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जीवन में प्रतिकूलता आने पर घबराएं नहीं
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आगरा। एमडी जैन इंटर कॉलेज मैदान में चल रही श्री पार्श्वकथा के दौरान शुक्रवार को मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने उपवास का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि गृहस्थ अपनी शक्ति के अनुसार उपवास जरूर करें। उपवास के दिन शांति से बैठकर भोजन के समय को भजन में लगाना चाहिए।
मुनिश्री ने अंतरंग तप के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मन, वचन, शरीर, प्रमाद, अज्ञान की वजह से किए गए दोषों का प्रायश्चित करना चाहिए। दूसरों के सामने प्रायश्चित लेकर गलती को स्वीकार करना, यह सबसे पहला अंतरंग तप है। अपनी गलतियों पर मन में दुख करना चाहिए। प्रायश्चित करके अपने मन को शुद्ध करने का भाव पैदा करना चाहिए। कथा से पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ छीपीटोला, नॉर्थ ईदगाह, मधु नगर, सदर शैली की ओर से मंगलाचरण के माध्यम से किया गया। इस दौरान आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश जैन, महामंत्री सुनील जैन, अर्थमंत्री राकेश जैन, प्रदीप जैन, पुष्पेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, अशोक जैन, निर्मल मोठ्या आदि मौजूद रहे।
निर्मल सदन, छीपीटोला में शुक्रवार को मुनि वीर सागर व मुनि विशाल सागर महाराज ने मूक माटी ग्रंथ का वाचन किया। मुनि वीर सागर महाराज ने कहा कि जीवन में प्रतिकूलता आने पर घबराएं नहीं। किसी कार्य को करने के लिए अनुकूलता का इंतजार सही पुरुषार्थ नहीं है। जिनकी आस्था मजबूत होती है, उनके जीवन में प्रतिकूलता भी वरदान साबित होती है। प्रतिकूलता को सहन करने से मन और शरीर मजबूत होगा। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन के मुताबिक 14 अगस्त को पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दोपहर एक बजे मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर व मुनि धवल सागर महाराज का दीक्षा महोत्सव मनाया जाएगा।
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मुनिश्री ने अंतरंग तप के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि मन, वचन, शरीर, प्रमाद, अज्ञान की वजह से किए गए दोषों का प्रायश्चित करना चाहिए। दूसरों के सामने प्रायश्चित लेकर गलती को स्वीकार करना, यह सबसे पहला अंतरंग तप है। अपनी गलतियों पर मन में दुख करना चाहिए। प्रायश्चित करके अपने मन को शुद्ध करने का भाव पैदा करना चाहिए। कथा से पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ छीपीटोला, नॉर्थ ईदगाह, मधु नगर, सदर शैली की ओर से मंगलाचरण के माध्यम से किया गया। इस दौरान आगरा दिगंबर जैन परिषद के अध्यक्ष जगदीश जैन, महामंत्री सुनील जैन, अर्थमंत्री राकेश जैन, प्रदीप जैन, पुष्पेंद्र जैन, जितेंद्र जैन, अशोक जैन, निर्मल मोठ्या आदि मौजूद रहे।
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निर्मल सदन, छीपीटोला में शुक्रवार को मुनि वीर सागर व मुनि विशाल सागर महाराज ने मूक माटी ग्रंथ का वाचन किया। मुनि वीर सागर महाराज ने कहा कि जीवन में प्रतिकूलता आने पर घबराएं नहीं। किसी कार्य को करने के लिए अनुकूलता का इंतजार सही पुरुषार्थ नहीं है। जिनकी आस्था मजबूत होती है, उनके जीवन में प्रतिकूलता भी वरदान साबित होती है। प्रतिकूलता को सहन करने से मन और शरीर मजबूत होगा। मीडिया प्रभारी दिलीप जैन के मुताबिक 14 अगस्त को पारसनाथ दिगंबर जैन मंदिर में दोपहर एक बजे मुनि वीर सागर, मुनि विशाल सागर व मुनि धवल सागर महाराज का दीक्षा महोत्सव मनाया जाएगा।
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