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इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच अब आगरा में ही होगी, डीजीपी ने निरस्त किया अपना आदेश

Sun, 05 Jan 2020 12:57 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Sun, 05 Jan 2020 12:57 AM IST
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DGP canceled his order in the high profile doctor brothers case of agra
बाग फरजाना में डॉ. अमित टंडन की कोठी - फोटो : अमर उजाला
आगरा के बाग फरजाना स्थित सनराइज डायग्नोस्टिक सेंटर के मालिक डॉ. अनुराग टंडन पर हुए जानलेवा हमले की विवेचना अब आगरा में ही होगी। 15 दिन पहले डीजीपी ओपी सिंह ने विवेचना कानपुर ट्रांसफर कर दी थी। 
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मगर, डा. अनुराग टंडन ने अपना पक्ष रखा। अपनी जान का खतरा जताया। इस पर डीजीपी ने पूर्व में दिया आदेश निरस्त कर दिया। इस केस में डा. अनुराग टंडन के बड़े भाई डॉ. अमित टंडन आरोपी हैं। घटना के बाद से वो फरार चल रहे हैं।
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बाग फरजाना में डॉ. अनुराग टंडन और डॉ. अमित टंडन एक ही कोठी में रह रहे थे। छह सितंबर 2019 को दोनों के बीच विवाद हुआ था। आरोप के मुताबिक, डॉ. अनुराग टंडन पर डॉ. अमित टंडन ने हमला बोला। 
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लोहे के एंगल से किया था हमला

अनुराग के सिर में लोहे का एंगल मार दिया। इससे वो घायल हो गए। मामले में अनुराग की पत्नी पारुल टंडन ने मुकदमा दर्ज कराया। अमित टंडन के अलावा डॉ. वैशाली टंडन, कर्मचारी राहुल, दिनेश यादव और उमाशंकर शर्मा आरोपी थे। 

डॉ. अमित टंडन हाईकोर्ट गए थे। मगर, अग्रिम जमानत नहीं मिल सकी। उनकी पत्नी वैशाली टंडन को 23 दिसंबर से थाना हरीपर्वत में सात दिन तक हाजिरी लगाने के निर्देश दिए गए थे।

इसी बीच डीजीपी ओपी सिंह ने विवेचना कानपुर ट्रांसफर कर दी थी। इस पर थाना हरीपर्वत पुलिस ने केस की फाइल अधिकारियों के समक्ष भेज दी थी। डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि शुक्रवार को वो डीजीपी से मिले। उन्हें घटना की जानकारी दी। 

अमित की गिरफ्तारी के लिए दबिश

उन्होंने कहा कि वो पीड़ित हैं। केस में जांच सही तरीके से चल रही है। चार्जशीट लगने वाली है। विवेचना ट्रांसफर होने से उन्हें समस्या का सामना करना पड़ेगा। उनकी तबीयत खराब रहती है। बच्चे छोटे हैं। पत्नी अकेले डायग्नोस्टिक सेंटर चला रही हैं। आगरा से बाहर जाने में उनकी जान को भी खतरा है। 

डीजीपी ने बात सुनने के बाद विवेचना ट्रांसफर संबंधी आदेश को निरस्त कर दिया। इस संबंध में एसएसपी बबलू कुमार को आदेशित किया है। उधर, आदेश निरस्त होते ही थाना हरीपर्वत पुलिस ने आरोपी डॉ. अमित की गिरफ्तारी के लिए उनकी कोठी में भी दबिश दी, लेकिन वो नहीं मिले।

डीजीपी से मिली थीं डॉ. कमलेश टंडन

डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि डीजीपी से बात करने पर पता चला कि उनकी मां डॉ. कमलेश टंडन ने डीजीपी से मुलाकात की थी। उन्होंने इस बारे में डॉ. अनुराग को भी नहीं बताया था। उनके मिलने पर ही डीजीपी ने विवेचना को ट्रांसफर कर दिया था।

अमित ने दिया है समर्पण प्रार्थना पत्र

डॉ. अमित टंडन ने कोर्ट में समर्पण के लिए प्रार्थना पत्र दे रखा है। इसकी तारीख सोमवार को तय हुई है। पुलिस का कहना है कि समर्पण से पहले आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
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