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पंजाब मेल में पकड़ा गया फर्जी जीआरपी इंस्पेक्टर
अागरा ब्यूूराे
Updated Sat, 13 Feb 2016 12:51 AM IST
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पंजाब मेल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में पैंट्री कार के वेंडरों से वसूली कर रहे जीआरपी के फर्जी इंस्पेक्टर नरेशचंद्र यादव को ट्रेन में चल रहे जीआरपी स्कवैड के सिपाहियों को हड़काना भारी पड़ गया। ट्रेन के राजा की मंडी स्टेशन पर पहुंचने पर स्कवैड के सिपाहियों ने जीआरपी राजा की मंडी प्रभारी को जानकारी दी। फर्जी इंस्पेक्टर के पास से जीआरपी और सीबीसीआईडी के दो परिचय पत्र, खिलौना पिस्टल, तीन वोटर आईडी कार्ड आदि बरामद हुए।
ग्वालियर से आ रही पंजाब मेल के एस-7 कोच में खुद को जीआरपी का इंस्पेक्टर बताने वाला भरथना, इटावा निवासी नरेशचंद्र यादव सफर कर रहा था। उसने पेंट्री कार के कर्मचारियों से 20-20 रुपये की वसूली करना शुरू कर दी। कर्मचारियों ने ट्रेन में चल रहे राजामंडी जीआरपी के स्कवैड के सिपाहियों को इसकी जानकारी दी। सिपाहियों को इस तरह इंस्पेक्टर के वसूली करने पर शक हो गया। उन्होंने टोका तो वह उनसे उलझ गया। सिपाहियों ने राजा की मंडी स्टेशन पर चौकी प्रभारी जीआरपी ललित त्यागी को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने कथित इंस्पेक्टर से पूछताछ की तो वह सकपका गया। पीएनओ नंबर पर नौ के स्थान पर दस अंक देखकर चौकी प्रभारी ने उसकी तलाशी ली। तलाशी में सीबीसीआईडी और जीआरपी के दो परिचय पत्र, तीन वोटर आईडी कार्ड, खिलौना पिस्टल बरामद हुए।
पूछताछ में नरेशचंद्र ने बताया कि वह कई साल से ट्रेन में मुफ्त सफर करके यात्रियों से वसूली करता था। वह जीआरपी व आरपीएफ के स्कवैड के सिपाहियों को भी चकमा देता रहा है। ट्रेन से बाहर निकलने पर वह खुद को सीबीसीआईडी का इंस्पेक्टर बताता था। चौकी प्रभारी ने बताया कि फर्जी इंस्पेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा गया है।
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ग्वालियर से आ रही पंजाब मेल के एस-7 कोच में खुद को जीआरपी का इंस्पेक्टर बताने वाला भरथना, इटावा निवासी नरेशचंद्र यादव सफर कर रहा था। उसने पेंट्री कार के कर्मचारियों से 20-20 रुपये की वसूली करना शुरू कर दी। कर्मचारियों ने ट्रेन में चल रहे राजामंडी जीआरपी के स्कवैड के सिपाहियों को इसकी जानकारी दी। सिपाहियों को इस तरह इंस्पेक्टर के वसूली करने पर शक हो गया। उन्होंने टोका तो वह उनसे उलझ गया। सिपाहियों ने राजा की मंडी स्टेशन पर चौकी प्रभारी जीआरपी ललित त्यागी को सूचना दी। चौकी प्रभारी ने कथित इंस्पेक्टर से पूछताछ की तो वह सकपका गया। पीएनओ नंबर पर नौ के स्थान पर दस अंक देखकर चौकी प्रभारी ने उसकी तलाशी ली। तलाशी में सीबीसीआईडी और जीआरपी के दो परिचय पत्र, तीन वोटर आईडी कार्ड, खिलौना पिस्टल बरामद हुए।
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पूछताछ में नरेशचंद्र ने बताया कि वह कई साल से ट्रेन में मुफ्त सफर करके यात्रियों से वसूली करता था। वह जीआरपी व आरपीएफ के स्कवैड के सिपाहियों को भी चकमा देता रहा है। ट्रेन से बाहर निकलने पर वह खुद को सीबीसीआईडी का इंस्पेक्टर बताता था। चौकी प्रभारी ने बताया कि फर्जी इंस्पेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करके जेल भेजा गया है।
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