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नवजात बदलने की आशंका पर हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला आगरा
Updated Sun, 28 Feb 2016 02:16 AM IST
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ट्रांसयमुना कॉलानी स्थित गंगाराम हास्पिटल में नवजात बदलने के आरोप पर जमकर हंगामा हुआ। मामला बढ़ने पर पुलिस ने दोनों पक्षों की रजामंदी पर नवजातों का डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया। लैब में सैंपल भेज दिए हैं रिपोर्ट करीब 15 दिन बाद आएगी। तब तक शिशु अस्पताल प्रशासन की निगरानी में रहेंगे।
अरसैना, रुनकता निवासी हीरा सिंह ने पत्नी स्नेहलता को 26 फरवरी की रात अस्पताल में भर्ती कराया। वहां सुबह सात बजे लड़के को जन्म दिया। इसी हास्पिटल में सीता नगर, रामबाग निवासी नवलकिशोर राठौर की पत्नी विनीता भी भर्ती थी। इन्होंने सुबह साढ़े पांच बजे बेटे को जन्म दिया। हीरा सिंह का आरोप है कि प्रसव बाद स्टाफ ने पत्नी की आंखों पर पट्टी रख दी। एक घंटे तक बच्चे को नहीं दिखाया। विरोध करने पर जिस बच्चे को दिखाया उसका एक पैर टेढ़ा था और वजन भी कम। आरोप है कि यहीं एक दिन पहले कराए अल्ट्रासाउंड में शिशु साढ़े तीन किलोग्राम का बताया गया। नवजात केयर यूनिट में इसी शिशु के पास लेटा अन्य नवजात उनका बच्चा है। जबकि नवलकिशोर राठौर ने बताया कि ये बच्चा हमारा है। पैर खराब होने के कारण मेरे बच्चे को अपना बता रहे हैं। दोनों पक्षों में तकरार बढ़ने पर पुलिस ने मामला शांत कराया। डीएनए की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। हास्पिटल संचालक डा. पिंकी अग्रवाल ने बताया कि बच्चा बदलने का आरोप बेबुनियाद है।
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अरसैना, रुनकता निवासी हीरा सिंह ने पत्नी स्नेहलता को 26 फरवरी की रात अस्पताल में भर्ती कराया। वहां सुबह सात बजे लड़के को जन्म दिया। इसी हास्पिटल में सीता नगर, रामबाग निवासी नवलकिशोर राठौर की पत्नी विनीता भी भर्ती थी। इन्होंने सुबह साढ़े पांच बजे बेटे को जन्म दिया। हीरा सिंह का आरोप है कि प्रसव बाद स्टाफ ने पत्नी की आंखों पर पट्टी रख दी। एक घंटे तक बच्चे को नहीं दिखाया। विरोध करने पर जिस बच्चे को दिखाया उसका एक पैर टेढ़ा था और वजन भी कम। आरोप है कि यहीं एक दिन पहले कराए अल्ट्रासाउंड में शिशु साढ़े तीन किलोग्राम का बताया गया। नवजात केयर यूनिट में इसी शिशु के पास लेटा अन्य नवजात उनका बच्चा है। जबकि नवलकिशोर राठौर ने बताया कि ये बच्चा हमारा है। पैर खराब होने के कारण मेरे बच्चे को अपना बता रहे हैं। दोनों पक्षों में तकरार बढ़ने पर पुलिस ने मामला शांत कराया। डीएनए की जांच के लिए सैंपल भेजे गए हैं। हास्पिटल संचालक डा. पिंकी अग्रवाल ने बताया कि बच्चा बदलने का आरोप बेबुनियाद है।
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