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वीडियो कॉल पर परिजनों ने देखा अंतिम संस्कार
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कुसमरा (मैनपुरी)। दार्जिलिंग में युवक की डेंगू से मौत हो जाने के बाद परिजन उसके अंतिम दर्शन भी नहीं कर सके। बुधवार को पत्नी ने वहां शव का अंतिम संस्कार कराया। ताऊ-ताई और भाई-भाभी सहित अन्य परिजनों को वीडियो कॉल करके युवक के अंतिम दर्शन कराए गए। चिता को आग लगता देख परिजन फूट फूट कर रो पड़े।
कुसमरा निवासी 29 वर्षीय शिवेंद्र कुमार पुत्र लश्करी लाल पांच साल से पत्नी और बच्चों के साथ दार्जिलिंग में रहने के साथ ही एक होटल में नौकरी कर रहा था। तीन दिन पहले उसकी तबियत अचानक खराब हो गई। परिजनों के अनुसार पत्नी ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर इलाज शुरू हुआ और कोविड 19 की जांच भी कराई गई। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। बुधवार को शिवेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई।
सूचना मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी ने मौत की वजह डेंगू बताया। वहीं शव को गांव लाने में असमर्थता जाहिर की तो ताऊ मुन्ना लाल, भाई रवि और विजेंद्र ने शिवेंद्र के अंतिम दर्शन कराने की बात कही। इस पर पत्नी ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शिवेंद्र के अंतिम दर्शन कराए। परिजनों ने अंत्येष्टि को अपने मोबाइल फोन पर होते देखा। जैसी ही चिता को आग लगी परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। युवक के मां-बाप की पहले ही मौत हो चुकी है।
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तीन साल के मासूम ने दी मुखाग्नि
शिवेंद्र की शादी 27 अप्रैल 2016 को हुई थी। वह दार्जिलिंग में पत्नी और तीन साल के बेटे ऋषि के साथ रह रहा था। शिवेंद्र की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार पत्नी सपना ने कराया। पिता की चिता को मुखाग्नि तीन साल के मासूम ऋषि ने दी।
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कुसमरा निवासी 29 वर्षीय शिवेंद्र कुमार पुत्र लश्करी लाल पांच साल से पत्नी और बच्चों के साथ दार्जिलिंग में रहने के साथ ही एक होटल में नौकरी कर रहा था। तीन दिन पहले उसकी तबियत अचानक खराब हो गई। परिजनों के अनुसार पत्नी ने एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर इलाज शुरू हुआ और कोविड 19 की जांच भी कराई गई। जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। बुधवार को शिवेंद्र की इलाज के दौरान मौत हो गई।
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सूचना मिलने के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी ने मौत की वजह डेंगू बताया। वहीं शव को गांव लाने में असमर्थता जाहिर की तो ताऊ मुन्ना लाल, भाई रवि और विजेंद्र ने शिवेंद्र के अंतिम दर्शन कराने की बात कही। इस पर पत्नी ने वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शिवेंद्र के अंतिम दर्शन कराए। परिजनों ने अंत्येष्टि को अपने मोबाइल फोन पर होते देखा। जैसी ही चिता को आग लगी परिजन दहाड़ मारकर रोने लगे। युवक के मां-बाप की पहले ही मौत हो चुकी है।
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तीन साल के मासूम ने दी मुखाग्नि
शिवेंद्र की शादी 27 अप्रैल 2016 को हुई थी। वह दार्जिलिंग में पत्नी और तीन साल के बेटे ऋषि के साथ रह रहा था। शिवेंद्र की मौत के बाद शव का अंतिम संस्कार पत्नी सपना ने कराया। पिता की चिता को मुखाग्नि तीन साल के मासूम ऋषि ने दी।