आगरा बैंक डकैती का खुलासा: कर्मचारी निकला मास्टरमाइंड, पांच गिरफ्तार, 32 लाख रुपये बरामद
- पूछताछ में पुलिस को पता चला है कि ऑल ओके कोड वर्ड मिलने के बाद बदमाश बैंक में दाखिल हुए थे और 15 मिनट में डकैती की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहे एक बदमाश को जेल में बंद कैदी ने पहचान लिया। इसी सुराग से पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आरोपियों के पास से 32 लाख रुपये कैश बरामद किया गया है। चार आरोपी फरार हैं। इनकी धरपकड़ के लिए पुलिस दबिश दे रही है। एडीजी अजय आनंद ने बताया कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर डकैती की बाकी रकम को बरामद किया जाएगा।
संबंंधित खबर- बैंक डकैती: 'ऑल ओके' कोड वर्ड मिलते ही लुटेरों ने डाला था 57 लाख का डाका, जानें किसने रची साजिश
थाना सदर क्षेत्र के रोहता स्थित इंडियन ओवरसीज बैंक की शाखा में 15 दिसंबर को 56.94 लाख रुपये की डकैती डाली गई थी। वारदात के बाद बदमाश रोहता गांव होते हुए भाग गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज में देखा तो इसमें बदमाश नजर आ गए थे। इसी सुराग से पुलिस बदमाशों तक पहुंच गई।
ऐसे लुटेरों तक पहुंची पुलिस
पुलिस को खंदारी निवासी ठाकुरदास का नंबर मिला। ठाकुरदास बैंक कर्मचारी पुनीत का दोस्त निकला। पुनीत के मोबाइल में उसका नंबर मिला। पुनीत और ठाकुरदास में बातचीत होती है। इसके बाद पुलिस ने पुनीत से सख्ती से पूछताछ की तो रविवार को उसने डकैती डालने का राज खोल दिया।
पुलिस को घटना के बाद से ही पुनीत पर शक था। वह रो-रोकर बता रहा था कि बदमाशों ने उसे बहुत पीटा जबकि शरीर पर पिटाई के निशान नहीं थे। उससे लगातार पूछताछ चल रही थी लेकिन वह राज नहीं उगल रहा था। जब पुलिस के हाथ सुराग लगा तो उसने सारा सच उगल दिया।
पुलिस ने पुनीत कुमार उर्फ पीके, रंजीत पुत्र हजारीलाल, ठाकुरदास पुत्र बनवारी लाल, नीरज पत्नी मनोहर, रंजनी पत्नी ठाकुरदास निवासी खंदारी को गिरफ्तार किया है। सनी उर्फ सिद्धार्थ पुत्र ठाकुर सिंह निवासी नरीपुरा थाना शाहगंज, बंटी जाटव पुत्र महेश निवासी खंदारी, नरेंद्र कुमार पुत्र बनवारी लाल निवासी खंदारी, तेज सिंह निवासी ग्राम नगला प्रताप फरार हैं।