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फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी पाने वाले 270 शिक्षकों पर कार्रवाई की रिपोर्ट तलब
Sat, 22 Jun 2019 02:07 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 22 Jun 2019 02:07 PM IST
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आगरा के डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 के फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर परिषदीय स्कूलों में नौकरी कर रहे शिक्षकों पर कार्रवाई की फिर से रिपोर्ट मांगी गई है। इस बार मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (एडी) बेसिक को खुद रिपोर्ट के साथ सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद के समक्ष 24 जून को पेश होना है। जिले में ऐसे एक भी शिक्षक पर कार्रवाई नहीं हुई है।
एसआईटी की बीएड के फर्जी प्रमाणपत्रों की पहली सूची से जिले में 241 शिक्षक तलाशे गए थे। 5 जनवरी, 2019 को मिली दूसरी सूची से 29 शिक्षक और तलाशे गए। हालांकि इनकी सूची बनाकर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद या अन्य किसी अधिकारी को नहीं दी गई।
बीएसए ने मौखिक रूप से जानकारी दी थी। जबकि अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा ने सूची के आधार पर 15 जनवरी, 2019 तक फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षकों को तलाशने और 30 जनवरी तक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। कई बार रिमाइंडर आए लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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इस पर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद ने नाराजगी जताई है। 24 जून तक एडी बेसिक से रिपोर्ट मांगी है। इसमें तलाशे गए शिक्षकों की संख्या, उनके खिलाफ कार्रवाई की स्थिति की जानकारी मांगी है। पुलिस महानिदेशक, विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) को कार्रवाई से अवगत कराना है।
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एसआईटी की बीएड के फर्जी प्रमाणपत्रों की पहली सूची से जिले में 241 शिक्षक तलाशे गए थे। 5 जनवरी, 2019 को मिली दूसरी सूची से 29 शिक्षक और तलाशे गए। हालांकि इनकी सूची बनाकर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद या अन्य किसी अधिकारी को नहीं दी गई।
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बीएसए ने मौखिक रूप से जानकारी दी थी। जबकि अपर मुख्य सचिव, बेसिक शिक्षा ने सूची के आधार पर 15 जनवरी, 2019 तक फर्जी प्रमाणपत्र लगाने वाले शिक्षकों को तलाशने और 30 जनवरी तक कार्रवाई करने के आदेश दिए थे। कई बार रिमाइंडर आए लेकिन कार्रवाई नहीं की गई।
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इस पर सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद ने नाराजगी जताई है। 24 जून तक एडी बेसिक से रिपोर्ट मांगी है। इसमें तलाशे गए शिक्षकों की संख्या, उनके खिलाफ कार्रवाई की स्थिति की जानकारी मांगी है। पुलिस महानिदेशक, विशेष अनुसंधान दल (एसआईटी) को कार्रवाई से अवगत कराना है।
महज फिरोजाबाद ने दी सूची
मंडल में महज फिरोजाबाद जिले में शिक्षकों की सूची तैयार करके एडी बेसिक कार्यालय को उपलब्ध कराई गई है। सूची में 154 शिक्षकों का नाम शामिल हैं। फरवरी के अंत में सूची भेजी गई थी। हालांकि शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है।
प्रदेश के 2500 टीचरों की मार्कशीट जाली
एसआईटी की जांच में पाया गया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 में टेबुलेशन चार्ट में 3,517 अधिक छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम अंकित कर दिया गया। इसके अलावा 1,053 छात्रों को जाली अंक तालिकाएं जारी की गईं।
इस प्रकार कुल 4,570 छात्रों को फर्जी अंक तालिकाएं वितरित कर उनका समायोजन विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्ट में किया गया। दिसंबर, 2018 में एसआईटी ने फर्जी प्रमाणपत्रों की संशोधित सूची जारी की। इसमें भी करीब 4,500 प्रमाणपत्रों का ब्योरा दिया गया। फर्जी मार्कशीट वाले 2500 लोग सहायक अध्यापक बन गए।
प्रदेश के 2500 टीचरों की मार्कशीट जाली
एसआईटी की जांच में पाया गया कि डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के बीएड सत्र 2004-05 में टेबुलेशन चार्ट में 3,517 अधिक छात्र-छात्राओं का परीक्षा परिणाम अंकित कर दिया गया। इसके अलावा 1,053 छात्रों को जाली अंक तालिकाएं जारी की गईं।
इस प्रकार कुल 4,570 छात्रों को फर्जी अंक तालिकाएं वितरित कर उनका समायोजन विश्वविद्यालय के टेबुलेशन चार्ट में किया गया। दिसंबर, 2018 में एसआईटी ने फर्जी प्रमाणपत्रों की संशोधित सूची जारी की। इसमें भी करीब 4,500 प्रमाणपत्रों का ब्योरा दिया गया। फर्जी मार्कशीट वाले 2500 लोग सहायक अध्यापक बन गए।
हर महीने दिया जा रहा 12.5 करोड़ वेतन
जाली मार्कशीट वाले 2500 शिक्षकों में से अगर एक का औसत वेतन 50,000 लगाया जाए तो इन्हें हर महीने 12.5 करोड़ रुपये वेतन दिया जा रहा है। अकेले आगरा में 270 टीचरों को 1.35 करोड़ रुपये वेतन दिया जा रहा है।
फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों पर कार्रवाई न होने पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक अवध किशोर सिंह ने कहा कि बीएसए को कार्रवाई करनी थी। पांच जनवरी, 2019 को एसआईटी को सूची दे दी गई थी। रिपोर्ट न मिलने पर एक फरवरी को स्मरण पत्र सभी बीएसए को दिया। हर समीक्षा बैठक में प्रगति पूछी गई।
फर्जी मार्कशीट वाले शिक्षकों पर कार्रवाई न होने पर मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक अवध किशोर सिंह ने कहा कि बीएसए को कार्रवाई करनी थी। पांच जनवरी, 2019 को एसआईटी को सूची दे दी गई थी। रिपोर्ट न मिलने पर एक फरवरी को स्मरण पत्र सभी बीएसए को दिया। हर समीक्षा बैठक में प्रगति पूछी गई।