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पुलिस की लापरवाही से गई अरुण की जान
अागरा ब्यूूराे
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:17 AM IST
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विहिप नेता अरुण माहौर की हत्या में पांच लोग नामजद कराए गए। इनमें मुख्य आरोपी मंटोला के मोहल्ला टीला मुन्नालाल में किराए पर रहने वाला शाहरुख माना जा रहा है। वह मूलरूप से धौलपुर का रहने वाला है। एक साल से किराए पर रह रहा था। उस पर गोकशी के आरोप थे। इसके अलावा वह दूसरा कोई काम भी नहीं करता था। अरुण माहौर ने पुलिस से इसकी शिकायत की थी।
शाहरुख के पड़ोसियों की मानें तो दो दिन पहले उसका अरुण के दोस्त श्याम से झगड़ा हुआ था। शाहरुख ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर दी थी। श्याम ने इसका विरोध किया था। श्याम के साथ अरुण भी आए थे। शिकायत पुलिस से की गई थी। पुलिस उसके घर तो पहुंच गई, कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा वह कई बार पड़ोसियों से झगड़ा कर चुका था। गली में तमंचा लेकर घूमता था। इसकी भी शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस उसे थाने तक ले गई लेकिन तहरीर न मिलने का बहाना बनाकर कोई एक्शन नहीं लिया। शायद इसी का नतीजा रहा कि अरुण माहौर की हत्या हो गई। अरुण के पिता राजेश माहौर का कहना है कि पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो उनके बेटे की जान न जाती।
आरोपी के घर पर मिला ताला
आगरा। हत्या में शाहरुख का नाम आने के बाद पुलिस उसके घर पहुंची। वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों ने बताया कि उसने सुबह सात बजे ही घर से सारा सामान कहीं और शिफ्ट कर दिया था। इसका पता चलने पर पुलिस ने तलाश करके उसके परिवारीजनों को हिरासत में ले लिया। उसका कुछ पता नहीं चल सका।
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शाहरुख के पड़ोसियों की मानें तो दो दिन पहले उसका अरुण के दोस्त श्याम से झगड़ा हुआ था। शाहरुख ने एक लड़की के साथ छेड़छाड़ कर दी थी। श्याम ने इसका विरोध किया था। श्याम के साथ अरुण भी आए थे। शिकायत पुलिस से की गई थी। पुलिस उसके घर तो पहुंच गई, कार्रवाई नहीं की। इसके अलावा वह कई बार पड़ोसियों से झगड़ा कर चुका था। गली में तमंचा लेकर घूमता था। इसकी भी शिकायत पुलिस से की गई। पुलिस उसे थाने तक ले गई लेकिन तहरीर न मिलने का बहाना बनाकर कोई एक्शन नहीं लिया। शायद इसी का नतीजा रहा कि अरुण माहौर की हत्या हो गई। अरुण के पिता राजेश माहौर का कहना है कि पुलिस ने गंभीरता दिखाई होती तो उनके बेटे की जान न जाती।
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आरोपी के घर पर मिला ताला
आगरा। हत्या में शाहरुख का नाम आने के बाद पुलिस उसके घर पहुंची। वहां ताला लटका मिला। पड़ोसियों ने बताया कि उसने सुबह सात बजे ही घर से सारा सामान कहीं और शिफ्ट कर दिया था। इसका पता चलने पर पुलिस ने तलाश करके उसके परिवारीजनों को हिरासत में ले लिया। उसका कुछ पता नहीं चल सका।
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