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आगरा नगर निगम में बड़ा खेल: 12 की मंजूरी पर चल रहीं किराए की 37 कारें, पार्षद ने लगाए गंभीर आरोप; जांच शुरू
Fri, 25 Sep 2026 09:07 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Fri, 25 Sep 2026 09:07 PM IST
सार
निर्माण कार्य के लिए बजट न होने से रुके पड़े टेंडरों के कारण पार्षदों ने फजूलखर्ची पर अफसरों को कठघरे में खड़ा किया है। पार्षदों ने पूछा है कि जो गाड़ियां मिलीं, उनसे इस शहर में 2500 किमी अतिरिक्त कैसे चला जा सकता है। रविवार अवकाश निकाल दें तो हर दिन 100 किमी की दूरी शहर में कोई भी अधिकारी अपनी कार से कैसे पूरी कर पाएगा।
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आगरा नगर निगम
विस्तार
नगर निगम में पद में छोटे अधिकारी भी किराए की लग्जरी कारों में सवारी गांठ रहे हैं। किराए में हर माह 16.02 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं। नगर निगम नियमावली के हिसाब से विभागों को आवंटित करके केवल 12 गाड़ियां ही किराए पर ली जा सकती है, लेकिन 37 लग्जरी कारें किराए पर ली गई हैं। इस फिजूलखर्ची पर पार्षदों ने सवाल उठाए हैं। सदन में सवाल लगाकर पूछा है कि जिन अफसरों को किराए की कारें दी गई हैं, उनकी मॉनिटरिंग से नगर निगम को कितना फायदा पहुंचा है।
नगर निगम के संपत्ति, प्रवर्तन, स्वास्थ्य, वर्कशॉप, विद्युत एवं प्रकाश, निर्माण, पशु कल्याण, स्वच्छ भारत जैसे विभागों के लिए वाहनों का आवंटन किया गया है। 37 लग्जरी कारें किराए पर ली गई हैं। इनमें विज्ञापन विभाग, पर्यावरण अभियंता, वृक्षारोपण कार्यक्रम, केयर टेकर, कर निर्धारण अधिकारी, सचिवालय, जेडएसओ समेत 25 कारें अतिरिक्त चलाई जा रही हैं। इन पर पार्षदों ने सवाल खड़े किए हैं। निर्माण कार्य के लिए बजट न होने से रुके पड़े टेंडरों के कारण पार्षदों ने फजूलखर्ची पर अफसरों को कठघरे में खड़ा किया है। पार्षदों ने पूछा है कि जो गाड़ियां मिलीं, उनसे इस शहर में 2500 किमी अतिरिक्त कैसे चला जा सकता है। रविवार अवकाश निकाल दें तो हर दिन 100 किमी की दूरी शहर में कोई भी अधिकारी अपनी कार से कैसे पूरी कर पाएगा।
तय रेट से ढाई गुना ज्यादा एक्स्ट्रा किमी
नगर निगम ने अधिकारियों के लिए किराए की टैक्सी के रूप में होंडा सिटी, इनोवा क्रिस्टा, स्विफ्ट डिजायर ली हैं। इसमें कई गाड़ियां ऐसी हैं जो 30381 रुपये प्रति माह किराए पर हैं लेकिन यह दो से ढाई गुना ज्यादा तक भुगतान कर रही हैं। इनमें ज्यादातर कारों को 1500 से 2500 किमी. अतिरिक्त चला हुआ दिखाया जा रहा है, जिसके लिए ड्राइवर को अतिरिक्त घंटों का और प्रति किमी. भुगतान अलग से किया जा रहा है। इनमें अतिरिक्त घंटे और किमी. के नाम पर 74933 रुपये का भुगतान किया गया है। ऐसी गाड़ियों की संख्या एक दो नहीं, बल्कि दर्जन भर हैं।
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आगरा 20 से 30 किमी. में फैला शहर है मगर अधिकारियों की गाड़ी हर दिन 100 किमी. अतिरिक्त चल रही है। हर दिन 200-250 किमी. निगम के अधिकारी, केयर टेकर कैसे घूम सकते हैं। जो अधिकारी पात्र नहीं, वह भी कारें लेकर घूम रहे हैं, पर नतीजा कुछ नहीं निकल रहा। -रवि माथुर, पार्षद, पीपलमंडी
सफाई की मॉनिटरिंग हो नहीं रही, पर चार-चार अधिकारी निरीक्षण के लिए रखे गए हैं। यह कारों से कहां जाते हैं, यही पता नहीं, जबकि लाखों रुपये टैक्सी पर खर्च हो रहे हैं। यह फजूलखर्ची है। -बंटी माहौर, पार्षद, राजनगर
यह मामला मेरे संज्ञान में जैसे ही आया है। तत्काल भुगतान पर रोक लगा दी है। पुराने बिलों की जांच कराई गई और अब नए बिल में अतिरिक्त किमी के भुगतान तत्काल प्रभाव से रोके हैं। वेंडर के हर बिल की अब जांच होगी और अतिरिक्त घंटों तथा किमी के लिए निगम पेमेंट नहीं करेगा। -संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त
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नगर निगम के संपत्ति, प्रवर्तन, स्वास्थ्य, वर्कशॉप, विद्युत एवं प्रकाश, निर्माण, पशु कल्याण, स्वच्छ भारत जैसे विभागों के लिए वाहनों का आवंटन किया गया है। 37 लग्जरी कारें किराए पर ली गई हैं। इनमें विज्ञापन विभाग, पर्यावरण अभियंता, वृक्षारोपण कार्यक्रम, केयर टेकर, कर निर्धारण अधिकारी, सचिवालय, जेडएसओ समेत 25 कारें अतिरिक्त चलाई जा रही हैं। इन पर पार्षदों ने सवाल खड़े किए हैं। निर्माण कार्य के लिए बजट न होने से रुके पड़े टेंडरों के कारण पार्षदों ने फजूलखर्ची पर अफसरों को कठघरे में खड़ा किया है। पार्षदों ने पूछा है कि जो गाड़ियां मिलीं, उनसे इस शहर में 2500 किमी अतिरिक्त कैसे चला जा सकता है। रविवार अवकाश निकाल दें तो हर दिन 100 किमी की दूरी शहर में कोई भी अधिकारी अपनी कार से कैसे पूरी कर पाएगा।
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तय रेट से ढाई गुना ज्यादा एक्स्ट्रा किमी
नगर निगम ने अधिकारियों के लिए किराए की टैक्सी के रूप में होंडा सिटी, इनोवा क्रिस्टा, स्विफ्ट डिजायर ली हैं। इसमें कई गाड़ियां ऐसी हैं जो 30381 रुपये प्रति माह किराए पर हैं लेकिन यह दो से ढाई गुना ज्यादा तक भुगतान कर रही हैं। इनमें ज्यादातर कारों को 1500 से 2500 किमी. अतिरिक्त चला हुआ दिखाया जा रहा है, जिसके लिए ड्राइवर को अतिरिक्त घंटों का और प्रति किमी. भुगतान अलग से किया जा रहा है। इनमें अतिरिक्त घंटे और किमी. के नाम पर 74933 रुपये का भुगतान किया गया है। ऐसी गाड़ियों की संख्या एक दो नहीं, बल्कि दर्जन भर हैं।
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आगरा 20 से 30 किमी. में फैला शहर है मगर अधिकारियों की गाड़ी हर दिन 100 किमी. अतिरिक्त चल रही है। हर दिन 200-250 किमी. निगम के अधिकारी, केयर टेकर कैसे घूम सकते हैं। जो अधिकारी पात्र नहीं, वह भी कारें लेकर घूम रहे हैं, पर नतीजा कुछ नहीं निकल रहा। -रवि माथुर, पार्षद, पीपलमंडी
सफाई की मॉनिटरिंग हो नहीं रही, पर चार-चार अधिकारी निरीक्षण के लिए रखे गए हैं। यह कारों से कहां जाते हैं, यही पता नहीं, जबकि लाखों रुपये टैक्सी पर खर्च हो रहे हैं। यह फजूलखर्ची है। -बंटी माहौर, पार्षद, राजनगर
यह मामला मेरे संज्ञान में जैसे ही आया है। तत्काल भुगतान पर रोक लगा दी है। पुराने बिलों की जांच कराई गई और अब नए बिल में अतिरिक्त किमी के भुगतान तत्काल प्रभाव से रोके हैं। वेंडर के हर बिल की अब जांच होगी और अतिरिक्त घंटों तथा किमी के लिए निगम पेमेंट नहीं करेगा। -संतोष कुमार वैश्य, नगर आयुक्त