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बीमार पिता हुआ रेफर तो बेटा अस्पताल में छोड़कर भागा
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मिजाजी लाल
- फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। पांच बेटों का पिता इलाज के लिए दूसरों से मदद की गुहार लगा रहा है। बेटे उसके इलाज के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। जिला अस्पताल से रेफर किए जाने के बाद साथ में आया बेटा पिता को अस्पताल में छोड़कर चला गया।
कचहरी रोड निवासी 65 वर्षीय वृद्ध मिजाजीलाल को 17 अक्तूबर को उनके परिजनों ने फे फड़ों में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार की रात डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया। स्टाफ नर्स मनोरमा देवी ने बताया कि रेफर स्लिप बनी तो वृद्ध के साथ आया बेटा आकाश उन्हें सैफई ले जाने से मना कर दिया। यही नहीं वह अस्पताल में असहाय पिता को छोड़कर चला गया।
यहां देखरेख के लिए परिवार का जब कोई सदस्य नहीं बचा तो वृद्ध इलाज और मदद के लिए दूसरों से गुहार लगाता रहा। मिजाजी लाल ने बताया कि उसके पांच बेटे व तीन बहू हैं, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है। यह बताते-बताते मिजाजीलाल रोने लगे, तो वहां मौजूद नर्सेज स्टाफ ने उन्हें देखभाल का भरोसा दिया। नर्सेज स्टाफ ने वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों से भी वृद्ध की देखभाल का अनुरोध किया।
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कचहरी रोड निवासी 65 वर्षीय वृद्ध मिजाजीलाल को 17 अक्तूबर को उनके परिजनों ने फे फड़ों में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। शनिवार की रात डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत देखते हुए मेडिकल कॉलेज सैफई रेफर कर दिया। स्टाफ नर्स मनोरमा देवी ने बताया कि रेफर स्लिप बनी तो वृद्ध के साथ आया बेटा आकाश उन्हें सैफई ले जाने से मना कर दिया। यही नहीं वह अस्पताल में असहाय पिता को छोड़कर चला गया।
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यहां देखरेख के लिए परिवार का जब कोई सदस्य नहीं बचा तो वृद्ध इलाज और मदद के लिए दूसरों से गुहार लगाता रहा। मिजाजी लाल ने बताया कि उसके पांच बेटे व तीन बहू हैं, लेकिन उसे देखने वाला कोई नहीं है। यह बताते-बताते मिजाजीलाल रोने लगे, तो वहां मौजूद नर्सेज स्टाफ ने उन्हें देखभाल का भरोसा दिया। नर्सेज स्टाफ ने वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों के तीमारदारों से भी वृद्ध की देखभाल का अनुरोध किया।
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