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Agra News: दवाओं पर नकली क्यूआर कोड-बैच नंबर, कंपनियों को नोटिस
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आगरा। धनौली में जब्त दवाओं पर क्यूआर कोड और बैच नंबर नकली होने की आशंका है। इसकी जांच कराई जा रही है। इसके लिए संबंधित कंपनियों को नोटिस देकर उनसे दवाओं की रिपोर्ट मांगी गई है। कंपनियां भी जब्त दवाओं की अपनी लैब में जांच करा सकती हैं।
बीते मंगलवार को धनौली में अवैध गोदाम से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गई थीं। देश-विदेश की पांच कंपनियों की दवाएं हैं। इसमें एंटीबायोटिक, कैंसर, मधुमेह, थायराइड, एलर्जी, पेट रोग समेत 14 तरह की दवाएं हैं। शुरुआती जांच में ये नामी कंपनियों के नाम से नकली दवा बनाने की आशंका है। इनके रैपर पर दर्ज बैच नंबर, क्यूआर कोड, निर्माता कंपनी, पता समेत सभी की रिपोर्ट बनाई है।
पुलिस और औषधि विभाग की टीम को इस पर अंकित क्यूआर कोड के फर्जी होने की आशंका है। इसके लिए संबंधित पांचों कंपनियों को रिपोर्ट भेजी है। इसमें कंपनियों से क्यूआर कोड, बैच नंबर, पैकिंग में अंतर समेत अन्य के बारे में पूछा गया है। अगर ये दवाएं उन्हीं के यहां बनी हैं तो ये किसे बेची गईं, इसके बारे में पूछा है। संबंधित कंपनी ने इन्हें अपने यहां निर्मित न होने और क्यूआर कोड को फर्जी बताने पर नकली होने की पुष्टि हो जाएगी।
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सहायक आयुक्त औषधि अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि धनौली में जब्त दवाओं की पुलिस और औषधि विभाग अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। संबंधित कंपनियों को नोटिस देकर क्यूआर और बैच नंबर समेत दवाओं के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। अभी जांच चल रही है, नमूनों की जांच रिपोर्ट और कंपनियों की ओर से जवाब आने के बाद जांच में सहयोग मिलेगा।
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बीते मंगलवार को धनौली में अवैध गोदाम से करीब 5 करोड़ रुपये की दवाएं जब्त की गई थीं। देश-विदेश की पांच कंपनियों की दवाएं हैं। इसमें एंटीबायोटिक, कैंसर, मधुमेह, थायराइड, एलर्जी, पेट रोग समेत 14 तरह की दवाएं हैं। शुरुआती जांच में ये नामी कंपनियों के नाम से नकली दवा बनाने की आशंका है। इनके रैपर पर दर्ज बैच नंबर, क्यूआर कोड, निर्माता कंपनी, पता समेत सभी की रिपोर्ट बनाई है।
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पुलिस और औषधि विभाग की टीम को इस पर अंकित क्यूआर कोड के फर्जी होने की आशंका है। इसके लिए संबंधित पांचों कंपनियों को रिपोर्ट भेजी है। इसमें कंपनियों से क्यूआर कोड, बैच नंबर, पैकिंग में अंतर समेत अन्य के बारे में पूछा गया है। अगर ये दवाएं उन्हीं के यहां बनी हैं तो ये किसे बेची गईं, इसके बारे में पूछा है। संबंधित कंपनी ने इन्हें अपने यहां निर्मित न होने और क्यूआर कोड को फर्जी बताने पर नकली होने की पुष्टि हो जाएगी।
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सहायक आयुक्त औषधि अरविंद कुमार गुप्ता ने बताया कि धनौली में जब्त दवाओं की पुलिस और औषधि विभाग अपने स्तर से जांच कर रहे हैं। संबंधित कंपनियों को नोटिस देकर क्यूआर और बैच नंबर समेत दवाओं के बारे में रिपोर्ट मांगी गई है। अभी जांच चल रही है, नमूनों की जांच रिपोर्ट और कंपनियों की ओर से जवाब आने के बाद जांच में सहयोग मिलेगा।