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ताजमहल के बाद इस स्मारक की सुरक्षा में लगी सेंध, चीनी पर्यटकों ने उड़ाया ड्रोन कैमरा
Sat, 23 Mar 2019 07:00 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 23 Mar 2019 07:00 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
आगरा के फतेहपुर सीकरी स्थित हजरत शेख सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में शनिवार दोपहर को चीन के पर्यटकों ने ड्रोन कैमरा उड़ा दिया। एएसआई कर्मियों और सुरक्षाकर्मियों ने ड्रोन उड़ता देखा तो पर्यटकों को पकड़कर ड्रोन नीचे उतरवाया। चीनी पर्यटकों का कहना था कि उन्हें स्मारक में ड्रोन नहीं उड़ाने के निर्देश की जानकारी नहीं थी। माफीनामा लिखवाने के बाद रिकॉर्डिंग डिलीट कराकर पर्यटकों को छोड़ दिया गया।
कभी मुगलिया राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह देखने आए चीनी पर्यटक झांग जियॉन ने साथी के साथ टॉयलेट की ओर से ड्रोन कैमरा निकालकर उड़ाना शुरू कर दिया। यह देख यहां तैनात एएसआई कर्मियों एवं एसआईएस सुरक्षा गार्डों में हड़कंप मच गया।
आनन फानन में पर्यटकों को ड्रोन समेत पकड़कर एएसआई कार्यालय डाक बंगले पर लाया गया। यहां दुभाषियों को लेकर वार्ता की गई। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने अनभिज्ञता जताते हुए माफी मांगी। घटना की जानकारी संरक्षक सहायक कलंदर बिन्द ने अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत कुमार स्वर्णकार को दी। इसके बाद पर्यटकों से माफीनामा लिखाकर ड्रोन कैमरे से सारी रिकार्डिंग डिलीट कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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एएसआई संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि दरगाह परिसर और अन्य संरक्षित स्मारकों में साइनेज, बोर्ड लगाकर ड्रोन कैमरा प्रतिबंधित होने की जानकारी पर्यटकों को दी जाएगी ताकि कोई भी पर्यटक दोबारा ऐसी गतिविधि ना कर सके।
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कभी मुगलिया राजधानी रही फतेहपुर सीकरी में शेख सलीम चिश्ती की दरगाह देखने आए चीनी पर्यटक झांग जियॉन ने साथी के साथ टॉयलेट की ओर से ड्रोन कैमरा निकालकर उड़ाना शुरू कर दिया। यह देख यहां तैनात एएसआई कर्मियों एवं एसआईएस सुरक्षा गार्डों में हड़कंप मच गया।
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आनन फानन में पर्यटकों को ड्रोन समेत पकड़कर एएसआई कार्यालय डाक बंगले पर लाया गया। यहां दुभाषियों को लेकर वार्ता की गई। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने अनभिज्ञता जताते हुए माफी मांगी। घटना की जानकारी संरक्षक सहायक कलंदर बिन्द ने अधीक्षण पुरातत्वविद् वसंत कुमार स्वर्णकार को दी। इसके बाद पर्यटकों से माफीनामा लिखाकर ड्रोन कैमरे से सारी रिकार्डिंग डिलीट कराने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
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एएसआई संरक्षण सहायक कलंदर बिंद ने बताया कि दरगाह परिसर और अन्य संरक्षित स्मारकों में साइनेज, बोर्ड लगाकर ड्रोन कैमरा प्रतिबंधित होने की जानकारी पर्यटकों को दी जाएगी ताकि कोई भी पर्यटक दोबारा ऐसी गतिविधि ना कर सके।