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आश्रम पर कब्जे के लिए सांसद साक्षी महाराज के भाई को नाती ने पीटा
ब्यूरो अमर उजाला वृंदावन (मथुरा)
Updated Tue, 02 May 2017 11:10 PM IST
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सांसद सच्च्दिानंद हरि साक्षी के भाई भक्तानंद महाराज
- फोटो : अमर उजाला
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भक्तानंद महाराज ने अपने बड़े भाई के नातियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। उन्होंने इस संबंध में कोतवाली में तहरीर दी है। पुलिस ने संत का मेडिकल कराया है। भक्तानंद महाराज सांसद सच्च्दिानंद हरि साक्षी के भाई हैं।
भक्तानंद महाराज का संत कालोनी निवासी भक्तानंद आश्रम है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई शिवदयाल उर्फ शिवानंद विवाहित थे जबकि अन्य भाइयों सच्चिदानंद हरिसाक्षी, स्वामी विजय स्वरूप और उन्होंने शादी नहीं की और सन्यासी हो गए। बड़े भाई शिवदयाल के नाती गोपाल और श्याम पुत्र फौजदार सिंह की पढ़ाई लिखाई साक्षी महाराज ने कराई। गोपाल, उसकी पत्नी नीलम और श्याम उनके साथ आश्रम में ही रह रहे थे। गोपाल का चाल-चलन ठीक न होने पर उन्होंने आश्रम खाली करने के लिए कहा। इस पर गोपाल और श्याम दुश्मनी मानने लगे।
भक्तानंद महाराज ने आरोप लगाया कि वो उलटे उन्हें ही आश्रम खाली करने की धमकी देते। उन्होंने साक्षी महाराज से शिकायत की, लेकिन उन्होंने भी दोनों का पक्ष लिया। कहा कि आश्रम दोनों में बांट दो। वो गोपाल और श्याम से आशंकित थे तो उन्होंने मंगलवार की तड़के 4 बजे गोपाल को आश्रम खाली करने के लिए कह दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद गोपाल ने उनसे मारपीट की। गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। श्याम ऐसा होते खडे़ होकर देखता रहा। जैसे-तैसे जान बचाकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोपाल को पकड़ा लेकिन बाद में छोड़ दिया।
पुलिस बोली: समझौता हुआ, संत ने किया इनकार
मामले में कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि स्वामी भक्तानंद महाराज ने अपने भाई के नाती गोपाल के साथ सुलहनामा कर लिया है। हालांकि भक्तानंद महाराज ने किसी भी प्रकार का समझौता होने से इनकार किया।
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भक्तानंद महाराज का संत कालोनी निवासी भक्तानंद आश्रम है। उन्होंने बताया कि बड़े भाई शिवदयाल उर्फ शिवानंद विवाहित थे जबकि अन्य भाइयों सच्चिदानंद हरिसाक्षी, स्वामी विजय स्वरूप और उन्होंने शादी नहीं की और सन्यासी हो गए। बड़े भाई शिवदयाल के नाती गोपाल और श्याम पुत्र फौजदार सिंह की पढ़ाई लिखाई साक्षी महाराज ने कराई। गोपाल, उसकी पत्नी नीलम और श्याम उनके साथ आश्रम में ही रह रहे थे। गोपाल का चाल-चलन ठीक न होने पर उन्होंने आश्रम खाली करने के लिए कहा। इस पर गोपाल और श्याम दुश्मनी मानने लगे।
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भक्तानंद महाराज ने आरोप लगाया कि वो उलटे उन्हें ही आश्रम खाली करने की धमकी देते। उन्होंने साक्षी महाराज से शिकायत की, लेकिन उन्होंने भी दोनों का पक्ष लिया। कहा कि आश्रम दोनों में बांट दो। वो गोपाल और श्याम से आशंकित थे तो उन्होंने मंगलवार की तड़के 4 बजे गोपाल को आश्रम खाली करने के लिए कह दिया।
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उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बाद गोपाल ने उनसे मारपीट की। गला दबाकर जान से मारने का प्रयास किया। श्याम ऐसा होते खडे़ होकर देखता रहा। जैसे-तैसे जान बचाकर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोपाल को पकड़ा लेकिन बाद में छोड़ दिया।
पुलिस बोली: समझौता हुआ, संत ने किया इनकार
मामले में कोतवाली प्रभारी उदयवीर सिंह मलिक का कहना है कि स्वामी भक्तानंद महाराज ने अपने भाई के नाती गोपाल के साथ सुलहनामा कर लिया है। हालांकि भक्तानंद महाराज ने किसी भी प्रकार का समझौता होने से इनकार किया।