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Kumar Vishwas: 'विपरीत परिस्थितियों से लड़ने के लिए राम से लें प्रेरणा, प्रभु का स्वरूप सबके मन में अपना-अपना'
Sat, 18 Jan 2025 11:19 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sat, 18 Jan 2025 11:19 PM IST
सार
जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि राम की कहानी हर किसी के लिए जानना और सुनना जरूरी है। अगर राम की कहानी सुनाने में अपयश भी मिले तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
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डाॅ. कुमार विश्वास।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
राम को जब वनवास मिला तो उन्होंने किसी राजा से मदद नहीं मांगी। स्वयं आगे बढ़े और मर्यादा पुरुषोत्तम राम बने। इसलिए हमें भी विपरीत परिस्थितियों से लड़ने के लिए राम के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। ये बातें बीएन ग्रुप की ओर से आयोजित अपने-अपने राम के दो दिवसीय सत्र के पहले दिन रामकथा मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने कहीं।
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आगरा के फतेहाबाद रोड स्थित जेपी वेडिंग स्क्वायर में जनसमूह को संबोधित करते हुए डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि राम की कहानी हर किसी के लिए जानना और सुनना जरूरी है। अगर राम की कहानी सुनाने में अपयश भी मिले तो भी पीछे नहीं हटना चाहिए।
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उन्होंने कहा कि यमुना के तट पर राम का गुणगान हो रहा है। इस राम नाम की वर्षा में डुबकी लगाने वाले को भी कुंभ के समान ही फल मिलेगा। राम का स्वरूप सबके मन में अपना-अपना है। किसी के लिए वे एक बेटे के रूप में हैं तो किसी के मन में एक पति, एक भाई और एक राजा के रूप में वास करते हैं।
अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा की वर्षगांठ पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राम का हर रूप आदर्श और मर्यादा से पूर्ण है। अयोध्या को तीन बार उत्सव मनाने का सौभाग्य मिला। पहली बार जब राम का जन्म हुआ, दूसरी बार जब राम वनवास से अयोध्या लौटे और तीसरी बार पांच सदियों के इंतजार के बाद जब अयोध्या में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हुई।
डॉ. विश्वास ने कहा कि जिन लोगों को अध्यात्म या राम समझ नहीं आ रहा है, ये उनकी अपनी परेशानी है। अगर किसी छोटी कक्षा के छात्र को कैलकुलस की किताब पढ़ाओ तो उसे किताब में कुछ समझ ही नहीं आएगा। ठीक उसी प्रकार जिन्हें आध्यात्म का ज्ञान नहीं है, वह उसे नहीं समझ पाएंगे। उन्हें अपना ज्ञान और विज्ञान दोनों बढ़ाने की जरूरत है। सत्र के बीच उन्होंने चलो अब लौट चलें रघुराई..., राम सृष्टा भी हैं और सृष्टि भी हैं...गीत गाकर लोगों को भाव विभोर कर दिया।
निशाने पर बॉलीवुड और राजनीति
डॉ. विश्वास बीच-बीच में राम की महिला से इतर बॉलीवुड और राजनीति पर निशाना लगाते रहे। उन्होंने बिना नाम लिए कई बार बॉलीवुड के कई सितारों के साथ दिल्ली और लखनऊ के नेताओं पर भी निशाना साधा।
डॉ. विश्वास बीच-बीच में राम की महिला से इतर बॉलीवुड और राजनीति पर निशाना लगाते रहे। उन्होंने बिना नाम लिए कई बार बॉलीवुड के कई सितारों के साथ दिल्ली और लखनऊ के नेताओं पर भी निशाना साधा।
कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा भी छेड़ा
राम नाम का बखान करने पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास ने कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा भी छेड़ा। उन्होंने सत्र के बीच अवध में आई गए रघुराई गीत में बृज में आएंगे कन्हाई गाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे की ओर इशारा किया।
राम नाम का बखान करने पहुंचे डॉ. कुमार विश्वास ने कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा भी छेड़ा। उन्होंने सत्र के बीच अवध में आई गए रघुराई गीत में बृज में आएंगे कन्हाई गाकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुद्दे की ओर इशारा किया।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयोजक श्रीराम सेवा मिशन के उपाध्यक्ष और बीएन ग्रुप के चेयरमैन अजय अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, कवि रमेश मुस्कान, मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से आयोजक श्रीराम सेवा मिशन के उपाध्यक्ष और बीएन ग्रुप के चेयरमैन अजय अग्रवाल, केंद्रीय मंत्री एसपी सिंह बघेल, राज्यसभा सांसद नवीन जैन, कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, कवि रमेश मुस्कान, मंडलायुक्त रितु माहेश्वरी, डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।