क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड: आगरा के व्यापारी को फंसाया, दिया 150 गुना लाभ का लालच, गवां बैठा 20 लाख रुपये
क्रिप्टोकरेंसी फ्रॉड में आगरा में पहला मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें ग्वालियर में आरोपी पकड़ा गया। वहीं दो आरोपी विदेश भाग निकले।
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क्रिप्टोकरेंसी में रुपये लगाकर मुनाफे की सोच रहे हैं तो संभल जाएं। इस वर्चुअल करेंसी में जोखिम बहुत है। आगरा के एक व्यापारी के साथ ऐसा ही हुआ था। निवेश का झांसा देकर 150 गुना तक का लाभ बताकर 20 लाख रुपये जमा करा लिए गए। मगर, कोई फायदा नहीं हुआ। जमा रकम भी हड़प ली गई। बाद में पीड़ित ने मुकदमा दर्ज कराया। मगर, पुलिस आरोपी को नहीं पकड़ सकी।
न्यू आगरा क्षेत्र के व्यापारी जय प्रताप सिंह के साथ धोखाधड़ी हुई थी। उन्होंने क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर धोखाधड़ी का पहला मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि अगस्त 2020 में उन्हें कोयल करेंसी के नाम पर ठगा गया, जिसके छह महीने में एक रुपये से 150 रुपये प्रति करेंसी होने का दावा किया था। उनसे 20 लाख लिए गए। मगर, कोई मुनाफा नहीं हुआ। उन्होंने तीन आरोपी रवि पंचाल, सुभाष जेवरिया और देवेंद्र पंचाल उर्फ बंटी के खिलाफ मुकदमा लिखाया। पुलिस आरोपियों को नहीं पकड़ पाई। दूसरा मुकदमा आरोपियों के खिलाफ ग्वालियर में लिखा गया था। वहां के व्यापारी से 1.50 करोड़ की धोखाधड़ी की थी। ग्वालियर पुलिस ने एक आरोपी सुभाष को गिरफ्तार कर जेल भेजा। उसने कई लोगों से ठगी की थी। देवेंद्र और रवि विदेश भाग गए थे। आगरा पुलिस ने भी आरोपी से पूछताछ की थी। जय प्रताप सिंह रकम वापसी के लिए भटक रहे हैं।
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क्रिप्टोकरेंसी क्या है?
साइबर सेल के एक्सपर्ट विजय तोमर ने बताया कि हर देश की अपनी एक अलग-अलग मुद्रा होती है। भारत में रुपये, अमेरिका में डालर, सऊदी अरब में रियाल आदि। मगर, क्रिप्टोकरेंसी इन मुद्राओं से अलग होती है। क्रिप्टो वो मुद्रा है, जिसे आप देख और छू नहीं सकते हैं। यह छुपा हुआ होता है। ये एक प्रकार का डिजीटल रुपया है। इसे सिर्फ आनलाइन रूप में अपने पास रखा जा सकता है। इनमें बिटक्वाइन, एथेरियम, लाइटकॉइन शामिल हैं। इसकाे कोई कंट्रोल नहीं करता है। कोई डिजीटल फुट प्रिंट भी नहीं करता है। यह मल्टीलेयर में होती है। वर्चुअल करेंसी को ऑनलाइन वाॅलेट में रखा जाता है। इसका लेन-देन वाॅलेट में ही छुपा हुआ रहता है। इसका खाता ब्लाकचेन नामक एक सार्वजनिक डिजिटल खाता बही पर दर्ज किया जाता है।
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कैसे होती है ठगी
पिछले कुछ सालों में लोगों में क्रिप्टोकरेंसी का क्रेज बढ़ा है। इसकी वजह है कि क्रिप्टोकरेंसी के कुछ ही समय में दोगुना से लेकर दस गुना तक बढ़ऩे का आश्वासन दिया जाता है। गिरोह झांसा देते हैं कि रकम लगाने पर डुबेगी नहीं।
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सुरक्षित तरीके से करें निवेश
साइबर एक्सपर्टके मुताबिक, किसी भी क्रिप्टोकरेंसी में निवेश से पहले जानकार व्यक्ति से अच्छी तरह से समझ लें। इससे जुड़ी किसी वेबसाइट व एप्लीकेशन की प्रमाणिकता की जांच कर लें। ध्यान रहे कि यह किसी सरकार या बैंकिंग सिस्टम के अधीन नहीं है। धोखाधड़ी होने पर पुलिस की मदद लें।