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Air Pollution: सड़कों पर धूल, खुले में निर्माण सामग्री...ग्रेप लागू होने के बाद भी ऐसा हाल, डीएम ने लगाई फटकार
Sun, 07 Dec 2025 10:50 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 07 Dec 2025 10:50 AM IST
सार
उत्तर प्रदेश के आगरा में सरकारी विभाग वायु प्रदूषण को लेकर लापरवाह बने हुए हैं। इसको लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। विभागों को वायु प्रदूषण नियंत्रित करने के लिए दिशा-निर्देश दिए।
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हाईवे पर उड़ती धूल।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू हुए एक महीना बीत गया, लेकिन वायु प्रदूषण कम करने के लिए जिम्मेदार विभाग लापरवाह बने हैं। शनिवार को डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए मेट्रो अधिकारियों को फटकार लगाई। फिर तत्काल वायु प्रदूषण नियंत्रण के उपाय करने के निर्देश दिए। मेट्रो प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद राय को प्रत्येक निर्माण स्थल पर वायु प्रदूषणमापी यंत्र लगाने को कहा।
सदर तहसील में हुई बैठक में डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं के अलावा नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, मेट्रो, जल निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी अमित से एक्यूआईआर की रिपोर्ट तलब की जिसमें बताया कि 2024 में नवंबर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 141 था। इस माह दिसंबर में यह 159 है।
एक्यूआई बढ़ने पर डीएम ने चिंता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त से कहा कि सीएंडडी वेस्ट का उचित निस्तारण होना चाहिए। निर्माण स्थलों पर हरा कपड़ा ढका जाए। नियमों का पालन नहीं करने, कूड़ा जलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा पेड़-पौधों पर भी धूल नहीं जमनी चाहिए।
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सदर तहसील में हुई बैठक में डीएम ने कार्यदायी संस्थाओं के अलावा नगर निगम, लोक निर्माण विभाग, मेट्रो, जल निगम और परिवहन विभाग के अधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण नियंत्रण में लापरवाही मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जुर्माना लगाया जाएगा। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के क्षेत्रीय अधिकारी अमित से एक्यूआईआर की रिपोर्ट तलब की जिसमें बताया कि 2024 में नवंबर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 141 था। इस माह दिसंबर में यह 159 है।
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एक्यूआई बढ़ने पर डीएम ने चिंता व्यक्त करते हुए नगरायुक्त से कहा कि सीएंडडी वेस्ट का उचित निस्तारण होना चाहिए। निर्माण स्थलों पर हरा कपड़ा ढका जाए। नियमों का पालन नहीं करने, कूड़ा जलाने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। सड़कों पर पानी का छिड़काव कराने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने कहा पेड़-पौधों पर भी धूल नहीं जमनी चाहिए।
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फरवरी तक किए जाएंगे ये उपाय
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि अक्तूबर से फरवरी तक ग्रेप लागू है। वायु गुणवत्ता सूचकांक को 101 से 300 तक चार श्रेणियों में बांटा है। जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ेगा। यह उपाय फरवरी तक लागू रहेंगे।
- कचरा और कूड़ा जलाने पर रोक रहेगी।
- डीजल जनरेटर का प्रयोग कम किया जाए।
- वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच होगी।
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ जाएगा।
- हाइब्रिड वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहन को प्राथमिकता।
- कोयला, लकड़ी आदि अलाव में जलाने पर रोक।
- सड़क पर धूल की सफाई, रोज पानी का छिड़काव।
- 15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक।
- निर्माण कार्यों पर हरा कपड़ा ढकना, एंटी स्मॉग गन प्रयोग।
- क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त सड़कों पर ब्लैक टॉपिंग की जाए।
- वाहनों के धुएं की आकस्मिक जांच की जाए।
- निर्माण सामग्री बिना ढके न रहे, पानी छिड़का जाए।
यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी अमित शर्मा ने बताया कि अक्तूबर से फरवरी तक ग्रेप लागू है। वायु गुणवत्ता सूचकांक को 101 से 300 तक चार श्रेणियों में बांटा है। जैसे-जैसे एक्यूआई बढ़ेगा। यह उपाय फरवरी तक लागू रहेंगे।
- कचरा और कूड़ा जलाने पर रोक रहेगी।
- डीजल जनरेटर का प्रयोग कम किया जाए।
- वाहनों के प्रदूषण प्रमाणपत्र की जांच होगी।
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग बढ़ जाएगा।
- हाइब्रिड वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहन को प्राथमिकता।
- कोयला, लकड़ी आदि अलाव में जलाने पर रोक।
- सड़क पर धूल की सफाई, रोज पानी का छिड़काव।
- 15 वर्ष पुराने डीजल-पेट्रोल वाहनों के संचालन पर रोक।
- निर्माण कार्यों पर हरा कपड़ा ढकना, एंटी स्मॉग गन प्रयोग।
- क्षतिग्रस्त और गड्ढायुक्त सड़कों पर ब्लैक टॉपिंग की जाए।
- वाहनों के धुएं की आकस्मिक जांच की जाए।
- निर्माण सामग्री बिना ढके न रहे, पानी छिड़का जाए।