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विशेषज्ञों की सलाह: 10 किलो वजन कम कर लो, नहीं सताएगी बीपी-मधुमेह की चिंता, रहोगे स्वस्थ

Tue, 07 Jan 2020 12:21 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 07 Jan 2020 12:21 AM IST
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Epicon-2020 doctors advice BP and diabetes patients lose 10 kg weight for health
प्रतीकात्मक तस्वीर
आगरा में एपिकॉन-2020 में चिकित्सकों ने उच्च रक्तचाप, मधुमेह हर तीसरे मरीज की परेशानी बताई। दवाओं से इनका नियंत्रण संभव है, लेकिन मर्ज खत्म नहीं होगा। विशेषज्ञ बोले कि लोग (ओवर वेट) अपना 10 किलो वजन कम कर लें तो इन बीमारियों की चिंता नहीं सताएगी। उन्होंने बताया कि मर्ज वही हैं, बस इनकी गंभीरता बढ़ रही है। जरूरी है कि लोग सचेत हों और स्वस्थ दिनचर्या अपनाएं।
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सोमवार को फतेहाबाद रोड स्थित केएनसीसी होटल में एसोसिएशन ऑफ फिजीशियन ऑफ इंडिया (एपीआई) की चार दिवसीय एपिकॉन-2020 का शुभारंभ हो गया। कार्यक्रम का उद्धघाटन प्रदेश चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने किया। इस मौके पर भाजपा सांसद एसपी सिंह बघेल भी मौजूद रहे। 
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पहले दिन उच्च रक्तचाप, मधुमेह, कॉलेस्ट्रोल, किडनी, लिवर की बीमारियों के बचाव और दवाओं की डोज पर 250 चिकित्सकों ने जानकारी दी। एपीआई के अध्यक्ष डॉ. केके पारीख ने कहा कि उच्च रक्तचाप-मधुमेह शरीर के सबसे बड़े दुश्मन साबित हो रहे हैं। इससे ब्रेन स्ट्रोक, सेक्सुअल डिसआर्डर, किडनी, लिवर, हृदय समेत दस से अधिक बीमारियां होने का चार गुना खतरा है। 
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Epicon-2020 doctors advice BP and diabetes patients lose 10 kg weight for health
डॉ. केके पारीख और डॉ. पीके माहेश्वरी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कहा कि 60-70 फीसदी लोग ओवर वेट हैं, इसे नजरअंदाज करने से अन्य बीमारी भी पनपती है। ऐसे लोग अपना वजन 10 किलो कम कर लेते हैं तो मधुमेह-उच्च रक्तचाप का खतरा न के बराबर होगा। 

मरीज ऐसा करेंगे तो बिना दवा के बीपी-मधुमेह नियंत्रित रहने की संभावना 90 फीसदी है। उन्होंने मैदा, नमक, चीनी और तेल का अत्यधिक उपयोग जहर समान बताया। इनका कम से कम उपयोग करना ही बेहतर है। 

एपीआई के उपाध्यक्ष डॉ. एनके सोनी ने कहा कि एंटीबायोटिक दवाओं का बीमारियों पर बेअसर से विश्व स्वास्थ्य संगठन चिंतित है। आधी एंटीबायोटिक दवाओं का मर्ज पर असर नहीं हो रहा है। अब चिकित्सक मजबूरी में 15-20 साल पहले तक उपयोग में लाए जाने वाली एंटीबायोटिक दवाएं इस्तेमाल कर रहे हैं। 
 

Epicon-2020 doctors advice BP and diabetes patients lose 10 kg weight for health
एपिकॉन-2020 में मौजूद विशेषज्ञ - फोटो : अमर उजाला
आयोजन सचिव एसएन मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पीके माहेश्वरी ने बताया कि 40 साल की उम्र होने पर हर तीन महीने में बीपी-मधुमेह की जांच कराई जानी चाहिए। एपीआई इन बीमारियों की दवाओं के उपयोग पर गाइड लाइन बनाई जाएगी, जिस पर सितंबर में गर्वनर बॉडी चर्चा कर अंतिम रूप देगी, जिसे सरकार को भेजा जाएगा। 

असम के डॉ. अभिजीत स्वामी ने मधुमेह रोगियों की किडनी की बीमारी पर व्याख्यान दिया। बताया कि मरीजों को दवाओं से भी किडनी पर असर पड़ता है। ऐेसे में अब ऐसी दवाएं आई हैं, जिससे अत्यधिक प्रोटीन को पेशाब के जरिये निकाला जा सकेगा। इससे किडनी पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, किडनी संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम होगा। इन दवाओं से मरीजों को इलाज दिया जा रहा है।
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