बैंक डकैती: 'ऑल ओके' कोड वर्ड मिलते ही लुटेरों ने डाला था 57 लाख का डाका, जानें किसने रची साजिश
डकैती कांड में शामिल रहे पांच बदमाशों में से चार खंदारी के रहने वाले हैं। ये चार बदमाश ठाकुरदास, बंटी, रंजीत और सनी हैं। घटना के बाद भागते बदमाशों के सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिल गए थे। जेल में बंद अपराधियों को इन्हें दिखाया गया। एक को पहचान लिया गया। यह खंदारी निवासी ठाकुरदास है। वह घर पर नहीं मिला तो उसके मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवाई। इसमें बैंक के कर्मचारी पुनीत से उसकी बातचीत का पता चला। इसके बाद पुलिस ने पुनीत से सख्ती से पूछताछ की तो रविवार को उसने डकैती डालने का राज खोल दिया।
हिरासत में लिए गए कर्मचारी पुनीत ने पूछताछ में बताया कि डकैती की साजिश कई दिन पहले रची गई थी। 15 दिसंबर को दोपहर में जब 42 लाख रुपये एक ही शख्स ने जमा कराए तो उसे लगा कि अब मौका चूकना नहीं चाहिए। उसने बदमाशों से कह दिया था कि चार बजे से पहले आ जाएं। बैंक का चैनल गेट बंद होने पर वह चाय के लिए निकला। बदमाश बाहर खड़े थे। उसने उनसे कहा कि 'ऑल ओके'...। बदमाश समझ गए कि रास्ता साफ है।
पुलिस को घटना के बाद से ही पुनीत पर शक था। वह रो-रोकर बता रहा था कि बदमाशों ने उसे बहुत पीटा जबकि शरीर पर पिटाई के निशान नहीं थे। उससे लगातार पूछताछ चल रही थी लेकिन वह राज नहीं उगल रहा था। उसे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी दिखाई लेकिन उसने साफ कह दिया कि वह इनमें से किसी को नहीं जानता है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि खेरिया मोड़ से जगनेर रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरे में बाइक सवार दो बदमाश नजर आए। एक का चेहरा कुछ साफ नजर आ रहा था। इसकी पहचान खंदारी निवासी सनी जाटव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके बारे में पड़ताल की। उसका मोबाइल नंबर मिल गया। इस पर उसकी कॉल डिटेल चेक की। इसमें पुलिस को खंदारी निवासी ठाकुरदास का नंबर मिला। ठाकुरदास बैंक कर्मचारी पुनीत का दोस्त निकला। पुनीत के मोबाइल में उसका नंबर मिला। पुनीत और ठाकुरदास में बातचीत होती है। इस पर पुनीत से सख्ती से पूछताछ की गई।