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फुटेज देखकर भी लुटेरे न पकड़ पाई पुलिस

Wed, 30 Mar 2016 01:10 AM IST
अमर उजाला आगरा
अमर उजाला आगरा Updated Wed, 30 Mar 2016 01:10 AM IST
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police cant caught lootere
सीसीटीवी - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
दयालबाग पुलिस चौकी के पास सोमवार दोपहर हुई 17 लाख की लूट में चार जगह सीसीटीवी के फुटेज मिलने के बावजूद पुलिस लुटेरों को पकड़ना तो दूर उनकी पहचान तक नहीं कर पाई है। केस के खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल पाया है। एनएच-2 सर्विस रोड पर होटल भावना पैलेस के पास गुलाटी एजेंसी प्राइवेट लिमिटेड (जीएपीएल) के मैनेजर संदीप और कैशियर सोनू से बाइकर्स गैंग ने 17 लाख कैश और 3.55 लाख के चेक से भरा बैग लूट था। वे इन्हें जमा कराने बाइक से बैंक जा रहे थे। यह पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी में कैद हो गया था। पुलिस ने सोमवार दोपहर से मंगलवार शाम तक गैलाना रोड के निर्भय नगर स्थित कंपनी के दफ्तर से लेकर भगवान टाकीज तक लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले। चार जगह फुटेज में बदमाश नजर आए। बाइक पर सवार तीन बदमाशों में से एक ने हेलमेट लगा रखा है और दो ने चेहरे रुमाल के ढक रखे हैं। किसी भी फुटेज में चेहरे स्पष्ट नहीं हो पाए। इसके चलते पुलिस इनकी पहचान नहीं कर पाई। इनकी कद-काठी और हुलिया साफ नजर आ रहा है लेकिन क्राइम डिटेक्शन के एक्सपर्ट पुलिसवाले इतने भर से कोई सुराग नहीं लगा पा रहे। बदमाशों की बाइक का नंबर भी स्पष्ट है लेकिन यह फर्जी निकला है। यह एक्टिवा का है। पुलिस की एक टीम एजेंसी के कर्मचारियों की डिटेल तैयार कर रही है। शक है कि घटना मुखबिरी से हुई। शक यह भी है कि घटना में फीरोजाबाद या सादाबाद के गिरोह का हाथ हो सकता है।
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बाइकर्स गैंग का अगला टारगेट कौन?
 17 लाख की लूट के खुलासे में जितनी देर होगी, शहर में ऐसी वारदात होने की आशंका लगातार बनी रहेगी। बाइकर्स गैंग के बदमाश एक के बाद एक वारदात कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस के रिकार्ड में बाइकर्स गैंग चिन्हित नहीं है। वजह यह है कि इनकी आधी से ज्यादा वारदात दर्ज ही नहीं की जाती हैं। इस गिरोह के बदमाश चेन और पर्स भी लूटती हैं। इनके निशाने पर ज्यादातर महिलाएं रहती हैं। जब बड़ी कैश लूट हो जाती है, तभी केस दर्ज किया जाता है। डर इस बात का है कि फरार रहते यह गिरोह फिर किसी को टारगेट न बना ले।
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17 लाख की लूट के खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगी हैं, लेकिन अभी कोई क्लू नहीं मिल पाया है - सुशील घुले ( एसपी सिटी )
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