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Agra: मौत के गड्ढों ने छीनी मासूम की जिंदगी! हादसे के बाद भी नहीं सुधरी सड़क, जिम्मेदार हुए बेपरवाह
Wed, 25 Mar 2026 10:07 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Wed, 25 Mar 2026 10:07 AM IST
सार
कुबेरपुर क्षेत्र की जर्जर सड़क पर बने गड्ढों ने एक मासूम छात्रा की जान ले ली, लेकिन हालात अब भी नहीं बदले हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हादसों के बावजूद न तो सड़क सुधारी जा रही है और न ही जिम्मेदार कार्रवाई कर रहे हैं।
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जर्जर सड़क
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के कुबेरपुर क्षेत्र की बदहाल सड़क पर मौत के गड्ढे बने हुए हैं। भागूपुर-अगवार मार्ग की जर्जर सड़क ने दो सप्ताह पहले ही नौ वर्षीय छात्रा नैना यादव की जान ले ली थी। वहीं एत्मादपुर-बरहन मार्ग की मॉडल सड़क भी गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। यहां भी कई हादसे हो चुके हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर एत्मादपुर-बरहन मार्ग के निर्माण में अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
गांव नगला लाले निवासी छात्रा नैना यादव की मौत के बाद भी हालात जस के तस हैं। उसके स्कूल से गांव अगवार तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई है। 11 मार्च को स्कूल बस में घर लौटते समय गड्ढों से उछलने के कारण वह बस के फर्श में बने बैटरी बॉक्स के खुले हिस्से में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
आज भी इस मार्ग पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। फुटपाथ झाड़ियों से पटे हैं और सड़क की गिट्टियां गायब हो चुकी है। स्थानीय किसान ओमप्रकाश राजपूत, शिवदेव बघेल और मोनू शर्मा का कहना है कि इस सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
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गांव नगला लाले निवासी छात्रा नैना यादव की मौत के बाद भी हालात जस के तस हैं। उसके स्कूल से गांव अगवार तक करीब तीन किलोमीटर लंबी सड़क पूरी तरह उखड़ी हुई है। 11 मार्च को स्कूल बस में घर लौटते समय गड्ढों से उछलने के कारण वह बस के फर्श में बने बैटरी बॉक्स के खुले हिस्से में गिर गई, जिससे उसकी मौत हो गई।
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आज भी इस मार्ग पर कदम-कदम पर गड्ढे हैं। फुटपाथ झाड़ियों से पटे हैं और सड़क की गिट्टियां गायब हो चुकी है। स्थानीय किसान ओमप्रकाश राजपूत, शिवदेव बघेल और मोनू शर्मा का कहना है कि इस सड़क पर आए दिन हादसे होते हैं, लेकिन न तो अधिकारी ध्यान दे रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि।
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