{"_id":"5dc4f4068ebc3e5b1d64d3c6","slug":"devutthana-ekadashi-2019-significance-tulsi-saligram-vivah","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Devutthana Ekadashi 2019: 59 साल बाद बन रहा गुरु-शनि का धनु राशि में योग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Devutthana Ekadashi 2019: 59 साल बाद बन रहा गुरु-शनि का धनु राशि में योग
Fri, 08 Nov 2019 10:24 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 08 Nov 2019 10:24 AM IST
विज्ञापन
भगवान विष्णु
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देवोत्थान एकादशी पर शुक्रवार को 59 साल बाद गुरु-शनि का धुन राशि में योग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य शिवशरण पारासर ने बताया कि इससे पहले 30 अक्तूबर 1960 को ऐसा हुआ था। इस बार धनु राशि में शनि और गुरु के साथ केतु भी रहेगा। ऐसा ही योग 1209 साल पहले 16 अक्तूबर 810 को गुरु, शनि और केतु का योग धनु राशि में था।
उन्होंने बताया कि एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीने की योग निद्रा के बाद जागेंगे। देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी कराया जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने और शालीग्राम के साथ तुलसी विवाह कराने से सभी कष्टों का निवारण होता है।
बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी और राकेश वाजपेयी ने बताया कि गोकुलनाथ मंदिर में कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं तुलसी शालिग्राम का विवाह कराती हैं। इसके लिए बटेश्वर में महिलाएं पहुंचने लगी है। आयोजन की सारी तैयारियां कर ली गई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि एकादशी के दिन श्री हरि विष्णु चार महीने की योग निद्रा के बाद जागेंगे। देवोत्थान एकादशी के दिन भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह भी कराया जाता है। भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करने और शालीग्राम के साथ तुलसी विवाह कराने से सभी कष्टों का निवारण होता है।
विज्ञापन
बटेश्वर मंदिर के पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी और राकेश वाजपेयी ने बताया कि गोकुलनाथ मंदिर में कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं तुलसी शालिग्राम का विवाह कराती हैं। इसके लिए बटेश्वर में महिलाएं पहुंचने लगी है। आयोजन की सारी तैयारियां कर ली गई हैं।
विज्ञापन
खूब बिके गन्ने
देवोत्थान एकादशी पर उठो देव, जागो देव, खुशहाली लाओ देव के आह्वान के साथ चार माह से सोये देवताओं के जागरण का आह्वान होगा। इसके लिए बटेश्वर, बाह, जरार, जैतपुर, भदरौली, बासौनी, नंदगवां, कचौराघाट, चित्राहाट, शाहपुर ब्राह्मण के बाजार में गन्ने की दुकानें लग गई हैं।
गुरुवार को जमकर बिक्री भी हुई। गन्ने और सिंघाडे से पूजन कर देवताओं का आह्वान किए जाने की परंपरा है। घर आंगन में रंगोली बनाई जाती है।
ये भी पढ़ें- अयोध्या फैसला: ताजनगरी में नहीं निकलेंगे जुलूस व रैली, शांति व्यवस्था की बनाई 'रूपरेखा'
गुरुवार को जमकर बिक्री भी हुई। गन्ने और सिंघाडे से पूजन कर देवताओं का आह्वान किए जाने की परंपरा है। घर आंगन में रंगोली बनाई जाती है।
ये भी पढ़ें- अयोध्या फैसला: ताजनगरी में नहीं निकलेंगे जुलूस व रैली, शांति व्यवस्था की बनाई 'रूपरेखा'