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थाने में ‘मयखाना’ बाहर लगा मजमा
अमर उजाला आगरा
Updated Mon, 09 May 2016 12:47 AM IST
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श्ाराब
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
थाना जगदीशपुरा में आजकल मयखाना जैसा नजारा है। दो दिन से यहां पर तस्करी की देशी और अंग्रेजी शराब को नष्ट किया जा रहा है। शराब को थाने में जमीन में गड्ढा खोदकर डाला जा रहा है। यह नजारा देखकर थाने के बाहर सुबह से भीड़ लगी रहती है। कहीं कोई बोतल उठाकर न ले जाए, इस कारण थाना पुलिस को मुस्तैद किया गया है।
डीजीपी ने आदेश दिया था कि थानों में माल मुकदमाती के रूप में रखी तस्करी की शराब को नष्ट किया जाए। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने 2008 से 2015 तक देशी शराब के 3069 पौव्वे और अंग्रेजी शराब की 7102 बोतलें पकड़ी थीं। 107 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें अंग्रेजी शराब के 38 और देशी शराब के 69 मुकदमे शामिल हैं। कुल 113 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने शराब को नष्ट करने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने शराब को नष्ट करने के आदेश दिए। शनिवार को मजिस्ट्रेट ने निरीक्षण किया। इसके बाद इसे नष्ट करने का काम शुरू किया गया। इसके लिए ठेकेदार आशिफ को लगाया है। उसके कर्मचारी अरुण, अजय, आशू संतोष आदि लगे हैं। बोतलों को माल खाने से निकालकर परिसर में रख दिया गया है। बता दें, थाना घनी आबादी क्षेत्र में है। जब शराब के शौकीनों को इसकी भनक लगी तो उनकी भीड़ लग गई। इससे पुलिस मुश्किल में आ गई। पुलिस अब बेवजह किसी को भी थाने के अंदर नहीं आने दे रही है।
...और होेने लगा नशा
शराब की तेज गंध भी थाने में फैलने लगी है। इससे जहां बोतलें खाली करने वाले कर्मचारी भी नशे में आ गए, वहीं पुलिसकर्मियों को शराब की गंध परेशान करने लगी है। उनका काम करना भी मुश्किल हो गया। रविवार तक सैकड़ों बोतलों को खाली कर दिया गया।
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डीजीपी ने आदेश दिया था कि थानों में माल मुकदमाती के रूप में रखी तस्करी की शराब को नष्ट किया जाए। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने 2008 से 2015 तक देशी शराब के 3069 पौव्वे और अंग्रेजी शराब की 7102 बोतलें पकड़ी थीं। 107 मुकदमे दर्ज किए गए थे। इनमें अंग्रेजी शराब के 38 और देशी शराब के 69 मुकदमे शामिल हैं। कुल 113 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ मुकदमे चल रहे हैं। थाना जगदीशपुरा पुलिस ने शराब को नष्ट करने के लिए कोर्ट से अनुमति मांगी थी। कोर्ट ने शराब को नष्ट करने के आदेश दिए। शनिवार को मजिस्ट्रेट ने निरीक्षण किया। इसके बाद इसे नष्ट करने का काम शुरू किया गया। इसके लिए ठेकेदार आशिफ को लगाया है। उसके कर्मचारी अरुण, अजय, आशू संतोष आदि लगे हैं। बोतलों को माल खाने से निकालकर परिसर में रख दिया गया है। बता दें, थाना घनी आबादी क्षेत्र में है। जब शराब के शौकीनों को इसकी भनक लगी तो उनकी भीड़ लग गई। इससे पुलिस मुश्किल में आ गई। पुलिस अब बेवजह किसी को भी थाने के अंदर नहीं आने दे रही है।
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...और होेने लगा नशा
शराब की तेज गंध भी थाने में फैलने लगी है। इससे जहां बोतलें खाली करने वाले कर्मचारी भी नशे में आ गए, वहीं पुलिसकर्मियों को शराब की गंध परेशान करने लगी है। उनका काम करना भी मुश्किल हो गया। रविवार तक सैकड़ों बोतलों को खाली कर दिया गया।
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