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कर्ज में डूबे किसान ने फांसी लगाकर दी जान
अमर उजाला ब्यूरो खंदौली
Updated Sat, 13 Feb 2016 01:35 AM IST
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जनपद में लगातार दूसरे दिन किसान ने आत्महत्या कर ली। गुरुवार को बाह के जैतपुर ब्लाक के चौबेपुर गांव में विनोद बघेल ने जान दी थी। शुक्रवार सुबह खंदौली के गांव मलूपुर में चौखन सिंह ने फांसी का फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया। उसकी पांच बीघा जमीन साहुकार के यहां गिरवी रखी है। सिर पर 15 लाख के कर्ज का बोझ था।
उसकी जेब से एक पर्ची पर सिर्फ यह लिखा मिला है, मैं अपने कर्मो की वजह से आत्महत्या कर रहा हूं। पड़ोस के लोगों ने बताया कि चौखन सिंह के पास कुल 14 बीघा जमीन थी। तीन बेटे और एक बेटी की शादी के लिए नौ बीघा जमीन बेचनी पड़ी। शेष बची पांच बीघा कर्ज के लिए गिरवी रखनी पड़ी। कर्ज चुका नहीं पा रहा था। ब्याज बढ़ता जा रहा था। 15 लाख का कर्ज हो गया था। इसी से तनाव में था। दो बेटे दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बड़ा बेटा सीताराम गांव में ही रहता है। चौखन सिंह खेत में बनी कोठरी में रहते थी। इसी की छत में लगी बल्लियों से रस्सी का फंदा बनाया और उस पर लटकर अपनी जान दे दी।
दोपहर तीन बजे उनका राकुमार रोहित खाना लेकर पहुंचा तो शव लटका पाया। उसने ही घर आकर सूचना दी। चौखन सिंह की पत्नी किरन देवी चार दिन पहले ही अपने बेटों के पास दिल्ली गई थी। चौखन सिंह के भाई रामकुमार ने बताया कि उन पर दो लाख का कर्ज बैंक का भी था। इसके अलावा साहुकार के कर्ज के चलते तनाव में थे। पूर्व प्रधान छोटे सिंह भी यही कहना है कि उन्होंने कर्ज से परेशान होकर जान दी है। उधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
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उसकी जेब से एक पर्ची पर सिर्फ यह लिखा मिला है, मैं अपने कर्मो की वजह से आत्महत्या कर रहा हूं। पड़ोस के लोगों ने बताया कि चौखन सिंह के पास कुल 14 बीघा जमीन थी। तीन बेटे और एक बेटी की शादी के लिए नौ बीघा जमीन बेचनी पड़ी। शेष बची पांच बीघा कर्ज के लिए गिरवी रखनी पड़ी। कर्ज चुका नहीं पा रहा था। ब्याज बढ़ता जा रहा था। 15 लाख का कर्ज हो गया था। इसी से तनाव में था। दो बेटे दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बड़ा बेटा सीताराम गांव में ही रहता है। चौखन सिंह खेत में बनी कोठरी में रहते थी। इसी की छत में लगी बल्लियों से रस्सी का फंदा बनाया और उस पर लटकर अपनी जान दे दी।
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दोपहर तीन बजे उनका राकुमार रोहित खाना लेकर पहुंचा तो शव लटका पाया। उसने ही घर आकर सूचना दी। चौखन सिंह की पत्नी किरन देवी चार दिन पहले ही अपने बेटों के पास दिल्ली गई थी। चौखन सिंह के भाई रामकुमार ने बताया कि उन पर दो लाख का कर्ज बैंक का भी था। इसके अलावा साहुकार के कर्ज के चलते तनाव में थे। पूर्व प्रधान छोटे सिंह भी यही कहना है कि उन्होंने कर्ज से परेशान होकर जान दी है। उधर, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन की तरफ से कोई अधिकारी नहीं पहुंचा।
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