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कैशलेस शापिंग में साइबर अटैक का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 08 Dec 2016 12:09 AM IST
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साइबर क्राइम
- फोटो : Demo
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नोटबंदी के बाद एटीएम-डेबिट कार्ड और स्मार्ट फोन से ई पेमेंट कर रहे हैं तो सावधान हो जाएं। साइबर क्रिमिनल आपके बैंक खाते में सेंध लगा सकते हैं। आपकी रकम भी अपने खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं तो आनलाइन शापिंग भी। साइबर क्राइम सेल ने लोगों के लिए अलर्ट जारी किया है। कार्ड स्वाइप करते समय कुछ बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है।
500 और एक हजार के नोटबंदी के बाद लोगों के सामने नगदी का संकट खड़ा हो गया है। बाजार में खरीदारी से लेकर पेमेंट करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने नगदी संकट से बचने के लिए स्वाइप मशीनें लगा ली हैं। इस कारण लोग एटीएम और डेबिट कार्ड स्वाइप करके पेमेंट कर रहे हैं। वहीं स्मार्ट फोन के जरिये ई-पमेंट का भी चलन बढ़ा है। साइबर क्राइम सेल के एक्सपर्ट विजय ने बताया कि कैशलेस शापिंग करते समय सावधानी जरूरी है। साइबर क्रिमिनल एटीएम कार्ड का क्लोन बना लेते हैं। इसके बाद खाते से आनलाइन शापिंग या रकम निकाल सकते हैं। रोजाना तीन से चार मामले ऐसे आ रहे हैं। ऐेसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि स्वाइप मशीन से पेमेंट करते समय सावधानी बरतें।
एक्सपर्ट की सलाह
एक्सपर्ट दानिश शर्मा बताते हैं कि एटीएम और डेबिट कार्ड स्वाइप करते समय यह देख लें कि स्वाइप मशीन में स्वाइप करने वाले स्थान पर कोई अलग से उपकरण तो नहीं लगा है। साइबर क्रिमिनल इस स्थान पर स्कीमर लगाकर डाटा चोरी कर लेते हैं। कार्ड किसी के हाथ में न दें। खुद ही स्वाइप करें। पासवर्ड हाथ से ढककर डालें। इसके अलावा एटीएम में भी स्कीमर लगाया जा सकता है। इसलिए वहां भी यही सावधानी बरतें। बिना गार्ड वाले एटीएम में कार्ड नहीं लगाएं। साइबर क्रिमिनल इन एटीएम पर स्कीमर लगा देते हैं। मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड का प्रयोग कम करें। चिप वाले एटीएम कार्ड ज्यादा सुरक्षित हैं। वहीं मोबाइल से ई पेमेंट करते हैं तो भी सावधानी की जरूरत है। अपना मोबाइल किसी के भी हाथ में न दें। थर्ड पार्टी एप डाउनलोड नहीं करें। मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले विज्ञापन को क्लिक न करें। इस पर क्लिक करने से मोबाइल हेक हो सकता है।
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500 और एक हजार के नोटबंदी के बाद लोगों के सामने नगदी का संकट खड़ा हो गया है। बाजार में खरीदारी से लेकर पेमेंट करने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। कई दुकानदारों ने नगदी संकट से बचने के लिए स्वाइप मशीनें लगा ली हैं। इस कारण लोग एटीएम और डेबिट कार्ड स्वाइप करके पेमेंट कर रहे हैं। वहीं स्मार्ट फोन के जरिये ई-पमेंट का भी चलन बढ़ा है। साइबर क्राइम सेल के एक्सपर्ट विजय ने बताया कि कैशलेस शापिंग करते समय सावधानी जरूरी है। साइबर क्रिमिनल एटीएम कार्ड का क्लोन बना लेते हैं। इसके बाद खाते से आनलाइन शापिंग या रकम निकाल सकते हैं। रोजाना तीन से चार मामले ऐसे आ रहे हैं। ऐेसे में लोगों को सलाह दी जा रही है कि स्वाइप मशीन से पेमेंट करते समय सावधानी बरतें।
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एक्सपर्ट की सलाह
एक्सपर्ट दानिश शर्मा बताते हैं कि एटीएम और डेबिट कार्ड स्वाइप करते समय यह देख लें कि स्वाइप मशीन में स्वाइप करने वाले स्थान पर कोई अलग से उपकरण तो नहीं लगा है। साइबर क्रिमिनल इस स्थान पर स्कीमर लगाकर डाटा चोरी कर लेते हैं। कार्ड किसी के हाथ में न दें। खुद ही स्वाइप करें। पासवर्ड हाथ से ढककर डालें। इसके अलावा एटीएम में भी स्कीमर लगाया जा सकता है। इसलिए वहां भी यही सावधानी बरतें। बिना गार्ड वाले एटीएम में कार्ड नहीं लगाएं। साइबर क्रिमिनल इन एटीएम पर स्कीमर लगा देते हैं। मैग्नेटिक स्ट्रिप वाले कार्ड का प्रयोग कम करें। चिप वाले एटीएम कार्ड ज्यादा सुरक्षित हैं। वहीं मोबाइल से ई पेमेंट करते हैं तो भी सावधानी की जरूरत है। अपना मोबाइल किसी के भी हाथ में न दें। थर्ड पार्टी एप डाउनलोड नहीं करें। मोबाइल स्क्रीन पर दिखने वाले विज्ञापन को क्लिक न करें। इस पर क्लिक करने से मोबाइल हेक हो सकता है।
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