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विवि की हेल्प डेस्क पर लगी छात्रों की भीड़, 190 प्रार्थना पत्र आए
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आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में सोमवार को हेल्प डेस्क पर छात्रों की भारी भीड़ रही। दूरदराज से आए छात्रों ने हेल्प डेस्क पर अंकतालिका, डिग्री न मिलने समेत अन्य समस्या के समाधान को प्रार्थनापत्र दिए।
विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर सोमवार को 190 प्रार्थनापत्र आए, इसमें से अधिकांश अंकतालिका-डिग्री न मिलने, नामांकन संख्या, अंकतालिकाओं में नाम, विषयों में त्रुटियां, एक विषय के अंक दर्ज न होना जैसी परेशानी के रहे। अलीगढ़, हाथरस, एटा, इटावा, मथुरा समेत आसपास जिलों से आए छात्रों ने बताया कि औसतन आठ से दस बार चक्कर काटने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि मुख्य परीक्षा संपन्न कराने के बाद लंबित अंकतालिका और डिग्री के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, तब तक जितने भी प्रार्थनापत्र आ रहे हैं, उनका सात दिन में समाधान कराने को कहा है।
बीएड की डिग्री के लिए पांच बार दिया प्रार्थनापत्र
अलीगढ़ से आए प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि उनकी बहन की 2012 बीएड की डिग्री है। फरवरी में आवेदन किया था। डिग्री न मिलने पर तीन बार बहन प्रार्थना पत्र दे चुकी है, अब बीते दो बार से मैं चक्कर काट रहा हूं। अभी तक डिग्री नहीं मिल पाई है।
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अंकतालिका के लिए कॉलेज-विवि के काट रहा चक्कर
मैनपुरी के सुनील यादव ने बताया कि बीए 2019 की अंकतालिका है। अंकतालिका नहीं मिली है, कॉलेज वाले बता रहे कि विश्वविद्यालय से नहीं आई, यहां के कर्मचारी बता रहे कि कॉलेज मार्कशीट भेज दी है। पांच महीने से चक्कर काट रहा हूं।
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विश्वविद्यालय की हेल्प डेस्क पर सोमवार को 190 प्रार्थनापत्र आए, इसमें से अधिकांश अंकतालिका-डिग्री न मिलने, नामांकन संख्या, अंकतालिकाओं में नाम, विषयों में त्रुटियां, एक विषय के अंक दर्ज न होना जैसी परेशानी के रहे। अलीगढ़, हाथरस, एटा, इटावा, मथुरा समेत आसपास जिलों से आए छात्रों ने बताया कि औसतन आठ से दस बार चक्कर काटने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। परीक्षा नियंत्रक अजय कृष्ण यादव ने बताया कि मुख्य परीक्षा संपन्न कराने के बाद लंबित अंकतालिका और डिग्री के लिए एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा, तब तक जितने भी प्रार्थनापत्र आ रहे हैं, उनका सात दिन में समाधान कराने को कहा है।
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बीएड की डिग्री के लिए पांच बार दिया प्रार्थनापत्र
अलीगढ़ से आए प्रदीप वार्ष्णेय ने बताया कि उनकी बहन की 2012 बीएड की डिग्री है। फरवरी में आवेदन किया था। डिग्री न मिलने पर तीन बार बहन प्रार्थना पत्र दे चुकी है, अब बीते दो बार से मैं चक्कर काट रहा हूं। अभी तक डिग्री नहीं मिल पाई है।
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अंकतालिका के लिए कॉलेज-विवि के काट रहा चक्कर
मैनपुरी के सुनील यादव ने बताया कि बीए 2019 की अंकतालिका है। अंकतालिका नहीं मिली है, कॉलेज वाले बता रहे कि विश्वविद्यालय से नहीं आई, यहां के कर्मचारी बता रहे कि कॉलेज मार्कशीट भेज दी है। पांच महीने से चक्कर काट रहा हूं।