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बैंक में बवाल, लात घूंसे चले, भगदड़ मची
बैंक में बवाल, लात घूंसे चले, भगदड़ मची
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:59 AM IST
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बैंक में बवाल, लात घूंसे चले, भगदड़ मची
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बैंकों में नोट बदलने और जमा कराने के लिए मची मारामारी रविवार को बवाल में बदल गई। कहीं एटीएम बंद थे तो कहीं बैंक में कैश खत्म हो गया। सिस्टम फेल हो जाने से पब्लिक गुस्से में आ गई। जगह-जगह लात घूंसे चले। बाह में भगदड़ मच गई। इसमें मां-बेटी बेहोश हो गईं। शहर के मंडी समिति में पीएनबी ब्रांच पर दरोगा से हाथापाई की गई। संजय प्लेस पर ओरिएंटल बैंक आफ कामर्स में कैश खत्म हो जाने की अफवाह पर जबरदस्त हंगामा हुआ। पुलिस ने पहुंचकर किसी तरह स्थिति काबू की।
एत्माद्दौला स्थित मंडी समिति में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में लाइन में लगी महिला का तीन घंटे में नंबर नहीं आया। वह लाइन तोड़कर आगे से घुसने का प्रयास कर रही थी। उसे दरोगा मनोज कुमार ने रोक दिया। इसी पर बिगड़ गई। उससे हाथापाई कर डाली। वर्दी भी खींची। मनोज ने अधिकारियों को जानकारी दी। महिला को बगैर कार्रवाई के छोड़ दिया गया। उधर, बाह के चौरंगाहार में एसबीआई की शाखा पर लाइन में आगे लगने को लेकर लोग भिड़ गए। इसके बाद भगदड़ मच गई। इसमें भूरी देवी और उसकी बेटी रंजना गिर पड़े और घायल हो गए। उन्हें बेहोशी की हालत में पीएचसी में भर्ती कराया गया। आगरा में संजय प्लेस, मंडी समिति, राजामंडी में कई बैंकों में जबरदस्त हंगामा हुआ। सबसे ज्यादा गुस्सा इसलिए था क्योंकि कई जगह बैंकों में कैश खत्म हो गया। जैसे ही लाइन में लगे लोगों को पता चला, उन्होंने हंगामा कर दिया।
कैश लेने आए थे, जख्म लेकर गए
बाह। चौरंगाहार के तेज सिंह की बेटी रंजना की शादी दो माह बाद है। शादी के लिए जोड़ी रकम बैंक में जमा है। 500-1000 के नोटों पर पाबंदी के बाद दिक्कत आ गई। घर में पैसा नहीं, शादी की तैयारी कैसे करें। इसलिए नौ नवंबर से बैंक की लाइन में परिवार ने लगना शुरू कर दिया लेकिन 12 तक एक बार भी नंबर नहीं आया। बैंक बंद हो जाता लेकिन लाइन खत्म नहीं होती। रविवार को रंजना और उसकी मां भूरी देवी एसबीआई की लाइन में लगे थे। रंजना का भाई केनरा बैंक की लाइन में लगा था। दोपहर को एसबीआई की लाइन में भगदड़ मच गई। सूचना पर रंजना का भाई लाइन छोड़कर वहां पहुंच गया। पांचवें दिन भी परिवार में से किसी का नंबर नहीं आ पाया। अब पूरा परिवार घायल मां - बेटी के उपचार में लगा है।
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बैंक ने दस के सिक्के दिए, अब कोई ले नहीं रहा
आगरा। गोकुलपुरा के बंटी ने बताया कि करेंसी एक्सचेंज में बैंक कर्मी ने चार हजार रुपये में दो हजार का एक नोट और दो हजार रुपये के दस रुपये के सिक्के थमा दिए। अब दस रुपये के सिक्के कहां खपाऊं। एक मुसीबत कम हुई तो दूसरी शुरू हो गई। कोई दुकानदार दस रुपये के सिक्के भी इकट्ठे लेने को तैयार नहीं है। शहर में पहले से ही दस रुपये के सिक्के पर टेंशन है। अफवाह चल रही है कि बड़ी संख्या में सिक्के नकली हैं। इसके चलते इन्हें कोई आसानी से नहीं लेता है।
बैंक की लाइन में लगी मां-बेटियों से पर्स लूटा
आगरा। 500 और 1000 के नोट बंदी से परेशान एक परिवार पर रविवार को आफत टूटी। बैंक में रुपये बदलने जा रहीं मां और बेटियों से एक्टिवा सवार बदमाश ने पर्स लूट लिया। उसमें 15 हजार रुपये के अतिरिक्त एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज रखे थे। लूट की शिकार मां-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
नगला धाकरान निवासी वेदप्रकाश चेन फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से वेदप्रकाश के परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका खाता धौलपुर हाउस स्थित सिंडीकेट बैंक की शाखा में है। दो दिन पहले वेदप्रकाश की पत्नी प्रेमवती और बेटी सरिता बैंक गए थे। मगर, भीड़भाड़ होने की वजह से उनके रुपये नहीं जमा हो सके। रविवार दोपहर तकरीबन को तीन बजे प्रेमवती अपनी बेटियों सरिता और सीमा के साथ बैंक पैदल जा रहीं थीं। नार्थ ईदगाह कालोनी में जैन मंदिर के पास एक्टिवा पर एक बदमाश आया। उसने हेलमेट लगा रहा था। सीमा के हाथ में लगा पर्स लूट लिया। इसके बाद पुलिस लाइन रोड की ओर होता हुआ भाग निकला। पर्स में 15 हजार रुपये रखे थे, जिनमें 500-500 रुपये के नोट थे। इसके अलावा एटीएम कार्ड, बैंक की पासबुक, आईडी कार्ड, आधार कार्ड था। सरिता ने घटना की जानकारी एक राहगीर की मदद से पुलिस को दी। कुछ देर बाद चीता मोबाइल के दो सिपाही भी आए। मगर, वह पूछताछ के बाद थाने आने की कहकर वापस चले गए।
राशन खत्म हो चुका, उधार भी नहीं मिल रहा
सरिता ने बताया कि घर में राशन खत्म हो चुका है। आसपास के दुकानदार उधार देने को तैयार नहीं हैं। घर में जो रकम बची थी उसे ही बदलकर नए नोट लाकर घर का राशन लेकर आते। मगर, बदमाश ने उसे भी लूट लिया। यही वजह थी कि एक्टिवा से पर्स लेकर भागते बदमाश का मां और बेटियों ने तकरीबन 200 मीटर तक पीछा किया। रास्ते में वह उससे चीखकर कहती रही कि पर्स में रखे कागजात तो उन्हें लौटा दे। कम से कम बाद में एटीएम से पैसे निकाल लेंगे। अगर, वह भी चले गए तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। कम से कम पर्स के दस्तावेज तो छोड़ जा। यह सुनकर बदमाश ने कुछ दूरी पर एक्टिवा रोका भी, लेकिन बाद में चला गया।
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एत्माद्दौला स्थित मंडी समिति में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में लाइन में लगी महिला का तीन घंटे में नंबर नहीं आया। वह लाइन तोड़कर आगे से घुसने का प्रयास कर रही थी। उसे दरोगा मनोज कुमार ने रोक दिया। इसी पर बिगड़ गई। उससे हाथापाई कर डाली। वर्दी भी खींची। मनोज ने अधिकारियों को जानकारी दी। महिला को बगैर कार्रवाई के छोड़ दिया गया। उधर, बाह के चौरंगाहार में एसबीआई की शाखा पर लाइन में आगे लगने को लेकर लोग भिड़ गए। इसके बाद भगदड़ मच गई। इसमें भूरी देवी और उसकी बेटी रंजना गिर पड़े और घायल हो गए। उन्हें बेहोशी की हालत में पीएचसी में भर्ती कराया गया। आगरा में संजय प्लेस, मंडी समिति, राजामंडी में कई बैंकों में जबरदस्त हंगामा हुआ। सबसे ज्यादा गुस्सा इसलिए था क्योंकि कई जगह बैंकों में कैश खत्म हो गया। जैसे ही लाइन में लगे लोगों को पता चला, उन्होंने हंगामा कर दिया।
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कैश लेने आए थे, जख्म लेकर गए
बाह। चौरंगाहार के तेज सिंह की बेटी रंजना की शादी दो माह बाद है। शादी के लिए जोड़ी रकम बैंक में जमा है। 500-1000 के नोटों पर पाबंदी के बाद दिक्कत आ गई। घर में पैसा नहीं, शादी की तैयारी कैसे करें। इसलिए नौ नवंबर से बैंक की लाइन में परिवार ने लगना शुरू कर दिया लेकिन 12 तक एक बार भी नंबर नहीं आया। बैंक बंद हो जाता लेकिन लाइन खत्म नहीं होती। रविवार को रंजना और उसकी मां भूरी देवी एसबीआई की लाइन में लगे थे। रंजना का भाई केनरा बैंक की लाइन में लगा था। दोपहर को एसबीआई की लाइन में भगदड़ मच गई। सूचना पर रंजना का भाई लाइन छोड़कर वहां पहुंच गया। पांचवें दिन भी परिवार में से किसी का नंबर नहीं आ पाया। अब पूरा परिवार घायल मां - बेटी के उपचार में लगा है।
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बैंक ने दस के सिक्के दिए, अब कोई ले नहीं रहा
आगरा। गोकुलपुरा के बंटी ने बताया कि करेंसी एक्सचेंज में बैंक कर्मी ने चार हजार रुपये में दो हजार का एक नोट और दो हजार रुपये के दस रुपये के सिक्के थमा दिए। अब दस रुपये के सिक्के कहां खपाऊं। एक मुसीबत कम हुई तो दूसरी शुरू हो गई। कोई दुकानदार दस रुपये के सिक्के भी इकट्ठे लेने को तैयार नहीं है। शहर में पहले से ही दस रुपये के सिक्के पर टेंशन है। अफवाह चल रही है कि बड़ी संख्या में सिक्के नकली हैं। इसके चलते इन्हें कोई आसानी से नहीं लेता है।
बैंक की लाइन में लगी मां-बेटियों से पर्स लूटा
आगरा। 500 और 1000 के नोट बंदी से परेशान एक परिवार पर रविवार को आफत टूटी। बैंक में रुपये बदलने जा रहीं मां और बेटियों से एक्टिवा सवार बदमाश ने पर्स लूट लिया। उसमें 15 हजार रुपये के अतिरिक्त एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज रखे थे। लूट की शिकार मां-बेटियों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
नगला धाकरान निवासी वेदप्रकाश चेन फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं। 500 और 1000 के पुराने नोट बंद होने से वेदप्रकाश के परिवार को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका खाता धौलपुर हाउस स्थित सिंडीकेट बैंक की शाखा में है। दो दिन पहले वेदप्रकाश की पत्नी प्रेमवती और बेटी सरिता बैंक गए थे। मगर, भीड़भाड़ होने की वजह से उनके रुपये नहीं जमा हो सके। रविवार दोपहर तकरीबन को तीन बजे प्रेमवती अपनी बेटियों सरिता और सीमा के साथ बैंक पैदल जा रहीं थीं। नार्थ ईदगाह कालोनी में जैन मंदिर के पास एक्टिवा पर एक बदमाश आया। उसने हेलमेट लगा रहा था। सीमा के हाथ में लगा पर्स लूट लिया। इसके बाद पुलिस लाइन रोड की ओर होता हुआ भाग निकला। पर्स में 15 हजार रुपये रखे थे, जिनमें 500-500 रुपये के नोट थे। इसके अलावा एटीएम कार्ड, बैंक की पासबुक, आईडी कार्ड, आधार कार्ड था। सरिता ने घटना की जानकारी एक राहगीर की मदद से पुलिस को दी। कुछ देर बाद चीता मोबाइल के दो सिपाही भी आए। मगर, वह पूछताछ के बाद थाने आने की कहकर वापस चले गए।
राशन खत्म हो चुका, उधार भी नहीं मिल रहा
सरिता ने बताया कि घर में राशन खत्म हो चुका है। आसपास के दुकानदार उधार देने को तैयार नहीं हैं। घर में जो रकम बची थी उसे ही बदलकर नए नोट लाकर घर का राशन लेकर आते। मगर, बदमाश ने उसे भी लूट लिया। यही वजह थी कि एक्टिवा से पर्स लेकर भागते बदमाश का मां और बेटियों ने तकरीबन 200 मीटर तक पीछा किया। रास्ते में वह उससे चीखकर कहती रही कि पर्स में रखे कागजात तो उन्हें लौटा दे। कम से कम बाद में एटीएम से पैसे निकाल लेंगे। अगर, वह भी चले गए तो उनके पास कुछ नहीं बचेगा। कम से कम पर्स के दस्तावेज तो छोड़ जा। यह सुनकर बदमाश ने कुछ दूरी पर एक्टिवा रोका भी, लेकिन बाद में चला गया।