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संस्थागत प्रसव की संख्या कम होने पर डीएम ने प्रकट की नाराजगी

Wed, 30 Mar 2022 11:24 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 30 Mar 2022 11:24 PM IST
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Delivery numbers low at health centers, DM expressed displeasure
मैनुपरी। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक बुधवार को कलक्ट्रेट स्थित सभागार में आयोजित की गई। बैठक के दौरान जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने संस्थागत प्रसव की संख्या कम पाए जाने पर नाराजगी प्रकट की। जननी सुरक्षा योजना सहित सभी योजनाओं का समय से पात्रों को लाभ दिए जाने के निर्देश दिए।
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डीएम ने समीक्षा बैठक में नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि कुछ स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की संचालित योजनाओं की प्रगति निराशाजनक है। उन्होंने संस्थागत प्रसव की स्वास्थ्य केंद्रवार समीक्षा करने पर पाया कि गत वर्ष माह फरवरी 2021 के सापेक्ष इस वर्ष माह फरवरी 2022 तक सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र किशनी में 140, करहल में 497, सुल्तानगंज में 117, बेवर में 260, बरनाहल में 230 एवं कुचेला में 183 संस्थागत प्रसव कम हुए हैं। स्वास्थ्य केंद्र बरनाहल, कुचेला, बेवर, जागीर में हुए संस्थागत प्रसव के सापेक्ष प्रसूताओं को योजना का लाभ उपलब्ध कराने में भी शिथिलता बरती गयी है। डीएम ने सीएमओ और अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित निजी अस्पतालों, अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच कराई जाए।
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जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेशित करते हुए कहा कि सीडीपीओ के माध्यम से प्रत्येक विकास खंड से नियमित रूप से अतिकुपोषित, कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. पीपी सिंह, उप जिलाधिकारी सदर नवोदिता शर्मा, डिप्टी कलेक्टर प्रेम प्रकाश, नरेंद्र कुमार, आदेश सागर मौजूद रहे।
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मैनपुरी। जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने बुधवार को विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और दस्तक अभियान के तहत स्वास्थ्य समन्वय समिति के अधिकारियों के साथ बैठक की। डीएम ने कहा कि संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए संबंधित विभाग के अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर कार्य करें।

गांव-गांव जल निकासी के उचित प्रबंध किए जाएं। प्रत्येक राजस्व गांव में कम से कम 10-10 सोखपिट बनवाए जाएं, किसी भी दशा में कहीं भी नालियों में जल भराव की स्थिति न रहे। प्रतिदिन नालियों की सफाई हो, नियमित रूप से दवा का छिड़काव कराया जाए। मलेरिया विभाग के कर्मियों तथा फ्रंट लाइन वर्कर द्वारा घर-घर भ्रमण के दौरान किए गए सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर वेक्टर घनत्व के आंकड़ों का विश्लेषण कर बचाव की व्यवस्था करें। बैठक में सीडीओ विनोद कुमार, सीएमओ डॉ. पीपीसिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। संवाद
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