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आगरा पुलिस ने तबाह की बेगुनाह परिवार की जिंदगी: 'समझ जाओ, गोली भी पड़ सकती है...' थानाध्यक्ष ने दी थी धमकी
Mon, 08 Jan 2024 10:00 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 08 Jan 2024 10:00 PM IST
सार
खतैना-बोदला मार्ग पर करोड़ों की जमीन पर कब्जे के लिए फर्जी मुकदमे लिख एक परिवार को जेल भेजने में जगदीशपुरा पुलिस फंस गई है। पुलिस आयुक्त के आदेश पर रविवार को तत्कालीन एसओ जितेंद्र कुमार, बिल्डर कमल चौधरी-उनके बेटे धीरू चौधरी और 12-15 अज्ञात के खिलाफ डकैती सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया है।
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फर्जी मुकदमा लिख पीड़ित परिवार को जेल भेजने का मामला, एसओ सहित 18 के खिलाफ एफआईआर दर्ज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में एनडीपीएस एक्ट और अवैध शराब के फर्जी मुकदमों में जेल भेजने के बाद भी पीड़ित रवि कुशवाह व परिजन को थानाध्यक्ष जितेंद्र कुमार धमका रहे थे। निलंबन से 10 घंटे पहले एक होटल में बुलाकर बिल्डर से ऑफर दिलवाकर चुप रहने की सलाह दी गई। नहीं मानने पर धमकी दी गई कि समझ जाओ, नहीं तो गोली भी पड़ सकती है।
रवि के मुताबिक, इससे परिवार दहशत में रहा और डर की वजह से पुलिस के पास नहीं पहुंचा। सोमवार को फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर के साथ आए डीसीपी सिटी के सामने परिजन ने एक साथ यह पीड़ा व्यक्त की।
सांसद राजकुमार चाहर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। जानकारी पर डीसीपी सिटी सूरज राय, एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी भी पहुंच गए। रवि के भाई मोहित ने बताया कि 5 जनवरी को परिचित के पास निलंबित एसओ जितेंद्र कुमार ने फोन किया था। कहा कि तुम्हें दिक्कत हो जाएगी, मीटिंग कर लो। मना करने पर डराया। धमकाकर होटल आने को कहा। परिचित ने घर आकर बताया। वो अपनी कार से सुबह 10:30 बजे संजय प्लेस में मॉडल शॉप के बाहर पहुंचे।
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हां भई, क्या करना है, केस को खत्म करो
मोहित ने बताया कि एसओ स्विफ्ट गाड़ी से पहले ही आ गए थे। वो उन्हें होटल पीएल पैलेस में ले गए। एक कमरे में बिल्डर कमल चौधरी से मुलाकात कराई। आरोप है कि बिल्डर ने कहा कि हां भई, क्या करना है। केस को खत्म करो। नाम हटवाओ। जगह के बारे में भूल जाओ। तुम्हें इतना मिल जाएगा, खुश हो जाओगे। कहा गया हमें कुछ नहीं चाहिए। परिवार के लोग अपनी जमीन पर पहुंच जाएं। मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाए। जगह से कोई लेना-देना नहीं है। इस पर धमकी दी कि न जगह पर रह पाओगे, न ही मुकदमे खत्म होंगे। हमारी बात नहीं मानोगे तो दिक्कत में आ जाओगे। हमें समझो, हम बहुत बड़े लोग हैं, हमसे नहीं जीत पाओगे। ऊपर तक सेटिंग रखते हैं।
एसओ, बिल्डर की हां में हां कर रहे थे। बाद में कहा कि बात नहीं मानोगे तो गोली भी पड़ सकती है। आपके साथ कोई हादसा भी हो सकता है। आरोप लगाया कि करीब एक घंटे की बातचीत में एसओ और बिल्डर धमकाते रहे। इससे वो डर गए। वहां से भाग आए। शाम को कार्रवाई हुई तो
उन्होंने राहत की सांस ली। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि पीड़ित परिवार ने बिल्डर और निलंबित दरोगा पर होटल में बुलाकर धमकाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में भी विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित के पास एसओ की गाड़ी का वीडियो
मोहित कुशवाह ने बताया कि कमरे से बाहर आने के बाद उन्होंने होटल की पार्किंग में खड़ी जितेंद्र कुमार की गाड़ी का वीडियो भी बनाया। इसमें उनकी कैप भी रखी थी। वह अपनी कार से आए थे।
पुलिस ढूंढेगी तो मिलेंगे होटल से भी फुटेज
पीड़ित का कहना है कि पुलिस होटल में जाएगी तो सीसीटीवी फुटेज मिल जाएंगे। वह होटल के गेट से लेकर कमरे तक गए थे। यह सब कुछ कैमरे में कैद हो गया होगा।
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रवि के मुताबिक, इससे परिवार दहशत में रहा और डर की वजह से पुलिस के पास नहीं पहुंचा। सोमवार को फतेहपुर सीकरी के सांसद राजकुमार चाहर के साथ आए डीसीपी सिटी के सामने परिजन ने एक साथ यह पीड़ा व्यक्त की।
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सांसद राजकुमार चाहर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। जानकारी पर डीसीपी सिटी सूरज राय, एसीपी लोहामंडी मयंक तिवारी भी पहुंच गए। रवि के भाई मोहित ने बताया कि 5 जनवरी को परिचित के पास निलंबित एसओ जितेंद्र कुमार ने फोन किया था। कहा कि तुम्हें दिक्कत हो जाएगी, मीटिंग कर लो। मना करने पर डराया। धमकाकर होटल आने को कहा। परिचित ने घर आकर बताया। वो अपनी कार से सुबह 10:30 बजे संजय प्लेस में मॉडल शॉप के बाहर पहुंचे।
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हां भई, क्या करना है, केस को खत्म करो
मोहित ने बताया कि एसओ स्विफ्ट गाड़ी से पहले ही आ गए थे। वो उन्हें होटल पीएल पैलेस में ले गए। एक कमरे में बिल्डर कमल चौधरी से मुलाकात कराई। आरोप है कि बिल्डर ने कहा कि हां भई, क्या करना है। केस को खत्म करो। नाम हटवाओ। जगह के बारे में भूल जाओ। तुम्हें इतना मिल जाएगा, खुश हो जाओगे। कहा गया हमें कुछ नहीं चाहिए। परिवार के लोग अपनी जमीन पर पहुंच जाएं। मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लग जाए। जगह से कोई लेना-देना नहीं है। इस पर धमकी दी कि न जगह पर रह पाओगे, न ही मुकदमे खत्म होंगे। हमारी बात नहीं मानोगे तो दिक्कत में आ जाओगे। हमें समझो, हम बहुत बड़े लोग हैं, हमसे नहीं जीत पाओगे। ऊपर तक सेटिंग रखते हैं।
एसओ, बिल्डर की हां में हां कर रहे थे। बाद में कहा कि बात नहीं मानोगे तो गोली भी पड़ सकती है। आपके साथ कोई हादसा भी हो सकता है। आरोप लगाया कि करीब एक घंटे की बातचीत में एसओ और बिल्डर धमकाते रहे। इससे वो डर गए। वहां से भाग आए। शाम को कार्रवाई हुई तो
उन्होंने राहत की सांस ली। डीसीपी सिटी सूरज राय ने बताया कि पीड़ित परिवार ने बिल्डर और निलंबित दरोगा पर होटल में बुलाकर धमकाने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में भी विवेचना कर कार्रवाई की जाएगी।
पीड़ित के पास एसओ की गाड़ी का वीडियो
मोहित कुशवाह ने बताया कि कमरे से बाहर आने के बाद उन्होंने होटल की पार्किंग में खड़ी जितेंद्र कुमार की गाड़ी का वीडियो भी बनाया। इसमें उनकी कैप भी रखी थी। वह अपनी कार से आए थे।
पुलिस ढूंढेगी तो मिलेंगे होटल से भी फुटेज
पीड़ित का कहना है कि पुलिस होटल में जाएगी तो सीसीटीवी फुटेज मिल जाएंगे। वह होटल के गेट से लेकर कमरे तक गए थे। यह सब कुछ कैमरे में कैद हो गया होगा।