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काम के दबाव से दुखी बैंक मैनेजर ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखी ये बातें

Fri, 01 Feb 2019 09:07 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 01 Feb 2019 09:07 PM IST
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SBI Branch manager committed Suicide by hanging in mathura
बैंक मैनेजर राकेश खदेरिया का फाइल फोटो

मथुरा में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की छाता शाखा के ब्रांच मैनेजर ने शुक्रवार को फांसी लगाकर जान दे दी। राधावैली स्थित फ्लैट में मैनेजर का शव पंखे से लटका मिला। दोपहर को शिक्षिका पत्नी जब घर पहुंची तो जानकारी हुई। 

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पुलिस ने मौके से दो लाइन का एक सुइसाइड नोट बरामद किया है, जिस पर लिखा है कि वो बैंक में काम का दबाव महसूस कर रहा है। उधर, मृतक के पिता का आरोप है कि बैंक के अधिकारी उनके बेटे को परेशान कर रहे थे।
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हाईवे थाना क्षेत्र की राधावैली कालोनी में दिव्या डी अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 201 में राकेश खदेरिया (37) पुत्र गोपाल चंद अपनी पत्नी और छह साल की बेटी के साथ रहते थे। राकेश एसबीआई की छाता ब्रांच में मैनेजर के पद पर तैनात थे। 

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राजस्थान के रहने वाले थे राकेश

राकेश मूलरूप से राजस्थान के रहने वाले थे, लेकिन पिछले कई साल से मथुरा में ही रह रहे थे। उनकी पत्नी सीमा प्राथमिक विद्यालय नगला प्रांसु (कोसीखुर्द) में शिक्षिका हैं। सीमा रोजमर्रा की तरह अपनी छह साल की बेटी को लेकर स्कूल चलीं गईं थीं। 

शुक्रवार को राकेश खदेरिया बैंक नहीं गए थे। सीमा दोपहर को करीब साढ़े तीन बजे जब वापस लौटीं तो फ्लैट का दरवाजा भीतर से बंद था। काफी खटखटाने पर भी जब नहीं खुला तो सीमा ने चौकीदार को बुलाकर खिड़की के रास्ते दरवाजा खुलवाया। भीतर जाकर देखा तो राकेश का शव कमरे में पंखे से लटका हुआ था। 

प्रभारी निरीक्षक अनूप सरोज ने बताया कि शव के पास में ही एक दो लाइन का सुइसाइड नोट मिला है। इसमें लिखा है 'मैं बैंक के काम का दबाव महसूस कर रहा हूं। मैं काम को संभाल नहीं पा रहा हूं। कृपया सभी लोग मुझे माफ कर दें। किसी को परेशान न किया जाए।' 

वहीं राकेश के पिता गोपाल चंद ने बताया कि बैंक के अधिकारी उनके बेटे को परेशान कर रहे थे। वह आगरा जाकर बैंक अफसरों से मिले भी थे। काफी विनती की लेकिन वह लगातार राकेश को परेशान करते रहे। 
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