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जड़ी-बूटियों से चमत्कार के दावे करते थे मुंशीदास
जड़ी-बूटियों से चमत्कार के दावे करते थे मुंशीदास
Updated Mon, 27 Feb 2017 12:50 AM IST
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जड़ी-बूटियों से चमत्कार के दावे करते थे मुंशीदास
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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बाबा मुंशीदास के खिलाफ भले ही 35 केस दर्ज हों और पुलिस ने उन्हें हिस्ट्रीशीटर बनाया हो लेकिन उनके समर्थकों पर इससे फर्क नहीं पड़ा। जैसे जैसे मुकदमे बढ़े, वैसे वैसे उनके समर्थक भी बढ़ते गए। हर साल लाखों लोग उनके पास अपने दर्द की दवा लेने के लिए पहुंचते थे। बाबा जड़ी बूटियों से चमत्कार के दावे करते थे। कई लोग गवाही देते थे कि बाबा की बूटी से उसकी असाध्य बीमारी दूर हो गई है।
इसी के चलते उनका नाम दूर तक हो गया। खास तौर से गरीब तबके के लोग उनके पास आते थे। इनमें सबसे ज्यादा पथरी के मरीज होते थे। बाबा का दावा था कि उनकी दवाई से किडनी ही नहीं, गॉल ब्लैडर की पथरी भी निकल सकती है। नि:संतान भी उनके पास संतान पाने के लिए दवा लेने आते थे।
शुरू में आस पास के लोगों की भीड़ रहती थी लेकिन धीरे धीरे दायरा बढ़ता चला गया। मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी से लोग आने लगे। पिछले दस सालों में पूर्वांचल से बड़ी भीड़ आती थी। मेले में तो हजारों की संख्या में लोग पहुंचते थे। बिहार तक से भीड़ आती थी। राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश तो पास में हैं। यहां से भी मरीज आते थे। बाबा कहते थे कि उनके जीवन का ध्येय मानव के दुखों को दूर करना है।
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नेता भी जाते थे बाबा के आश्रम में
फतेहाबाद। बाबा मुंशीदास के आश्रम में राजनीति से जुड़े लोग भी आते थे। फतेहाबाद और बाह इलाके में निषाद समाज के वोट चुनाव में काफी अहम माने जाते हैं। इनके चलते भी नेता बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आते थे। ऐसा माना जाता था कि उनका समाज के लोगों पर अच्छा प्रभाव है। हालांकि वह जब खुद चुनाव लड़े तो उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
वर्जन
बाबा मुंशीदास की हत्या के संबंध में पड़ताल की जा रही है। रंजिश सहित तमाम पहलुओं पर जांच चल रही है। जल्द ही खुलासा हो जाने की उम्मीद है - अशोक कुमार सिंह ( सीओ फतेहाबाद )
मुख्य खबर के साथ
छह के खिलाफ केस दर्ज
फतेहाबाद। मुंशीदास के भांजे सोनू ने डौकी थाना में केस दर्ज कराया है। इसमें गांव नरि के मुरारी, उनका बेटा शिवराम, जीजा जतन और जयराम के बेटे अशोक तथा राकेश को नामजद कराया गया है। बताया गया है कि दो बाईकों पर छह लोग आए थे। नामजद पांच हैं। एक अज्ञात है। इनमें राकेश और शिवराम पूठा गांव के हैं। उनके पिता जयराम की हत्या में ही बाबा मुंशीदास जेल गए थे। अन्य तीन आरोपी नरि गांव के हैं। सोनू का कहना है कि लोग मुंशीदास को बचाने के लिए भागे तो हमलावरों ने उन पर भी फायर कर दिया। पुलिस ने हत्या और जानलेवा हमला की धाराओं में केस दर्ज किया है।
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इसी के चलते उनका नाम दूर तक हो गया। खास तौर से गरीब तबके के लोग उनके पास आते थे। इनमें सबसे ज्यादा पथरी के मरीज होते थे। बाबा का दावा था कि उनकी दवाई से किडनी ही नहीं, गॉल ब्लैडर की पथरी भी निकल सकती है। नि:संतान भी उनके पास संतान पाने के लिए दवा लेने आते थे।
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शुरू में आस पास के लोगों की भीड़ रहती थी लेकिन धीरे धीरे दायरा बढ़ता चला गया। मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी से लोग आने लगे। पिछले दस सालों में पूर्वांचल से बड़ी भीड़ आती थी। मेले में तो हजारों की संख्या में लोग पहुंचते थे। बिहार तक से भीड़ आती थी। राजस्थान, हरियाणा और मध्य प्रदेश तो पास में हैं। यहां से भी मरीज आते थे। बाबा कहते थे कि उनके जीवन का ध्येय मानव के दुखों को दूर करना है।
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नेता भी जाते थे बाबा के आश्रम में
फतेहाबाद। बाबा मुंशीदास के आश्रम में राजनीति से जुड़े लोग भी आते थे। फतेहाबाद और बाह इलाके में निषाद समाज के वोट चुनाव में काफी अहम माने जाते हैं। इनके चलते भी नेता बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आते थे। ऐसा माना जाता था कि उनका समाज के लोगों पर अच्छा प्रभाव है। हालांकि वह जब खुद चुनाव लड़े तो उनकी जमानत जब्त हो गई थी।
वर्जन
बाबा मुंशीदास की हत्या के संबंध में पड़ताल की जा रही है। रंजिश सहित तमाम पहलुओं पर जांच चल रही है। जल्द ही खुलासा हो जाने की उम्मीद है - अशोक कुमार सिंह ( सीओ फतेहाबाद )
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छह के खिलाफ केस दर्ज
फतेहाबाद। मुंशीदास के भांजे सोनू ने डौकी थाना में केस दर्ज कराया है। इसमें गांव नरि के मुरारी, उनका बेटा शिवराम, जीजा जतन और जयराम के बेटे अशोक तथा राकेश को नामजद कराया गया है। बताया गया है कि दो बाईकों पर छह लोग आए थे। नामजद पांच हैं। एक अज्ञात है। इनमें राकेश और शिवराम पूठा गांव के हैं। उनके पिता जयराम की हत्या में ही बाबा मुंशीदास जेल गए थे। अन्य तीन आरोपी नरि गांव के हैं। सोनू का कहना है कि लोग मुंशीदास को बचाने के लिए भागे तो हमलावरों ने उन पर भी फायर कर दिया। पुलिस ने हत्या और जानलेवा हमला की धाराओं में केस दर्ज किया है।