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फर्जी एसआईटी की रेड: डीआईओएस कार्यालय का बाबू नहीं पहचान सका...दे बैठा इतनी रिश्वत, इसलिए किसी को नहीं बताया
Tue, 29 Oct 2024 09:32 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 29 Oct 2024 09:32 PM IST
सार
आगरा के शिक्षा भवन में फिल्म 'स्पेशल-26' जैसी रेड हुई। एसआईटी अधिकारी बनकर आए दो पुरुष और एक महिला ने डीआईओएस कार्यालय के बाबू को जाल में फंसा लिया। बाबू से 80 हजार रुपये की ठगी की और चले गए। बाबू इस कदर डर गया कि उसने घटना की किसी को भनक तक नहीं लगने दी।
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डीआईओएस कार्यालय, आगरा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) बनकर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के वरिष्ठ सहायक से 80 हजार रुपये की ठगी हुई है। वरिष्ठ सहायक ने भय की वजह से मामले की शिकायत पुलिस तक से नहीं की। पुलिस को किसी प्रकार जानकारी मिली, तो कार्यालय पहुंची। ठगी मामले पर शिकायत मांगी है।
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फिरोजाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक भी पहुंचा था ऐसा ही गैंग
ऐसा ही गैंग फिरोजाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में भी पहुंचा था। मामला मंगलवार को पुलिस के संज्ञान में आया। इस पर जांच की गई। अब महिला की तलाश की जा रही है। 19 अक्तूबर को डीआईओएस कार्यालय में एक महिला आई। उसने कर्मचारियों से सुविधा शुल्क देकर स्कूल की जल्दी मान्यता की बात करने लगी। लिपिक कृष्ण गोपाल शर्मा और उमा शंकर उपाध्याय महिला के झांसे में आ गए। उन्होंने मान्यता से संबंधित जानकारी दे दी। महिला चली गई। कुछ देर बाद 3 लोगों के साथ आई। खुद को एसआईटी का अधिकारी बताया। घूस का आरोप लगाकर बातचीत की रिकाॅर्डिंग सुना दी। इससे बाबू घबरा गए। मामला रफादफा करने के लिए गोपाल कृष्ण शर्मा से 80 हजार और उमा शंकर उपाध्याय से 60 हजार रुपये ले लिए। मंगलवार को पुलिस जांच करने डीआईओएस कार्यालय पहुंचीं।
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ऐसा ही गैंग फिरोजाबाद के जिला विद्यालय निरीक्षक के कार्यालय में भी पहुंचा था। मामला मंगलवार को पुलिस के संज्ञान में आया। इस पर जांच की गई। अब महिला की तलाश की जा रही है। 19 अक्तूबर को डीआईओएस कार्यालय में एक महिला आई। उसने कर्मचारियों से सुविधा शुल्क देकर स्कूल की जल्दी मान्यता की बात करने लगी। लिपिक कृष्ण गोपाल शर्मा और उमा शंकर उपाध्याय महिला के झांसे में आ गए। उन्होंने मान्यता से संबंधित जानकारी दे दी। महिला चली गई। कुछ देर बाद 3 लोगों के साथ आई। खुद को एसआईटी का अधिकारी बताया। घूस का आरोप लगाकर बातचीत की रिकाॅर्डिंग सुना दी। इससे बाबू घबरा गए। मामला रफादफा करने के लिए गोपाल कृष्ण शर्मा से 80 हजार और उमा शंकर उपाध्याय से 60 हजार रुपये ले लिए। मंगलवार को पुलिस जांच करने डीआईओएस कार्यालय पहुंचीं।
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बैंक से निकलवाई धनराशि
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.मानवेंद्र सिंह ने बताया कि एक महिला और उसे साथी वरिष्ठ सहायक कृष्णगोपाल को रिश्वत के मामले में फंसाकर ठगे हैं। कृष्ण गोपाल को बैंक ले गए और 80 हजार रुपये लिए। पुलिस मामले की जांच के लिए आई थी। डीआईओएस के अनुसार ऐसी टीम फिरोजाबाद के डीआईओएस से मिलने गई थी। यह गैंग डराकर ठगी कर रहा है।
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जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ.मानवेंद्र सिंह ने बताया कि एक महिला और उसे साथी वरिष्ठ सहायक कृष्णगोपाल को रिश्वत के मामले में फंसाकर ठगे हैं। कृष्ण गोपाल को बैंक ले गए और 80 हजार रुपये लिए। पुलिस मामले की जांच के लिए आई थी। डीआईओएस के अनुसार ऐसी टीम फिरोजाबाद के डीआईओएस से मिलने गई थी। यह गैंग डराकर ठगी कर रहा है।
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सीसीटीवी कैमरे में नहीं मिला रिकार्ड
राजकीय इंटर कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए है। पुलिस ने कैमरों को भी देखा, लेकिन पुराना रिकार्ड नहीं मिला। विद्यालय के कैमरों में सात दिन का रिकार्ड सुरक्षित रहता है। अब पुलिस बैंक के कैमरों से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
राजकीय इंटर कॉलेज में सीसीटीवी कैमरे भी लगे हुए है। पुलिस ने कैमरों को भी देखा, लेकिन पुराना रिकार्ड नहीं मिला। विद्यालय के कैमरों में सात दिन का रिकार्ड सुरक्षित रहता है। अब पुलिस बैंक के कैमरों से आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
कार्रवाई की जाएगी
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि महिला ने पहले बातचीत करने के बाद बातचीत को रिकाॅर्ड किया। बाद में ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग की। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -,
डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि महिला ने पहले बातचीत करने के बाद बातचीत को रिकाॅर्ड किया। बाद में ब्लैकमेल कर रुपयों की मांग की। मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। -,