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फर्जी चेक से निकाले 50.70 लाख रुपये, बैंक मैनेजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज
Sat, 02 Feb 2019 07:48 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 02 Feb 2019 07:48 PM IST
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आगरा के सदर बाजार स्थित केनरा बैंक की शाखा में एक खाते से 50.70 लाख रुपये फर्जी चेक लगाकर निकाल लिए गए। रकम निकालने के लिए चार चेक लगाए गए थे। पीड़ित ने बैंक मैनेजर और कर्मचारियों की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
ग्रेटर नोएडा निवासी गौरव कुमार ने बताया कि पिता उमेशचंद्र एमईएस में कार्यरत थे। पिता और मां मंजू का संयुक्त खाता केनरा बैंक की सदर बाजार शाखा में है। पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन और पीएफ का पैसा खाते में जमा थे। पिता की मृत्यु के बाद मां गौरव के साथ नोएडा में रहती हैं।
15 दिसंबर 2018 को मंजू देवी ने 50 हजार रुपये निकालने के लिए सेक्टर 63 स्थित केनरा बैंक की शाखा में चेक लगाया। कैशियर ने बताया कि खाते में रकम नहीं है। इस पर बैलेंस चेक किया। इसमें 8591 रुपये ही थे। जानकारी पर सामने आया कि चार चेक लगाकर खातों से 50.70 लाख रुपये निकाले लिए गए थे।
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ग्रेटर नोएडा निवासी गौरव कुमार ने बताया कि पिता उमेशचंद्र एमईएस में कार्यरत थे। पिता और मां मंजू का संयुक्त खाता केनरा बैंक की सदर बाजार शाखा में है। पिता के सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन और पीएफ का पैसा खाते में जमा थे। पिता की मृत्यु के बाद मां गौरव के साथ नोएडा में रहती हैं।
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15 दिसंबर 2018 को मंजू देवी ने 50 हजार रुपये निकालने के लिए सेक्टर 63 स्थित केनरा बैंक की शाखा में चेक लगाया। कैशियर ने बताया कि खाते में रकम नहीं है। इस पर बैलेंस चेक किया। इसमें 8591 रुपये ही थे। जानकारी पर सामने आया कि चार चेक लगाकर खातों से 50.70 लाख रुपये निकाले लिए गए थे।
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इन तारीखों को निकाले गए रुपये
15 अक्तूबर 2018 को 15 लाख, 16 अक्तूबर 2018 को 20 लाख, 22 अक्तूबर 2018 को 15 लाख 20 हजार और 13 नवंबर 2018 को 50 हजार रुपये निकाले गए हैं। गौरव का कहना है कि मूल चेक उनके पास ही हैं।
रकम निकालने के लिए चेक पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जो बैंक कर्मियों की मिलीभगत के बिना पास नहीं हो सकते थे। इसमें बैंक मैनेजर उमेश कुमार प्रजापति की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने बैंक मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच
50.70 लाख रुपये खाते से निकालने के मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, यह रकम क्लोन चेक के माध्यम से ही निकाली गई है। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसका फिलहाल पता नहीं चल सका है।
पहले भी हो चुकी हैं घटना
बैंकों में क्लोन चेक लगाकर रकम खातों से निकालने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2018 में पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी का क्लोन चेक लगाकर संजय प्लेस स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से 7.69 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए थे। बाद में मामला पकड़ में आ गया था। इससे पहले भी न्यू आगरा की एक बैंक की शाखा से रकम ट्रांसफर कर ली गई थी।
रकम निकालने के लिए चेक पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए, जो बैंक कर्मियों की मिलीभगत के बिना पास नहीं हो सकते थे। इसमें बैंक मैनेजर उमेश कुमार प्रजापति की मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने बैंक मैनेजर और अन्य कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
क्राइम ब्रांच ने शुरू की जांच
50.70 लाख रुपये खाते से निकालने के मामले की जांच क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक, यह रकम क्लोन चेक के माध्यम से ही निकाली गई है। इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। इसका फिलहाल पता नहीं चल सका है।
पहले भी हो चुकी हैं घटना
बैंकों में क्लोन चेक लगाकर रकम खातों से निकालने के कई मामले सामने आ चुके हैं। वर्ष 2018 में पीएनसी इंफ्राटेक कंपनी का क्लोन चेक लगाकर संजय प्लेस स्थित बैंक आफ बड़ौदा की शाखा से 7.69 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए गए थे। बाद में मामला पकड़ में आ गया था। इससे पहले भी न्यू आगरा की एक बैंक की शाखा से रकम ट्रांसफर कर ली गई थी।