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Driving License: ड्राइविंग लाइसेंस बनवाना और भी मुश्किल, बदला ये नियम; छोटी सी भी गलती...टेस्ट में कराएगी फेल
Tue, 11 Feb 2025 08:35 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
धर्मेंद्र यादव, अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 11 Feb 2025 08:35 AM IST
सार
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए दिल्ली की तरह अब आगरा में भी ऑटोमेटेड टेस्ट होगा। ये प्रक्रिया बेहद कठिन होती है, जिसमें पास होना मुश्किल होता है।
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ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में बदलाव।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
आगरा-मथुरा हाईवे पर पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत पहला ड्राइविंग व ऑटोमोबाइल ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हो गया है। आई-कैट से एप्रूवल मिलने के बाद आरटीओ अधिकारियों ने सेंटर का मुआयना किया। इसमें मार्च से आधुनिक मशीनों से टेस्टिंग और प्रशिक्षण का कार्य शुरू हो जाएगा। आगरा में अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए मैनुअली यानी गाड़ी को चलाकर दिखाना पड़ता है। आरआई पुलिस लाइन में टेस्ट लेते हैं। मशीनीकृत टेस्ट की सुविधा मंडल में केवल मथुरा में उपलब्ध है।
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मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार
अब आगरा में भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को आगरा मथुरा हाईवे स्थित वरदान ड्राइविंग एंड ऑटो मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। इसमें आधुनिक मशीनों से अनुदेशक की उपस्थिति में टेस्ट देना होगा। सेंटर के एमडी संजीव प्रजापति ने बताया कि शासन ने मंडल में आगरा में पहला पीपीपी मॉडल पर सेंटर बनकर तैयार है। इसमें प्रशिक्षित अनुदेशक, दो ट्रैक ऑपरेटर, दो कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 10 लोगों का स्टाफ है। इसमें भारी वाहनों, हल्के वाहनों, दोपहिया और थ्री व्हीलर के लिए भी अलग-अलग टेस्टिंग ट्रैक बनाए गए हैं। भारी वाहनों के चालकों को यहां प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए आरटीओ से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
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अब आगरा में भी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आवेदकों को आगरा मथुरा हाईवे स्थित वरदान ड्राइविंग एंड ऑटो मोबाइल ट्रेनिंग सेंटर बनकर तैयार हो चुका है। इसमें आधुनिक मशीनों से अनुदेशक की उपस्थिति में टेस्ट देना होगा। सेंटर के एमडी संजीव प्रजापति ने बताया कि शासन ने मंडल में आगरा में पहला पीपीपी मॉडल पर सेंटर बनकर तैयार है। इसमें प्रशिक्षित अनुदेशक, दो ट्रैक ऑपरेटर, दो कंप्यूटर ऑपरेटर सहित 10 लोगों का स्टाफ है। इसमें भारी वाहनों, हल्के वाहनों, दोपहिया और थ्री व्हीलर के लिए भी अलग-अलग टेस्टिंग ट्रैक बनाए गए हैं। भारी वाहनों के चालकों को यहां प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इसके लिए आरटीओ से निर्धारित शुल्क लिया जाएगा।
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चार ट्रैकों पर 60 कैमरे
आगरा में पहले सेंटर को गुरुग्राम स्थित आई कैट से तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है। चार ट्रैकों पर 60 कैमरे लगाए गए हैं। इसमें प्रशिक्षणार्थियों की गतिविधियां कैद होंगी। वहीं सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। सोमवार को आरटीओ (प्रशासन) अरुण कुमार, एआरटीओ नानकचंद, आरआई सत्येंद्र कुमार ने सेंटर में तकनीकी मुआयना किया।
आगरा में पहले सेंटर को गुरुग्राम स्थित आई कैट से तकनीकी मंजूरी भी मिल चुकी है। चार ट्रैकों पर 60 कैमरे लगाए गए हैं। इसमें प्रशिक्षणार्थियों की गतिविधियां कैद होंगी। वहीं सेंटर पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। सोमवार को आरटीओ (प्रशासन) अरुण कुमार, एआरटीओ नानकचंद, आरआई सत्येंद्र कुमार ने सेंटर में तकनीकी मुआयना किया।
जल्द शुरू होंगे यहां ड्राइविंग टेस्ट
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस सेंटर पर लाइसेंस आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देने होगा। यहां से ऑनलाइन प्रमाणपत्र निर्गत होगा, जो आरटीओ भेजा जाएगा। इसके बाद ही लाइसेंस बन सकेगा।
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही इस सेंटर पर लाइसेंस आवेदकों को ड्राइविंग टेस्ट देने होगा। यहां से ऑनलाइन प्रमाणपत्र निर्गत होगा, जो आरटीओ भेजा जाएगा। इसके बाद ही लाइसेंस बन सकेगा।