{"_id":"59f6e6614f1c1b87698b84cc","slug":"father-in-agra-planned-to-make-murder-of-daughter-a-suicide","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":" प्रेमी को बचाने में गई शिवानी की जान, हत्या को ऐसा रूप देना चाहता था पिता ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रेमी को बचाने में गई शिवानी की जान, हत्या को ऐसा रूप देना चाहता था पिता
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 30 Oct 2017 02:14 PM IST
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हत्या
- फोटो : अमर उजाला
आगरा में सदर के ओम एन्क्लेव में शिवानी की आत्महत्या की पुलिस को सूचना दी गई थी। मगर, पुलिस ने जब घटनास्थल का निरीक्षण किया तो सारी स्थिति साफ हो गई। शिवानी की लाश पहली मंजिल की छत पर जाने वाली सीढ़ियों पर पड़ी थी।
आसपास खून पड़ा हुआ था। शव अकड़ा हुआ था। पास ही मोबाइल और टूटा हुआ कटर पड़ा था। सीढ़ियों से भूतल पर किचिन तक खून की बूंदें पड़ी थीं। छत पर पैरों के चिह्न थे। पड़ोस में बेकरी की छत पर भी खून लगा मिला। किचन में सिलेंडर का पाइप कटा हुआ था।
सदर पुलिस ने बताया कि रविंद्र नाथ शिवानी की हत्या के बाद घर में आग लगाना चाहता था, जिससे लाश जल जाए। घटना को लोग आत्महत्या समझे। मगर, किरायेदार का कमरा किचन के गेट के बगल में होने के कारण सफल नहीं हो सके। उन्होंने गौरव का नाम नहीं लिया था। मगर, सीढ़ियों पर खून से लाश के पास गौरव लिखा मिला।
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पुलिस ने देखा तो उसके बारे में पूछताछ की। तब घरवालों ने शिवानी और गौरव के प्रेम संबंधों की जानकारी दी। इससे पुलिस का शक बढ़ गया। पिता ने हत्या में किसी को नामजद भी नहीं किया, क्योंकि गौरव पकड़ा जाता तो वह सारा सच बता देता। घर में जाने का और कोई रास्ता भी नहीं था, जिससे कोई बाहरी व्यक्ति अंदर आ सके।
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आसपास खून पड़ा हुआ था। शव अकड़ा हुआ था। पास ही मोबाइल और टूटा हुआ कटर पड़ा था। सीढ़ियों से भूतल पर किचिन तक खून की बूंदें पड़ी थीं। छत पर पैरों के चिह्न थे। पड़ोस में बेकरी की छत पर भी खून लगा मिला। किचन में सिलेंडर का पाइप कटा हुआ था।
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सदर पुलिस ने बताया कि रविंद्र नाथ शिवानी की हत्या के बाद घर में आग लगाना चाहता था, जिससे लाश जल जाए। घटना को लोग आत्महत्या समझे। मगर, किरायेदार का कमरा किचन के गेट के बगल में होने के कारण सफल नहीं हो सके। उन्होंने गौरव का नाम नहीं लिया था। मगर, सीढ़ियों पर खून से लाश के पास गौरव लिखा मिला।
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पुलिस ने देखा तो उसके बारे में पूछताछ की। तब घरवालों ने शिवानी और गौरव के प्रेम संबंधों की जानकारी दी। इससे पुलिस का शक बढ़ गया। पिता ने हत्या में किसी को नामजद भी नहीं किया, क्योंकि गौरव पकड़ा जाता तो वह सारा सच बता देता। घर में जाने का और कोई रास्ता भी नहीं था, जिससे कोई बाहरी व्यक्ति अंदर आ सके।
प्रेमी को बचाने के लिए किया संघर्ष
हत्या
- फोटो : अमर उजाला
ओम एन्क्लेव कालोनी की शिवानी ने पिता से संघर्ष भी किया था। पुलिस के मुताबिक, गौरव भागा तो शिवानी का पिता उसके पीछे दौड़ा। मगर, शिवानी बीच में आ गई और उसने रोका। पिता ने कटर से वार किए। कटर शिवानी के गले पर लगा, जिससे कुछ देर में उसकी मौत हो गई।
पिता के कटर मारने पर शिवानी गिर पड़ी थी। इस पर गौरव नीचे किचन में पानी लेने के लिए गया। उंगलियां कट जाने के चलते उसके हाथ से खून बह रहा था। इसीलिए खून के धब्बे नीचे तक मिले। किचन में अंधेरा होने के चलते उसे पानी नहीं मिला। इस पर वह वापस लौट गया। शिवानी ने उससे भागने को कहा, इसके बाद वह भाग निकला।
पिता के कटर मारने पर शिवानी गिर पड़ी थी। इस पर गौरव नीचे किचन में पानी लेने के लिए गया। उंगलियां कट जाने के चलते उसके हाथ से खून बह रहा था। इसीलिए खून के धब्बे नीचे तक मिले। किचन में अंधेरा होने के चलते उसे पानी नहीं मिला। इस पर वह वापस लौट गया। शिवानी ने उससे भागने को कहा, इसके बाद वह भाग निकला।
पानी लेकर जाने पर हुआ था शक
पुलिस के मुताबिक, शिवानी के पिता रविंद्र पत्नी और बेटे को छोड़ने स्टेशन गए थे, उनके साथ बेटा और साले का लड़का भी था। इसी बीच शिवानी ने अपने प्रेमी को फोन करके बुला लिया। घर बुलाने के बाद उसे पड़ोस में बनी बेकरी की छत पर छुपा दिया था।
10 बजे तक भाई छत पर रहा। इस कारण उसे नहीं बुला सकी। रात 12 बजे प्रेमी ने उसे फोन किया। इसके बाद वह उसे पहली मंजिल पर बने कमरे में लेकर गई। रात 3:30 बजे तक साथ रही। इसके बाद भूतल पर कमरे में आ गई थी।
शिवानी ने सोचा था कि सुबह 4:30 बजे पिता टहलने जाएंगे तो वह गौरव को भी घर से निकाल देगी। मगर, प्रेमी ने प्यास लगने पर उसे फोन करके पानी लाने के लिए ऊपर बुलाया। शिवानी को पानी लेकर जाते हुए पिता ने देख लिया, उन्हें शक हो गया। पीछे से वह भी आ गए। इसी दौरान दोनों को साथ देख लिया। वह पेपर कटर भी लेकर आए थे, उन्हें अंदाजा हो गया था गौरव आया है।
10 बजे तक भाई छत पर रहा। इस कारण उसे नहीं बुला सकी। रात 12 बजे प्रेमी ने उसे फोन किया। इसके बाद वह उसे पहली मंजिल पर बने कमरे में लेकर गई। रात 3:30 बजे तक साथ रही। इसके बाद भूतल पर कमरे में आ गई थी।
शिवानी ने सोचा था कि सुबह 4:30 बजे पिता टहलने जाएंगे तो वह गौरव को भी घर से निकाल देगी। मगर, प्रेमी ने प्यास लगने पर उसे फोन करके पानी लाने के लिए ऊपर बुलाया। शिवानी को पानी लेकर जाते हुए पिता ने देख लिया, उन्हें शक हो गया। पीछे से वह भी आ गए। इसी दौरान दोनों को साथ देख लिया। वह पेपर कटर भी लेकर आए थे, उन्हें अंदाजा हो गया था गौरव आया है।