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जिला अस्पताल मरीजों से फुल, अब सीएचसी में हो रहे भर्ती
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कासगंज के जिला चिकित्सालय में भर्ती डेंगू पीड़ित मरीज
- फोटो : KASGANJ
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कासगंज। ग्राम भैंसोरा में डेंगू, मलेरिया, फेल्सीपेरम का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। चिकित्सक गांव से लगातार मरीजों को भेज रहे हैं। एनएस-1 के 13 मरीजों को गांव से जिला अस्पताल भेजा गया, लेकिन जिला अस्पताल में उन्हें भर्ती करने के लिए जगह नहीं है। इसलिए अब मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) भेजा जा रहा है, लेकिन यहां भी मरीजोें को भर्ती करने की ज्यादा क्षमता नहीं हैं।
गांव में बडे़ पैमाने पर डेंगू, मलेरिया, फेल्सीपेरम के मरीज पाए जा रहे हैं। 31 अक्तूबर से डेंगू के शुरुआती लक्षण एनएस-1 पाए जाने के बाद मरीजों को जिला अस्पताल भेजना शुरू किया। यह सिलसिला मंगलवार को भी बना रहा। जिला अस्पताल में 30 बेड की क्षमता है। पांच दिन में 15 मरीजों की हालत में कुछ सुधार आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है।
दो मरीज बाहर रेफर किया जा चुका हैं। अभी 36 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती है। गांव में सोमवार को 24 मरीजों की स्लाइड बनाई गई थी, जिनमें से 13 मरीजों में एनएस-1 की पुष्टि हुई है, जबकि 7 को मलेरिया व एक को फेल्सीफेरम की पुष्टी हुई। मरीजों को भर्ती करने क लिए जगह न होने पर अब सीएचसी पर व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां भी 10 बेड की व्यवस्था है।
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परिवार के कई सदस्य अस्पताल में भर्ती
ग्राम भैंसोरा से जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, उनके कई सदस्य एनएस-1 से पीड़ित निकल रहे हैं। मंगलवार को भर्ती कराए युवक सोम में एनएस-1 की पुष्टि हुई। उसकी मां व भाई पहले से ही उपचार करा रहे हैं।
मरीजों की होगी दोबारा जांच
अस्पताल में भर्ती जिन 15 मरीजों को हालत में सुधार के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, उनकी री टेस्टिंग होगी। ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज की तिथि से 15 दिन के बाद फिर से चैकअप कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाए कि अब मरीज में संक्रमण नहीं बचा है।
ग्राम भैंसोरा में अब स्थिति नियंत्रण में है। जिन परिवारों में एनएस 1, मलेरिया या फैल्सीपेरम पाया गया है उन परिवारों के शेष बचे सदस्यों का भी चैकअप कराया जाएगा, जिससे संक्रामक रोगों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके।
-डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ
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गांव में बडे़ पैमाने पर डेंगू, मलेरिया, फेल्सीपेरम के मरीज पाए जा रहे हैं। 31 अक्तूबर से डेंगू के शुरुआती लक्षण एनएस-1 पाए जाने के बाद मरीजों को जिला अस्पताल भेजना शुरू किया। यह सिलसिला मंगलवार को भी बना रहा। जिला अस्पताल में 30 बेड की क्षमता है। पांच दिन में 15 मरीजों की हालत में कुछ सुधार आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है।
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दो मरीज बाहर रेफर किया जा चुका हैं। अभी 36 मरीज जिला अस्पताल में भर्ती है। गांव में सोमवार को 24 मरीजों की स्लाइड बनाई गई थी, जिनमें से 13 मरीजों में एनएस-1 की पुष्टि हुई है, जबकि 7 को मलेरिया व एक को फेल्सीफेरम की पुष्टी हुई। मरीजों को भर्ती करने क लिए जगह न होने पर अब सीएचसी पर व्यवस्था की गई है, लेकिन यहां भी 10 बेड की व्यवस्था है।
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परिवार के कई सदस्य अस्पताल में भर्ती
ग्राम भैंसोरा से जो मरीज अस्पताल में भर्ती हैं, उनके कई सदस्य एनएस-1 से पीड़ित निकल रहे हैं। मंगलवार को भर्ती कराए युवक सोम में एनएस-1 की पुष्टि हुई। उसकी मां व भाई पहले से ही उपचार करा रहे हैं।
मरीजों की होगी दोबारा जांच
अस्पताल में भर्ती जिन 15 मरीजों को हालत में सुधार के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, उनकी री टेस्टिंग होगी। ऐसे मरीजों को डिस्चार्ज की तिथि से 15 दिन के बाद फिर से चैकअप कराया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो जाए कि अब मरीज में संक्रमण नहीं बचा है।
ग्राम भैंसोरा में अब स्थिति नियंत्रण में है। जिन परिवारों में एनएस 1, मलेरिया या फैल्सीपेरम पाया गया है उन परिवारों के शेष बचे सदस्यों का भी चैकअप कराया जाएगा, जिससे संक्रामक रोगों पर पूरी तरह से नियंत्रण पाया जा सके।
-डॉ. प्रतिमा श्रीवास्तव, सीएमओ