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आगरा में टूटा 15 साल का रिकॉर्ड: कोरोना के मुकाबले आठ गुना अधिक मिले डेंगू के मरीज
Thu, 18 Nov 2021 05:09 PM IST
Abhishek Saxena
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Thu, 18 Nov 2021 05:09 PM IST
सार
आगरा में 9,850 नमूनों की जांच में 1,039 में डेंगू मिला है। वहीं 20 लाख नमूनों की जांच में 25,765 कोरोना मरीज मिले थे। हर नौ नमूनों की जांच में डेंगू और 78 नमूनों की जांच में कोरोना वायरस का मरीज मिला है।
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आगरा में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोविड संक्रमितों के मुकाबले डेंगू के मरीज मिलने की दर आठ गुना रही। हर नौ नमूनों की जांच में डेंगू का मरीज मिला है। कोरोना वायरस में हर 78 नमूनों की जांच में एक संक्रमित पाया गया। राहत की बात यह है कि डेंगू से मरने वालों की संख्या बहुत कम रही।
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सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बीते 15 साल के मुकाबले इस बार डेंगू का कहर सबसे ज्यादा रहा। सितंबर से अब तक बुखार के करीब 9850 लोगों की जांच कराई, जिसमें 1039 में डेंगू की पुष्टि हुई। औसतन हर नौ नमूनों की जांच में एक में डेंगू मिला। कोरोना वायरस की बात करें तो बीते साल मार्च से 16 नवंबर तक 20.08 लाख नमूनों की जांच में कोरोना वायरस के 25765 मरीज मिले। इनकी दर करीब हर 78 नमूनों की जांच में कोरोना से एक संक्रमित मिल रहा था। डेंगू में राहत यह रही कि मौत की दर कोरोना वायरस के मुकाबले काफी कम रही। डेंगू से सात मरीजों की ही मौत हुई है। कोरोना से 458 की जान गई।
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चार सीरोटाइप में डेन-2 स्ट्रेन सबसे ज्यादा खतरनाक
एसएन मेडिकल कॉलेज के माइक्रो बायोलॉजी विभाग के डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि डेंगू के डेन-1, डेन-2, डेन-3 और डेन-4 सीरोटाइप हैं, इसमें से डेन-2 इन तीनों के मुकाबले तीन गुना से अधिक खतरनाक है। इससे फेफड़े, लिवर, हृदय प्रभावित हुआ। आंतरिक रक्तस्राव भी हुआ। फिरोजाबाद में सबसे ज्यादा मौत की यह सबसे बड़ी वजह रही।
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15 साल में 2021 में सबसे ज्यादा मरीज
जिला मलेरिया अधिकारी आरके दीक्षित ने बताया कि 2007 में पहली बार आगरा में डेंगू का मरीज चिह्नित हुआ था। पहली बार में 86 मरीज मिले थे। इसके बाद हर साल औसतन 100 से कम ही मरीज रहे, लेकिन 2013 के बाद से मरीजों की संख्या बढ़ने लगी। बीते 15 साल में इस बार रिकॉर्ड मरीज मिले हैं। इससे पहले 2016 में 329 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई थी।
हर साल इतने मिले डेंगू के मरीज:
2007: 86
2008: 23
2009: 27
2010: 65
2011: 32
2012: 54
2013: 109
2014: 62
2015: 219
2016: 329
2017: 64
2018: 190
2019: 144
2020: 25
2021:1039
(जैसा के आरके दीक्षित, जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया)
आगरा: कोरोना पॉजिटिव होने के बाद दिल और फेफड़ों में मिल रही सूजन, प्रदूषण ने फुलाई सांस
2007: 86
2008: 23
2009: 27
2010: 65
2011: 32
2012: 54
2013: 109
2014: 62
2015: 219
2016: 329
2017: 64
2018: 190
2019: 144
2020: 25
2021:1039
(जैसा के आरके दीक्षित, जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया)
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