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Cyber Crime: आगरा जोन में 32 महीने में 10 हजार लोगों से ठगी, साइबर अपराधियों से रहें सावधान

Tue, 20 Sep 2022 01:01 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 20 Sep 2022 01:01 PM IST
सार

अनजान कॉल आए तो सावधान रहें। कॉल करने वाला साइबर अपराधी भी हो सकता है, क्योंकि आगरा जोल में बीते 32 महीनों में साइबर अपराधियों ने 10 हजार से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया है। 

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Cyber fraud with ten thousand people in 32 months in Agra Zone
साइबर अपराध (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

साइबर अपराधी लोगों को नए-नए तरीके अपनाकर ठगी का शिकार बना रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी, कभी इनाम निकलने का झांसा देकर कॉल करते हैं। इतना ही नहीं रिश्तेदार, खरीदार, पीएफ कर्मी बनकर भी धोखाधड़ी कर रहे हैं। खाते की जानकारी लेकर रकम निकाल और जमा करा लेते हैं। इस तरह से 32 महीनों में 10,000 लोग शिकार बन चुके हैं। आगरा जोन में साइबर क्राइम के आंकड़े यह बता रहे हैं।

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लोन का झांसा देकर रुपये ठग लिए

राजनगर निवासी सुषमा देवी के पास 4 सितंबर को एक व्यक्ति का फोन आया। उसने कहा कि आवास लोन दिला सकता है। इसके लिए कुछ कागजात भेजने होंगे। सुषमा बातों में आ गईं। उनसे कई बार में 59 हजार रुपये जमा करा लिए गए। फोन करने वाला अब भी रकम मांग रहा है। 15 सितंबर को वह साइबर सेल में शिकायत करने पहुंची।

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मलपुरा निवासी ग्रामीण मुरारीलाल ने बेटे मनीष को 13 सितंबर को किरावली स्थित एटीएम पर रुपये निकालने भेजा। केनरा बैंक के एटीएम पर दो युवक मिल गए। वह मदद करने लगे। झांसे में आकर उसने पिन नंबर बता दिया। रुपये नहीं निकले तो युवक उसे दो अन्य एटीएम पर ले गए। इसी बीच डेबिट कार्ड बदल दिया। बाद में उसके खाते से 84200 रुपये निकाल लिए गए। एक दुकान से शराब भी खरीदी।

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साइबर थाने में पांच लाख से कम का मामला नहीं

पुलिस लाइन में तीन साल पहले रेंज साइबर थाना खोला गया था। इसमें साइबर क्राइम के जानकार निरीक्षकों को लगाया गया। इसमें पहले एक लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले दर्ज करने की व्यवस्था की गई। अब पांच लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामलों में साइबर थाना में मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। 

इससे कम रकम के मुकदमे पीड़ित के संबंधित थानों में लिखे जा रहे हैं। पीड़ित थानों में मुकदमे दर्ज नहीं करने की शिकायत करते हैं। उनको थाने और साइबर सेल के कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। मुकदमा दर्ज होने में एक या दो नहीं महीनों का समय लग जाता है।

पोर्टल, हेल्पलाइन पर की जा सकती हैं शिकायतें

पुलिस के मुताबिक, साइबर अपराध की घटना होने पर पीड़ित टोल फ्री नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यूपी 112 पर भी कॉल कर सकते हैं। इन दोनों पर शिकायत सुनी जाएगी। तत्काल कार्रवाई होगी। साइबर क्राइम पोर्टल पर भी अपनी शिकायत कर सकते हैं।

शिकायत पर बंद कराते हैं संबंधित खातों को

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि साइबर क्राइम की शिकायत मिलने पर साइबर सेल से जांच कराई जाती है। जिन खातों में रकम जाती है, उनको बंद कराते हैं, जिससे रकम वापस हो सके। थानों में मुकदमा भी दर्ज कराते हैं। थानों में साइबर क्राइम के एक्सपर्ट पुलिसकर्मी तैनात हैं।

यह है आंकड़ा

कॉल करके, यूपीआई और ई वालेट से रकम निकालना : 10,000
डेबिट-क्रेडिट कार्ड से धोखाधड़ी: 1500
(आगरा जोन में वर्ष 2020 से अगस्त 2022 तक का साइबर क्राइम का आंकड़ा)

जानकारी के अभाव में बन रहे शिकार

पुलिस के मुताबिक, स्मार्ट फोन का प्रयोग कर रहे लोग कई बार जानकारी के अभाव में साइबर अपराधी का शिकार बन जाते हैं। अपराधी मोबाइल पर लिंक भेजते हैं, जिस पर क्लिक करते ही मोबाइल हैक हो सकता है। ई वालेट में क्यूआर कोड भेजकर भी रकम ट्रांसफर कर लेते हैं।

अनजान कॉल के झांसे में नहीं आएं

एडीजी जोन राजीव कृष्ण ने बताया कि लोगों को जागरूक रहने की जरूरत है। अनजान लोगों के कॉल आने पर झांसे में नहीं आएं। मोबाइल पर आने वाले लिंक पर बिना जानकारी के क्लिक नहीं करें। रिश्तेदार बनकर कोई रुपये मांगे तो कॉल काट दें। थाने से लेकर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस तत्काल मदद करेगी।
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