{"_id":"57b367444f1c1bd0596eaf38","slug":"young-punks-pits-shot-dead","type":"story","status":"publish","title_hn":"बदमाशों से भिड़ा युवक, गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बदमाशों से भिड़ा युवक, गोली मारकर हत्या
अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 17 Aug 2016 12:49 AM IST
विज्ञापन
हत्या
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोदला की पुरानी आबादी में घर में घुसे बदमाशों को देख युवक उनसे भिड़ गया। उसने एक बदमाश को पकड़ लिया। यह देख साथी बदमाशों ने उसे गोली मार दी और भाग निकले। इधर, परिवारीजन लहूलुहान हालत में युवक को अस्पताल ले गए। जहां डाक्टरों ने उसकी मौत की पुष्टि की। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुरानी आबादी निवासी शशि कपूर पुत्र दाऊदयाल आवास विकास कालोनी के सेक्टर एक स्थित बंसल नर्सिंगहोम में कंपाउंडर था। वह अपने बड़े भाई गब्बर सिंह, कैलाश और विजय के साथ रहता था, जबकि पिता और मां चमेली देवी घर के सामने दूसरे मकान में रहते हैं। दाऊदयाल ने बताया कि उनके बड़े भाई सोबर सिंह की तबियत खराब थी। रविवार को पत्नी के साथ भाई को देखने गए थे। घर पर ताला लगा गए। रात तकरीबन तीन बजे दो बाइक पर आए पांच-छह बदमाशों ने घर के ताले तोड़ दिए। बेटा शशि पानी पीने के लिए जगा था। उसने घर के बाहर आहट सुनकर भाई कैलाशी को आवाज दी लेकिन कूलर के शोर में उन्हें पता नहीं चला। इस पर शशि अकेला ही बाहर आया और एक बदमाश को पकड़ लिया। उनमें गुत्थमगुत्था के बीच शशि ने शोर मचाया तो साथी बदमाश आ गए। उन्होंने शशि पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुन मोहल्ले के लोग निकल आए। यह देख बदमाश अपनी बाइक और बैग छोड़कर भाग निकले। कैलाश ने शशि को नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर थाने की फोर्स पहुंच गई। घटना से आक्रोशित लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर की सतर्कता के बावजूद इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई।
‘हास्पिटल स्टाफ की लापरवाही से हुई मौत’
कैलाश का आरोप है कि शशि को तत्काल सेक्टर एक स्थित हास्पिटल में भर्ती कराया था। हास्पिटल स्टाफ ने कहा कि शशि को गोली छूकर निकल गई है। जल्द ही डाक्टर को बुलाकर इलाज शुरू करा देंगे। इसके बाद 10 हजार रुपये जमा करने को कहा। मगर, न तो डाक्टर को बुलाया और न ही किसी तरह का उपचार शुरू किया, एक्सरे तक नहीं कराया गया। हास्पिटल स्टाफ की लापरवाही से शशि की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई। कैलाश ने हास्पिटल स्टाफ और डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए जगदीशपुरा थाना में तहरीर दी है।
विज्ञापन
फर्जी निकले बाइक के नंबर
बदमाश दो बाइक छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने उनके नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। वहीं पुलिस ने सोमवार सुबह दाऊदयाल के घर के सामने से एक मोबाइल भी बरामद किया। आशंका है कि मोबाइल बदमाश का का गिर गया होगा। दो बैग भी छोड़ गए। एक बैग में पांच कपड़े हैं, जबकि दूसरे में कुछ जेवरात मिले हैं। पुलिस उनके बारे में पड़ताल में जुटी है।
बड़ा मददगार था शशि
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शशि कंपाउंडर था। जब कभी किसी को इंजेक्शन लगवाने और दवाई के बारे में जानने की जरूरत पड़ती थी तो वह उसी के पास जाते थे। वह कभी भी किसी की मदद के लिए इनकार नहीं करता था। उसके बड़े भाई जूता फैक्ट्री में काम करते हैं। शशि अविवाहित था।
विज्ञापन
पुरानी आबादी निवासी शशि कपूर पुत्र दाऊदयाल आवास विकास कालोनी के सेक्टर एक स्थित बंसल नर्सिंगहोम में कंपाउंडर था। वह अपने बड़े भाई गब्बर सिंह, कैलाश और विजय के साथ रहता था, जबकि पिता और मां चमेली देवी घर के सामने दूसरे मकान में रहते हैं। दाऊदयाल ने बताया कि उनके बड़े भाई सोबर सिंह की तबियत खराब थी। रविवार को पत्नी के साथ भाई को देखने गए थे। घर पर ताला लगा गए। रात तकरीबन तीन बजे दो बाइक पर आए पांच-छह बदमाशों ने घर के ताले तोड़ दिए। बेटा शशि पानी पीने के लिए जगा था। उसने घर के बाहर आहट सुनकर भाई कैलाशी को आवाज दी लेकिन कूलर के शोर में उन्हें पता नहीं चला। इस पर शशि अकेला ही बाहर आया और एक बदमाश को पकड़ लिया। उनमें गुत्थमगुत्था के बीच शशि ने शोर मचाया तो साथी बदमाश आ गए। उन्होंने शशि पर गोली चला दी। गोली की आवाज सुन मोहल्ले के लोग निकल आए। यह देख बदमाश अपनी बाइक और बैग छोड़कर भाग निकले। कैलाश ने शशि को नजदीक के निजी अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन दो घंटे बाद उसकी मौत हो गई। सूचना पर थाने की फोर्स पहुंच गई। घटना से आक्रोशित लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस पर की सतर्कता के बावजूद इतनी बड़ी वारदात कैसे हो गई।
विज्ञापन
‘हास्पिटल स्टाफ की लापरवाही से हुई मौत’
कैलाश का आरोप है कि शशि को तत्काल सेक्टर एक स्थित हास्पिटल में भर्ती कराया था। हास्पिटल स्टाफ ने कहा कि शशि को गोली छूकर निकल गई है। जल्द ही डाक्टर को बुलाकर इलाज शुरू करा देंगे। इसके बाद 10 हजार रुपये जमा करने को कहा। मगर, न तो डाक्टर को बुलाया और न ही किसी तरह का उपचार शुरू किया, एक्सरे तक नहीं कराया गया। हास्पिटल स्टाफ की लापरवाही से शशि की मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली लगने की पुष्टि हुई। कैलाश ने हास्पिटल स्टाफ और डाक्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए जगदीशपुरा थाना में तहरीर दी है।
विज्ञापन
फर्जी निकले बाइक के नंबर
बदमाश दो बाइक छोड़कर भाग गए थे। पुलिस ने उनके नंबर की डिटेल निकाली तो पता चला कि बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। वहीं पुलिस ने सोमवार सुबह दाऊदयाल के घर के सामने से एक मोबाइल भी बरामद किया। आशंका है कि मोबाइल बदमाश का का गिर गया होगा। दो बैग भी छोड़ गए। एक बैग में पांच कपड़े हैं, जबकि दूसरे में कुछ जेवरात मिले हैं। पुलिस उनके बारे में पड़ताल में जुटी है।
बड़ा मददगार था शशि
मोहल्ले के लोगों ने बताया कि शशि कंपाउंडर था। जब कभी किसी को इंजेक्शन लगवाने और दवाई के बारे में जानने की जरूरत पड़ती थी तो वह उसी के पास जाते थे। वह कभी भी किसी की मदद के लिए इनकार नहीं करता था। उसके बड़े भाई जूता फैक्ट्री में काम करते हैं। शशि अविवाहित था।