पकड़ ली गई।
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एसएटीएफ को एक महीने पहले मुखबिर से सूचना मिली थी कि भ्रूण लिंग परीक्षण करने वाला गिरोह सक्रिय है। इस पर छानबीन शुरू की गई। गिरोह के तार मध्य प्रदेश से भी जुड़े हुए थे। टीम तीन दिन से रेकी करने में लगी हुई थी। शनिवार को गिरोह के अछनेरा में एक गर्भवती महिला का परीक्षण करने पहुंचने की जानकारी मिली थी।
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इस पर जिलाधिकारी से अनुमति ली गई। उनके आदेश पर टीम का गठन किया गया। टीम ने घेराबंदी करके अछनेरा में गिरोह को पकड़ लिया। गर्भवती महिला भी साथ थी, जिसका भ्रूण लिंग परीक्षण किया जाना था। टीम ने महिला के पति को हिरासत में ले लिया। इसके बाद ट्रांस यमुना कॉलोनी से मास्टरमाइंड सरगना सरिता कोठी से पकड़ ली गई।
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इनकी हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ के मुताबिक, अछनेरा में पकड़े गए आरोपियों में मुरैना निवासी धीरज कुमार, मोहित, अछनेरा के नगला मुरली निवासी मोहन सिंह, रैपुरा जाट निवासी योगेंद्र कुमार, जोगेंद्र कुमार, गांव गोपऊ निवासी भरत सिंह (गर्भवती महिला का पति), ग्वालियर के सिरौल निवासी रंजीत यादव, धौलपुर के बसई नवाब निवासी भरत लोधी हैं, जबकि धीरज से पूछताछ के बाद ट्रांस यमुना कालोनी स्थित एक कोठी से सरिता पकड़ी गई।
सरिता और धीरज है मास्टरमाइंड
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह की मास्टरमाइंड सरिता और धीरज हैं। सरिता एक अस्पताल में नर्स है, जबकि धीरज को एजेंट डाक्टर बुलाते हैं। सरिता की कोठी में बेड से दो पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन मिलीं। वहीं धीरज की गाड़ी से एक मशीन मिली। सरिता वर्ष 2016 में भी पकड़ी जा चुकी है। वहीं एक मशीन अछनेरा में गिरोह की धरपकड़ के दौरान मिली।
सरिता और धीरज के एजेंट यूपी के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सक्रिय हैं। जो ग्राहक गर्भवती महिलाओं को ढूंढने का काम करते हैं। एक परीक्षण के पांच से दस हजार रुपये की मांग की जाती है। देहात के इलाकों में यह ज्यादा सक्रिय रहते हैं। जब कोई भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए तैयार होता है तो अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर सरगना धीरज और सरिता अपनी गाड़ी से पहुंचते हैं। मशीन से चेकअप करने के बाद ही भ्रूण लिंग (लड़का-लड़की) के बारे में बताते थे। इसके बाद रकम ले ली जाती थी। एजेंट को कमीशन के रूप में एक से चार हजार रुपये तक देते थे।
यह रहे टीम में शामिल
नोडल अधिकारी डा. आरके अग्निहोत्री, डा. नंदन सिंह, एसीएम तृतीय महेंद्र कुमार, एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह, एसआई मानवेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, प्रशांत कुमार आदि रहे। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल, 90 हजार रुपये और चार मशीन बरामद की गई हैं।
एसटीएफ के मुताबिक, अछनेरा में पकड़े गए आरोपियों में मुरैना निवासी धीरज कुमार, मोहित, अछनेरा के नगला मुरली निवासी मोहन सिंह, रैपुरा जाट निवासी योगेंद्र कुमार, जोगेंद्र कुमार, गांव गोपऊ निवासी भरत सिंह (गर्भवती महिला का पति), ग्वालियर के सिरौल निवासी रंजीत यादव, धौलपुर के बसई नवाब निवासी भरत लोधी हैं, जबकि धीरज से पूछताछ के बाद ट्रांस यमुना कालोनी स्थित एक कोठी से सरिता पकड़ी गई।
सरिता और धीरज है मास्टरमाइंड
एसटीएफ के मुताबिक, गिरोह की मास्टरमाइंड सरिता और धीरज हैं। सरिता एक अस्पताल में नर्स है, जबकि धीरज को एजेंट डाक्टर बुलाते हैं। सरिता की कोठी में बेड से दो पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन मिलीं। वहीं धीरज की गाड़ी से एक मशीन मिली। सरिता वर्ष 2016 में भी पकड़ी जा चुकी है। वहीं एक मशीन अछनेरा में गिरोह की धरपकड़ के दौरान मिली।
सरिता और धीरज के एजेंट यूपी के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के अलग-अलग शहरों में सक्रिय हैं। जो ग्राहक गर्भवती महिलाओं को ढूंढने का काम करते हैं। एक परीक्षण के पांच से दस हजार रुपये की मांग की जाती है। देहात के इलाकों में यह ज्यादा सक्रिय रहते हैं। जब कोई भ्रूण लिंग परीक्षण के लिए तैयार होता है तो अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर सरगना धीरज और सरिता अपनी गाड़ी से पहुंचते हैं। मशीन से चेकअप करने के बाद ही भ्रूण लिंग (लड़का-लड़की) के बारे में बताते थे। इसके बाद रकम ले ली जाती थी। एजेंट को कमीशन के रूप में एक से चार हजार रुपये तक देते थे।
यह रहे टीम में शामिल
नोडल अधिकारी डा. आरके अग्निहोत्री, डा. नंदन सिंह, एसीएम तृतीय महेंद्र कुमार, एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह, एसआई मानवेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, प्रशांत कुमार आदि रहे। आरोपियों के पास से 11 मोबाइल, 90 हजार रुपये और चार मशीन बरामद की गई हैं।