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कार के मोह में फंस गए 5 अफसर, रिपोर्ट दर्ज
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कार के मोह में फंस गए 5 अफसर, रिपोर्ट दर्ज
- वाहन अधिग्रहण आदेश के बाद भी नहीं भेजे गए सरकारी वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा। कार के मोह में फंसे जिले के पांच आला अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने जा रही है। इसमें सीएमओ, सीवीओ भी शामिल हैं। लोकसभा निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत वाहन अधिग्रहण आदेश के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने सरकारी वाहन नहीं भेजे हैं। इस पर प्रभारी अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश थाना प्रभारी सदर को दिया है।
लोकसभा निर्वाचन के लिए वाहनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत 14 सौ से अधिक वाहन का अधिग्रहण सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा 70 सरकारी वाहनों का अधिग्रहण सीधे प्रभारी अधिकारी निर्वाचन यातायात द्वारा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक विभिन्न विभागों ने सिर्फ 40 वाहन ही उपलब्ध कराए हैं। अनेक अधिकारी अपने लग्जरी वाहन के मोह में उक्त वाहनों को अधिग्रहण आदेश के बाद भी निर्वाचन कार्य के लिए नहीं भेज रहे हैं। इस पर प्रभारी अधिकारी वाहन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने सदर थाना प्रभारी को 18 वाहन नंबर के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश भेज दिया है। इसमें पांच-पांच वाहनों के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, दो वाहनों के लिए अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, दो वाहन के लिए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग तथा एक वाहन उपलब्ध न कराने के लिए अधिशासी अभियंता अपर खंड आगरा नहर का नाम भी शामिल हैं।
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- वाहन अधिग्रहण आदेश के बाद भी नहीं भेजे गए सरकारी वाहन
अमर उजाला ब्यूरो
मथुरा। कार के मोह में फंसे जिले के पांच आला अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज होने जा रही है। इसमें सीएमओ, सीवीओ भी शामिल हैं। लोकसभा निर्वाचन प्रक्रिया के अंतर्गत वाहन अधिग्रहण आदेश के बाद भी संबंधित अधिकारियों ने सरकारी वाहन नहीं भेजे हैं। इस पर प्रभारी अधिकारी सिटी मजिस्ट्रेट ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश थाना प्रभारी सदर को दिया है।
लोकसभा निर्वाचन के लिए वाहनों के अधिग्रहण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत 14 सौ से अधिक वाहन का अधिग्रहण सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी द्वारा किया जा रहा है। इसके अलावा 70 सरकारी वाहनों का अधिग्रहण सीधे प्रभारी अधिकारी निर्वाचन यातायात द्वारा किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में अब तक विभिन्न विभागों ने सिर्फ 40 वाहन ही उपलब्ध कराए हैं। अनेक अधिकारी अपने लग्जरी वाहन के मोह में उक्त वाहनों को अधिग्रहण आदेश के बाद भी निर्वाचन कार्य के लिए नहीं भेज रहे हैं। इस पर प्रभारी अधिकारी वाहन सिटी मजिस्ट्रेट मनोज कुमार ने सदर थाना प्रभारी को 18 वाहन नंबर के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने का आदेश भेज दिया है। इसमें पांच-पांच वाहनों के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी और मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, दो वाहनों के लिए अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग, दो वाहन के लिए प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी वन प्रभाग तथा एक वाहन उपलब्ध न कराने के लिए अधिशासी अभियंता अपर खंड आगरा नहर का नाम भी शामिल हैं।
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