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थर्ड डिग्री के शिकार योगेश को पड़ा हार्टअटैक
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
Updated Sat, 05 Dec 2015 02:02 AM IST
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सराफ धन कुमार जैन पर हुए जानलेवा हमला का फर्जी खुलासा करने के लिए प्रापर्टी डीलर योगेश गौतम को दी गई थर्ड डिग्री ने उसकी जान खतरे में डाल दी है। पुलिस ने जुर्म कुबूल कराने के लिए उसे रातभर बेरहमी से पीटा था। इसके चलते एक तो वह डिप्रेशन में आ गया है। दूसरा, उसके पूरे बदन में असहनीय दर्द है। पल भर भी चैन से सो नहीं पा रहा। नतीजा यह हुआ कि शुक्रवार को उसे हार्टअटैक पड़ गया।
उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका कहना है कि वह जैसे ही सोने के लिए आंखे बंद करता है, उसका सिर चकराने लगता है, ऐसे लगता है जैसे पुलिस अभी उसे बर्बरता से पीट रही है। पसलियों में इतना दर्द है कि सहन नहीं होता। पुलिस ने उसे पहले पुलिस लाइन के पास एक घर में पीटा। इसके बाद एमएम गेट थाना में रात भर उसे थर्ड डिग्री दी गई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
उसके भाई राहुल ने बताया कि सीने में तेज दर्द की शिकायत पर उसे श्रीराम हॉस्पिटल लाए थे। डाक्टर ने बताया है कि डिप्रेशन और हाई ब्लड प्रेशर के चलते दिल का दौरा पड़ा है। उसका उपचार चल रहा है। उसके साथ पुलिस ने उसकी फर्म के कर्मचारी प्रमोद को भी थर्ड डिग्री दी थी। उसकी तबीयत भी खराब बताई गई है। गौरतलब है कि योगेश ने आरोप लगाया था कि पांच लाख की डिमांड पूरी न होने पर क्राइम ब्रांच इंचार्ज आशीष कुमार ने उसे फंसाया था।
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यह था पूरा मामला
22 नवंबर को सराफ धन कुमार जैन पर जानलेवा हमला किया गया था। 23 को पुलिस ने योगेश और प्रमोद को हिरासत में ले लिया। दोनों को थर्ड डिग्री दी गई। 25 को जेल भेज दिए गए। बाद में साबित हुआ कि खुलासा फर्जी है। इस पर 27 को जेल से बाहर आ गए। लेकिन तबीयत खराब है।
फर्जी खुलासा साबित, कार्रवाई कुछ नहीं
पुलिस ने खुद ही मान लिया कि योगेश और प्रमोद का घटना से कोई मतलब नहीं, उसे फर्जी फंसाया गया था। असली गुनहगार भी सामने आ गए। इसके बावजूद उस पुलिस टीम पर कार्रवाई नहीं की गई जिसने दो बेगुनाहों को संगीन जुर्म में बगैर किसी साक्ष्य के गिरफ्तार किया।
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उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसका कहना है कि वह जैसे ही सोने के लिए आंखे बंद करता है, उसका सिर चकराने लगता है, ऐसे लगता है जैसे पुलिस अभी उसे बर्बरता से पीट रही है। पसलियों में इतना दर्द है कि सहन नहीं होता। पुलिस ने उसे पहले पुलिस लाइन के पास एक घर में पीटा। इसके बाद एमएम गेट थाना में रात भर उसे थर्ड डिग्री दी गई। इसके बाद उसे जेल भेज दिया गया।
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उसके भाई राहुल ने बताया कि सीने में तेज दर्द की शिकायत पर उसे श्रीराम हॉस्पिटल लाए थे। डाक्टर ने बताया है कि डिप्रेशन और हाई ब्लड प्रेशर के चलते दिल का दौरा पड़ा है। उसका उपचार चल रहा है। उसके साथ पुलिस ने उसकी फर्म के कर्मचारी प्रमोद को भी थर्ड डिग्री दी थी। उसकी तबीयत भी खराब बताई गई है। गौरतलब है कि योगेश ने आरोप लगाया था कि पांच लाख की डिमांड पूरी न होने पर क्राइम ब्रांच इंचार्ज आशीष कुमार ने उसे फंसाया था।
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यह था पूरा मामला
22 नवंबर को सराफ धन कुमार जैन पर जानलेवा हमला किया गया था। 23 को पुलिस ने योगेश और प्रमोद को हिरासत में ले लिया। दोनों को थर्ड डिग्री दी गई। 25 को जेल भेज दिए गए। बाद में साबित हुआ कि खुलासा फर्जी है। इस पर 27 को जेल से बाहर आ गए। लेकिन तबीयत खराब है।
फर्जी खुलासा साबित, कार्रवाई कुछ नहीं
पुलिस ने खुद ही मान लिया कि योगेश और प्रमोद का घटना से कोई मतलब नहीं, उसे फर्जी फंसाया गया था। असली गुनहगार भी सामने आ गए। इसके बावजूद उस पुलिस टीम पर कार्रवाई नहीं की गई जिसने दो बेगुनाहों को संगीन जुर्म में बगैर किसी साक्ष्य के गिरफ्तार किया।