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एस्मा, एफआईआर की चेतावनी से नहीं डरे एंबुलेंसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारियों को लौटाया
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शिकोहाबाद- हड़ताली एंबुलेंस चालकों से वार्ता करने रिमझिम बारिश में पहुंचे एसडीएम, एसीएमओ और सीओ ?
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। 108, 102 एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल को खत्म करने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा एस्मा और एफआईआर कराने की चेतावनी से एंबुलेंसकर्मी नहीं डरे। हड़ताल को खत्म कराने को पुलिस प्रशासन के अफसर पहुंचे और बातचीत की लेकिन हल नहीं निकलने पर बैरंग लौट गए। हालांकि आपातकालीन की स्थिति में हड़ताल को खत्म करने का आश्वासन दिया।
शिकोहाबाद के रामलीला मैदान में 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही हड़ताल स्थल पर बुधवार भी जारी रही। हड़ताल को समाप्त करने के लिए शासन के निर्देश पर एसडीएम देंवेंद्रप्रताप, सीओ राजवीर सिंह, एसीएमओ केके गुप्ता, एंबुलेंस प्रोग्राम के अधिकारी संदीप शुक्ला, प्रदीप कुमार पहुंचे। एंबुलेंस संगठन के पदाधिकारियों से अफसरों से हड़ताल खत्म कराने को वार्ता की लेकिन एंबुलेंसकर्मियों ने हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया। एसडीएम ने अन्य जिलों में इमरजेंसी सेवा के तौर पर 30 से 35 एंबुलेंस चलाने की बात रखी। लोगों की जान बचाने को पांच 108 एंबुलेंस को संचालित रहेंगी। एक घंटे चली वार्ता में कोई हल नहीं निकलते देख अफसर लौट गए। सीएमओ ने एंबुलेंस संगठन के स्वदेश कुमार और संजय कुमार को कार्यालय बुलाकर हड़ताल को खत्म कराने का प्रयास किया। शासन के आदेशानुसार एस्मा एवं एफआईआर जैसी कार्रवाई होने की जानकारी दी लेकिन एंबुलेंस कर्मी सहमत नहीं हुए। बृहस्पतिवार को हड़ताल जारी रहने का आव्हान किया है।
मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने कहा हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रखेंगे। जनता की इमरजेंसी में तत्काल सहयोग करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
एंबुलेंसकर्मी की हड़ताल खत्म करने को पुलिस प्रशासन के अफसर धरना स्थल पर वार्ता करने गए थे। मैने खुद कार्यालय में बुलाकर हड़ताल खत्म करने को कहा लेकिन वह सहमत नहीं हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को दिक्कत है सभी प्रभारियों को आरबीएसके के वाहन को प्रयोग में लेने के निर्देश दिए हैं। हड़ताल खत्म नहीं होगी शासन के जो निर्देश होंगे उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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डा. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
यह हैं मांगे
- इस आंदोलन में जिन साथियों पर मुकदमा दर्ज या सेवा समाप्ति का पत्र जारी किया है। उनकी बहाली और मुकदमा हटाया जाए।
- ठेका प्रथा को बंद कर एंबुलेंसकर्मियों को एनएचएम के तह शामिल किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान जारी किया जाए।
- एडवांस लाइफ सपोर्ट के जो कर्मचारी निकाले गए हैं, उनको वापस लिया जाए।
- जान पर खेलकर नौकरी करने वाले एंबुलेंसकर्मियों की नौकरी सुरक्षित की जाए।
- 20 हजार की एफडी मांगी जा रही है, इस आदेश को वापस लिया जाए।
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शिकोहाबाद के रामलीला मैदान में 108, 102 एंबुलेंस कर्मचारियों की सात सूत्रीय मांगों को लेकर चल रही हड़ताल स्थल पर बुधवार भी जारी रही। हड़ताल को समाप्त करने के लिए शासन के निर्देश पर एसडीएम देंवेंद्रप्रताप, सीओ राजवीर सिंह, एसीएमओ केके गुप्ता, एंबुलेंस प्रोग्राम के अधिकारी संदीप शुक्ला, प्रदीप कुमार पहुंचे। एंबुलेंस संगठन के पदाधिकारियों से अफसरों से हड़ताल खत्म कराने को वार्ता की लेकिन एंबुलेंसकर्मियों ने हड़ताल खत्म करने से इंकार कर दिया। एसडीएम ने अन्य जिलों में इमरजेंसी सेवा के तौर पर 30 से 35 एंबुलेंस चलाने की बात रखी। लोगों की जान बचाने को पांच 108 एंबुलेंस को संचालित रहेंगी। एक घंटे चली वार्ता में कोई हल नहीं निकलते देख अफसर लौट गए। सीएमओ ने एंबुलेंस संगठन के स्वदेश कुमार और संजय कुमार को कार्यालय बुलाकर हड़ताल को खत्म कराने का प्रयास किया। शासन के आदेशानुसार एस्मा एवं एफआईआर जैसी कार्रवाई होने की जानकारी दी लेकिन एंबुलेंस कर्मी सहमत नहीं हुए। बृहस्पतिवार को हड़ताल जारी रहने का आव्हान किया है।
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मीडिया प्रभारी आशीष मिश्रा ने कहा हमारी मांगे पूरी नहीं होंगी, तब तक हड़ताल जारी रखेंगे। जनता की इमरजेंसी में तत्काल सहयोग करेंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
एंबुलेंसकर्मी की हड़ताल खत्म करने को पुलिस प्रशासन के अफसर धरना स्थल पर वार्ता करने गए थे। मैने खुद कार्यालय में बुलाकर हड़ताल खत्म करने को कहा लेकिन वह सहमत नहीं हुए हैं। गर्भवती महिलाओं को दिक्कत है सभी प्रभारियों को आरबीएसके के वाहन को प्रयोग में लेने के निर्देश दिए हैं। हड़ताल खत्म नहीं होगी शासन के जो निर्देश होंगे उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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डा. नीता कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
यह हैं मांगे
- इस आंदोलन में जिन साथियों पर मुकदमा दर्ज या सेवा समाप्ति का पत्र जारी किया है। उनकी बहाली और मुकदमा हटाया जाए।
- ठेका प्रथा को बंद कर एंबुलेंसकर्मियों को एनएचएम के तह शामिल किया जाए।
- न्यूनतम वेतनमान जारी किया जाए।
- एडवांस लाइफ सपोर्ट के जो कर्मचारी निकाले गए हैं, उनको वापस लिया जाए।
- जान पर खेलकर नौकरी करने वाले एंबुलेंसकर्मियों की नौकरी सुरक्षित की जाए।
- 20 हजार की एफडी मांगी जा रही है, इस आदेश को वापस लिया जाए।