{"_id":"679afe469a70f3304d050a13","slug":"fake-salt-and-detergent-powder-worth-rs-20-lakh-were-being-consumed-every-month-2025-01-30","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"UP: नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर के खेल में बड़ी कमाई... 20 लाख के माल पर, 2.50 से तीन लाख की बचत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर के खेल में बड़ी कमाई... 20 लाख के माल पर, 2.50 से तीन लाख की बचत
Thu, 30 Jan 2025 09:51 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 30 Jan 2025 09:51 AM IST
सार
आगरा में हर महीने 20 लाख का नमक और डिटर्जेंट पाउडर खपाया जा रहा था। इतना माल यदि बिक गया, तो 2.50 से तीन लाख की बचत हो जाती थी।
विज्ञापन
घर से बरामद मशीन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
आगरा के अवधपुरी में संचालित नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर की फैक्टरी में हर महीने 20 लाख माल खपाया जा रहा था। इससे हर महीने मालिक की 2.50 लाख से 3 लाख तक की कमाई हो रही थी। एजेंट माल खरीदने के लिए फैक्टरी पर आते थे। एसटीएफ अब एजेंटों की तलाश में लगी है।
एसटीएफ की आगरा इकाई ने सोमवार रात को जगदीशपुरा के अवधपुरी स्थित फैक्टरी पर भारी मात्रा में नकली टाटा नमक, सर्फ एक्सल एवं उसे पैकिंग करने वाली मशीनें बरामद की थीं। फैक्ट्री मालिक जीतेंद्र राठौर को जेल भेजा गया था। एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर आगरा के आसपास के जिलों के अलावा राजस्थान के धौलपुर, चित्तौड़गढ़, किशनगढ़ आदि में सप्लाई होता था। दुकानदार फायदे के चक्कर में नकली माल खरीद रहे थे। असली माल बिल पर मिलता है। इसमें कोई बिल भी नहीं देना पड़ता था। सरगना ने अपने एजेंट बना रखे थे, जो दुकानदारों से संपर्क करते थे। कमीशन मिलता था। पैकिंग का सामान दिल्ली के सदर इलाके में मिला था। टीम एजेंट और पैकिंग का सामान बेचने वालों की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
एसटीएफ की आगरा इकाई ने सोमवार रात को जगदीशपुरा के अवधपुरी स्थित फैक्टरी पर भारी मात्रा में नकली टाटा नमक, सर्फ एक्सल एवं उसे पैकिंग करने वाली मशीनें बरामद की थीं। फैक्ट्री मालिक जीतेंद्र राठौर को जेल भेजा गया था। एसटीएफ के निरीक्षक हुकुम सिंह ने बताया कि नकली नमक और डिटर्जेंट पाउडर आगरा के आसपास के जिलों के अलावा राजस्थान के धौलपुर, चित्तौड़गढ़, किशनगढ़ आदि में सप्लाई होता था। दुकानदार फायदे के चक्कर में नकली माल खरीद रहे थे। असली माल बिल पर मिलता है। इसमें कोई बिल भी नहीं देना पड़ता था। सरगना ने अपने एजेंट बना रखे थे, जो दुकानदारों से संपर्क करते थे। कमीशन मिलता था। पैकिंग का सामान दिल्ली के सदर इलाके में मिला था। टीम एजेंट और पैकिंग का सामान बेचने वालों की जानकारी जुटा रही है।
विज्ञापन
एक पैकेट पर 10 रुपये तक का फायदा
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि वह रामबाग स्थित गोदाम से नमक का 100 किलोग्राम का कट्टा 300 रुपये में लेकर आता था। यह कम गुणवत्ता और मानक का होता था। दिल्ली के दो लोग सर्फ एक्सेल और टाटा कंपनी के पाउच बेचते हैं। वह उसे मिल जाते थे। बाजार में कंपनी के नमक के पैकेट की कीमत तकरीबन 30 रुपये है। वह 8 से 10 रुपये में नकली नमक के एक किलोग्राम के पैकेट तैयार कर लेता और 20 रुपये तक में बेचता था।
कमीशन पर लेकर जाते थे एजेंट माल
जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि नकली डिटर्जेंट पाउडर दरेसी के बाजार से लेकर आता था। खुले में बिकने वाले पाउडर की कीमत 50 रुपये से भी कम होती है। वह कट्टे खरीदता था। इनसे सर्फ एक्सेल कंपनी के 80-80 ग्राम के पाउच बनाकर बाजार में बिक्री कर देता था। कीमत 10 रुपये तक रखता। एक किलोग्राम पर 50 रुपये तक की बचत होती थी। एजेंट माल लेकर जाते थे। उन्हें आरोपी कमीशन दिया करता था।
फेवीक्विक, टूथपेस्ट भी नकली
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी पूर्व में कुछ लोगों के साथ दिल्ली से नकली फेवीक्विक, दंत कांति टूथपेस्ट, एमडीएच कंपनी का गरम मसाला, मैग पाउडर, गोल्डफ्लैक सिगरेट आदि लेकर आता था। इनकी बाजार में सप्लाई होती थी। तीन साल से अपनी फैक्टरी खोलकर नकली माल की पैकिंग कर बेच रहा था। आरोपी से तीन छोटी-बड़ी पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन, कांटा, 4,720 सर्फ के 80 ग्राम वाले पाउच, 1,375 किलोग्राम के नकली नमक के कट्टे, 4,800 किलोग्राम स्थानीय नमक, 620 खाली कटटे, 13,400 खाली पाउच नमक आदि माल बरामद किया गया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपी जितेंद्र ने बताया कि वह रामबाग स्थित गोदाम से नमक का 100 किलोग्राम का कट्टा 300 रुपये में लेकर आता था। यह कम गुणवत्ता और मानक का होता था। दिल्ली के दो लोग सर्फ एक्सेल और टाटा कंपनी के पाउच बेचते हैं। वह उसे मिल जाते थे। बाजार में कंपनी के नमक के पैकेट की कीमत तकरीबन 30 रुपये है। वह 8 से 10 रुपये में नकली नमक के एक किलोग्राम के पैकेट तैयार कर लेता और 20 रुपये तक में बेचता था।
कमीशन पर लेकर जाते थे एजेंट माल
जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि नकली डिटर्जेंट पाउडर दरेसी के बाजार से लेकर आता था। खुले में बिकने वाले पाउडर की कीमत 50 रुपये से भी कम होती है। वह कट्टे खरीदता था। इनसे सर्फ एक्सेल कंपनी के 80-80 ग्राम के पाउच बनाकर बाजार में बिक्री कर देता था। कीमत 10 रुपये तक रखता। एक किलोग्राम पर 50 रुपये तक की बचत होती थी। एजेंट माल लेकर जाते थे। उन्हें आरोपी कमीशन दिया करता था।
फेवीक्विक, टूथपेस्ट भी नकली
एसटीएफ के मुताबिक, आरोपी पूर्व में कुछ लोगों के साथ दिल्ली से नकली फेवीक्विक, दंत कांति टूथपेस्ट, एमडीएच कंपनी का गरम मसाला, मैग पाउडर, गोल्डफ्लैक सिगरेट आदि लेकर आता था। इनकी बाजार में सप्लाई होती थी। तीन साल से अपनी फैक्टरी खोलकर नकली माल की पैकिंग कर बेच रहा था। आरोपी से तीन छोटी-बड़ी पैकिंग मशीन, सिलाई मशीन, कांटा, 4,720 सर्फ के 80 ग्राम वाले पाउच, 1,375 किलोग्राम के नकली नमक के कट्टे, 4,800 किलोग्राम स्थानीय नमक, 620 खाली कटटे, 13,400 खाली पाउच नमक आदि माल बरामद किया गया है।