एटा दरगाह प्रकरण: समिति से जुड़े लोगों की चौतरफा घेराबंदी, एंटी भूमाफिया के तहत भी कार्रवाई
जलेसर की बड़े मियां की दरगाह समिति से जुड़े लोगों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जलेसर ही नहीं इनकी बाहर की संपत्तियों के अभिलेख भी तलाशे जा रहे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से समिति से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
विस्तार
एटा में जलेसर की बड़े मियां की दरगाह समिति से जुड़े लोगों पर प्रशासन की चौतरफा कार्रवाई कर चल रही है। गबन के मामले में आपराधिक मुकदमे दर्ज करने के साथ ही उनकी संपत्तियों की जांच कराई जा रही है। इसके आधार पर उनके विरुद्ध एंटी भूमाफिया के तहत भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़े दरगाह की प्रबंध समिति में कुल मिलाकर नौ लोग शामिल थे। यहां शनि जात में आने वाले चढ़ावे का अनुमान लगाते हुए 18 साल में करीब 99 करोड़ रुपये गबन किए जाने की रिपोर्ट इन सभी पर 12 अप्रैल को दर्ज कराई गई। इसके बाद जांचों का सिलसिला शुरू हो गया।
जलेसर और बाहर इनकी संपत्तियों के अभिलेख तलाशना शुरू किए गए। जलेसर में इन लोगों के नाम के 120 बैनामे मिले हैं, जिनमें करोड़ों रुपये कीमती जमीनों की खरीद-फरोख्त की गई है। जबकि ये संपत्तियां सरकारी बताई जा रही हैं। ये बैनामे 2000 से 2022 तक के हैं।
सरकारी संपत्तियों पर कब्जा
इससे पहले के बैनामों को भी खंगालने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अब आरोपियों के खिलाफ एंटी भूमाफिया के तहत कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम जलेसर अलंकार अग्निहोत्री ने बताया कि कई सरकारी संपत्तियों पर दरगाह कमेटी के लोगों के अवैध कब्जों की बात जांच में सामने आ रही है। जिन लोगों की सीधे तौर पर संलिप्तता सामने आई है, उनके विरुद्ध एंटी भूमाफिया के तहत शुरूआती कार्रवाई चल रही है। जल्द ही इन्हें भूमाफिया घोषित किया जाएगा।