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Chandrayaan 3: जो गलती पहले की वो अब नहीं, चंद्रयान-3 की लैंडिंग पर जानें क्या बोले DEI के असिस्टेंट प्रोफेसर
Sat, 15 Jul 2023 09:04 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला, आगरा
अमर उजाला, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 15 Jul 2023 09:04 AM IST
सार
डीईआई के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण प्रताप सिकरवार ने कहा कि लैंडिंग भी बढ़िया रहने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-3 का सफल लॉन्च होना देश की बड़ी उपलब्धि है।
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चंद्रयान-3 लॉन्च।
- फोटो : ANI
विस्तार
चंद्रयान-3 का सफल लॉन्च (प्रक्षेपण) होना देश के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसकी लैंडिंग भी सफल रहने की उम्मीद है। चंद्रयान-2 की लैंडिंग की असफलता के बाद वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 में बहुत कुछ बेहतर किया है। इस बार व्यवस्था बनाई गई है कि यदि लैंडिंग के समय कोई उपकरण गलती करता है तो उसका विकल्प रखा गया है। ये कहना है दयालबाग शिक्षण संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अरुण प्रताप सिकरवार का।
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इसरो का ये है प्लान
डॉ. सिकरवार का कहना है कि देश में अगले चार वर्षों में कई हजार स्टार्टअप और इंटरप्रेन्योरशिप खुलने की उम्मीद है। अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों का रुझान बढ़ेगा। तमाम विश्वविद्यालय नए कोर्स भी शुरू करेंगे। चंद्रयान-3 के सफल होने के बाद देश की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इसरो आने वाले कुछ वर्षों में अफ्रीका के कई देशों और लैटिन अमेरिका के कम्युनिकेशन सेटेलाइट लॉन्च करेगा।ये भी पढ़ें - Chandrayaan 3 Live: सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंचा चंद्रयान-3, 23 अगस्त को इस समय चंद्रमा पर कर सकता है लैंडिंग
खर्च दूसरे देशों की तुलना में कम
इसरो का खर्च नासा या दूसरे देशों की तुलना में काफी कम है। वैश्विक राजनीति में भी देश की धाक बनेगी। हमारा विक्रम लैंडर चंद्रमा के साउथ पोल पर जा रहा है, ऐसा माना जाता है वहां हमेशा अंधेरा रहता है। पानी की उपलब्धता भी वहीं है। चंद्रयान-3 और अधिक खोज करता है तो इसका महत्व और बढ़ जाएगा।ये भी पढ़ें - तांत्रिक की दरिंदगी: तंत्र क्रिया के नाम पर महिला को ले गया मरघट, जबरन बनाए संबंध, वहीं पर खड़ी थी एक और औरत