{"_id":"6887a063e4fcb54af60b6d9b","slug":"difficult-sadhana-two-youths-of-dholna-doing-dandauti-kanwar-yatra-on-a-bed-of-nails-for-cow-protection-kasganj-news-c-175-1-kas1001-135089-2025-07-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: कठिन साधना-गोरक्षा के लिए कीलों की शैय्या पर दंडौती कांवड़ यात्रा कर रहे ढोलना के दो युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: कठिन साधना-गोरक्षा के लिए कीलों की शैय्या पर दंडौती कांवड़ यात्रा कर रहे ढोलना के दो युवक
विज्ञापन
कासगंज। भोले की भक्ति और गोरक्षा का संकल्प। मनौती सिर्फ एक कि देश में गो माता पर हो रहे अत्याचार समाप्त हों। गोवंश संवर्धन की इच्छा लेकर ढोलना के दो भक्त कीलों की शैय्या पर दंडौती कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। 24 जुलाई से शुरू हुई है यात्रा 4 अगस्त को समाप्त होगी। उनकी कठिन साधना का पथ 55 किलोमीटर लंबा है और हर दिन दोनों करीब 5 किमी का सफर तय कर रहे हैं।
ढोलना क्षेत्र के दो शिवभक्त अनिल कुमार और रामनरेश की दंडौती कांवड़ यात्रा हर श्रद्धालु को आकर्षित कर रही है। 4 अगस्त को भगवान भोलेनाथ का काली नदी के किनारे बने श्याम देवता घाट के मंदिर पर जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। उनकी यह यात्रा 55 किलोमीटर लंबा मार्ग तय करेगी। 4 दिन में वह करीब 20 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इस 20 किलोमीटर की यात्रा में उनके हाथ पैर व शरीर पर नुकीली कीलों से जख्म हो गए हैं। अनिल और रामनरेश बताते हैं कि उनका संकल्प गोमाता के संरक्षण का है। सरकार गोमाता को राष्ट्रीय पशु के रूप में घोषित करे। इसके साथ निराश्रित गोवंशों का संरक्षण किया जाए। शिवसाधकों ने बताया कि 24 जुलाई को उनकी यात्रा शुरू हुई थी और श्रावण मास के अंतिम सोमवार को समाप्त होगी। उनके साथ यात्रा में पुनीत, ऋषभ, सोहित, मुकेश, पंकज शामिल हैं।
विज्ञापन
ढोलना क्षेत्र के दो शिवभक्त अनिल कुमार और रामनरेश की दंडौती कांवड़ यात्रा हर श्रद्धालु को आकर्षित कर रही है। 4 अगस्त को भगवान भोलेनाथ का काली नदी के किनारे बने श्याम देवता घाट के मंदिर पर जलाभिषेक के साथ यात्रा का समापन होगा। उनकी यह यात्रा 55 किलोमीटर लंबा मार्ग तय करेगी। 4 दिन में वह करीब 20 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं। इस 20 किलोमीटर की यात्रा में उनके हाथ पैर व शरीर पर नुकीली कीलों से जख्म हो गए हैं। अनिल और रामनरेश बताते हैं कि उनका संकल्प गोमाता के संरक्षण का है। सरकार गोमाता को राष्ट्रीय पशु के रूप में घोषित करे। इसके साथ निराश्रित गोवंशों का संरक्षण किया जाए। शिवसाधकों ने बताया कि 24 जुलाई को उनकी यात्रा शुरू हुई थी और श्रावण मास के अंतिम सोमवार को समाप्त होगी। उनके साथ यात्रा में पुनीत, ऋषभ, सोहित, मुकेश, पंकज शामिल हैं।
विज्ञापन