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डेन-2 को होगा इलाज, जल्द एसएन में होगा दवा का ट्रायल
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आगरा। जानलेवा बने डेंगू की कारगर दवा आ गई है। इसका एसएन मेडिकल कॉलेज में जल्द ट्रायल शुरू होगा। इस दवा से डेंगू के सभी सीरोटाइप पर असर का प्रभाव देखा जाएगा। चूहों पर ट्रायल में दवा कारगर मिली है। डेंगू के सबसे ज्यादा खतरनाक डेन-2 स्ट्रेन पर भी इस दवा के बेहतर परिणाम आए हैं।
फार्मा कंपनी ने प्यूरीफाइड एक्यूस एक्सट्रैक्ट ऑफ कुक्कुलस हिरसूटस बनाया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दवा के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी दी है। एसएन मेडिकल कॉलेज, लखनऊ व कानपुर समेत देश के 20 मेडिकल कॉलेजों में 500-500 मरीजों पर दवा का ट्रायल कर साइड इफेक्ट देखे जाएंगे। जल्द ही इसके लिए फार्मा कंपनी और एसएन मेडिकल कॉलेज की एथिकल कमेटी के बीच समझौता होगा।
इससे पहले एसएन में रूस की स्पुतनिक कोरोना वैक्सीन का ट्रायल हो चुका है। इसमें 100 लोगों पर वैक्सीन लगाई गई थी। इनमें किसी में भी कोई साइड इफेक्ट नहीं मिला था। अगस्त में यह ट्रायल पूरा हो चुका है।
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डेंगू के 18 से 60 साल के उम्र के मरीजों पर ट्रायल होगा। ट्रायल वाले मरीज में 48 घंटे पहले डेंगू की पुष्टि हो चुकी हो। ऐसे मरीजों को सात दिन तक दवा दी जाएगी। अगले 10 दिन तक और निगरानी रखी जाएगी। इन 17 दिनों में मरीज के हृदय, किडनी, लिवर की नियमित जांच होगी, जिससे किसी तरह के साइड इफेक्ट का पता किया जा सके। ट्रायल के लिए मरीज की अनुमति भी ली जाएगी।
डेंगू के मरीजों पर दवा के ट्रायल के लिए अभी फार्मा कंपनी से करार नहीं हुआ है। संपर्क करने पर करार की प्रक्रिया शुरू कराते हुए ट्रायल कराया जाएगा।
-डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य
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फार्मा कंपनी ने प्यूरीफाइड एक्यूस एक्सट्रैक्ट ऑफ कुक्कुलस हिरसूटस बनाया है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने दवा के क्लीनिकल ट्रायल की मंजूरी दी है। एसएन मेडिकल कॉलेज, लखनऊ व कानपुर समेत देश के 20 मेडिकल कॉलेजों में 500-500 मरीजों पर दवा का ट्रायल कर साइड इफेक्ट देखे जाएंगे। जल्द ही इसके लिए फार्मा कंपनी और एसएन मेडिकल कॉलेज की एथिकल कमेटी के बीच समझौता होगा।
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इससे पहले एसएन में रूस की स्पुतनिक कोरोना वैक्सीन का ट्रायल हो चुका है। इसमें 100 लोगों पर वैक्सीन लगाई गई थी। इनमें किसी में भी कोई साइड इफेक्ट नहीं मिला था। अगस्त में यह ट्रायल पूरा हो चुका है।
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डेंगू के 18 से 60 साल के उम्र के मरीजों पर ट्रायल होगा। ट्रायल वाले मरीज में 48 घंटे पहले डेंगू की पुष्टि हो चुकी हो। ऐसे मरीजों को सात दिन तक दवा दी जाएगी। अगले 10 दिन तक और निगरानी रखी जाएगी। इन 17 दिनों में मरीज के हृदय, किडनी, लिवर की नियमित जांच होगी, जिससे किसी तरह के साइड इफेक्ट का पता किया जा सके। ट्रायल के लिए मरीज की अनुमति भी ली जाएगी।
डेंगू के मरीजों पर दवा के ट्रायल के लिए अभी फार्मा कंपनी से करार नहीं हुआ है। संपर्क करने पर करार की प्रक्रिया शुरू कराते हुए ट्रायल कराया जाएगा।
-डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य