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मनरेगा में घोटाले की मुख्यमंत्री से शिकायत
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:27 PM IST
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मजदूर
- फोटो : अमर उजाला
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किशनी (मैनपुरी)। विकासखंड की ग्रामसभा मदनापुर गपचरिया में ग्रामप्रधान ने मनरेगा कार्य में किए लाखों के घोटाले किए। अनियमितताओं की शिकायत एक ग्रामवासी ने मुख्यमंत्री को भेजी है।
बुधवार को मदनापुर गपचरिया के ग्राम सकरामपुर निवासी महेंद्र सिंह शाक्य ने शिकायती पत्र, प्रमाणों सहित मुख्यमंत्री को भेजाहै। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार पुत्र रामप्रकाश ने पैरों से विकलांग सगे भाई अशोक कुमार को मनरेगा कार्ड जारी कर रखा है।
यही नहीं भाई अशोक की पत्नी विनीता के पति के नाम के स्थान पर ससुर रामप्रकाश का नाम अंकित कर उसे भी मनरेगा कार्ड जारी कर दिया है। प्रधान ने वृद्ध मां और 70 वर्षीय वृद्ध लाखन सिंह पुत्र कामता प्रसाद भी मनरेगा मजदूर बना रखा है। उनको इंदिरा आवास भी आवंटित कर रखा है। जबकि इनके पास पक्का मकान पहले से ही मौजूद है।
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यही नहीं ग्रामप्रधान ने पद का दुरुपयोग करते हुए ग्राम नवलपुर निवासी मृतका विशाला देवी के पति के स्थान पर उनके ससुर जंग बहादुर का नाम जॉब कार्ड में लिख रखा है। उनका इनका पैसा भी बैंक से आहरित किया जा रहा है। दूसरी मृतका ग्राम नवलपुर की ही संगीता पत्नी राधेश्याम जॉब कार्ड में दर्ज हैं जबकि उनके पति का नाम कनौजी लाल है।
ग्राम लुकुटपुर निवासी रानीदेवी पत्नी पेशकार जो रिश्ते में रानी देवी के ससुर है जबकि पति का नाम कामता प्रसाद है। इसी गांव की कमला देवी पत्नी चिरोंजीलाल जो रिश्ते में कमला के ससुर हैं जबकि पति का नाम बृह्मानंद है। सावित्री देवी पत्नी रामचरन। ये भी रिश्ते में ससुर है जबकि पति का नाम प्रकाश है।
कलावती पत्नी प्यारेलाल के पति का नाम करन सिंह है। ये समस्त महिलाएं लुकुटपुर की निवासी हैं। इसी प्रकार मीरा देवी पत्नी सकटेलाल निवासी नवलपुर के वास्तविक पति का नाम जबर सिंह है। मिथलेश पत्नी गयादीन के पति का नाम सरना है। संतोष कुमारी पत्नी बांके लाल के पति का नाम रामवीर है।
शिकायतकर्ता ने भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक डीके बत्रा से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि ये जितने जॉब कार्डधारक हैं। इसके सभी के खाते रामनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के प्वाइंट पर खोले गए हैं। इन खातों में लगातार मजदूरी का पैसा भेजा जा रहा है तथा वह आहरण भी किया जा रहा है। आखिरकार बिना आईडी के फर्जी खाते कैसे खोले।
प्रमोद कुमार पर आरोप लगाया है कि मास्टर रोल के अनुसार पचास हजार के काम की जगह चार लाख सत्तर हजार रुपये की बड़ी धनराशि आहरित कर ली है। इसमें तालाब की साफ सफाई का हवाला देकर फर्जी बिल वाउचर पेश किए हैं। जबकि इस तालाब की सफाई पूर्व में भी तीन बार की जा चुकी है।
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बुधवार को मदनापुर गपचरिया के ग्राम सकरामपुर निवासी महेंद्र सिंह शाक्य ने शिकायती पत्र, प्रमाणों सहित मुख्यमंत्री को भेजाहै। उनका आरोप है कि ग्राम प्रधान प्रमोद कुमार पुत्र रामप्रकाश ने पैरों से विकलांग सगे भाई अशोक कुमार को मनरेगा कार्ड जारी कर रखा है।
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यही नहीं भाई अशोक की पत्नी विनीता के पति के नाम के स्थान पर ससुर रामप्रकाश का नाम अंकित कर उसे भी मनरेगा कार्ड जारी कर दिया है। प्रधान ने वृद्ध मां और 70 वर्षीय वृद्ध लाखन सिंह पुत्र कामता प्रसाद भी मनरेगा मजदूर बना रखा है। उनको इंदिरा आवास भी आवंटित कर रखा है। जबकि इनके पास पक्का मकान पहले से ही मौजूद है।
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यही नहीं ग्रामप्रधान ने पद का दुरुपयोग करते हुए ग्राम नवलपुर निवासी मृतका विशाला देवी के पति के स्थान पर उनके ससुर जंग बहादुर का नाम जॉब कार्ड में लिख रखा है। उनका इनका पैसा भी बैंक से आहरित किया जा रहा है। दूसरी मृतका ग्राम नवलपुर की ही संगीता पत्नी राधेश्याम जॉब कार्ड में दर्ज हैं जबकि उनके पति का नाम कनौजी लाल है।
ग्राम लुकुटपुर निवासी रानीदेवी पत्नी पेशकार जो रिश्ते में रानी देवी के ससुर है जबकि पति का नाम कामता प्रसाद है। इसी गांव की कमला देवी पत्नी चिरोंजीलाल जो रिश्ते में कमला के ससुर हैं जबकि पति का नाम बृह्मानंद है। सावित्री देवी पत्नी रामचरन। ये भी रिश्ते में ससुर है जबकि पति का नाम प्रकाश है।
कलावती पत्नी प्यारेलाल के पति का नाम करन सिंह है। ये समस्त महिलाएं लुकुटपुर की निवासी हैं। इसी प्रकार मीरा देवी पत्नी सकटेलाल निवासी नवलपुर के वास्तविक पति का नाम जबर सिंह है। मिथलेश पत्नी गयादीन के पति का नाम सरना है। संतोष कुमारी पत्नी बांके लाल के पति का नाम रामवीर है।
शिकायतकर्ता ने भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक डीके बत्रा से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। उसका कहना है कि ये जितने जॉब कार्डधारक हैं। इसके सभी के खाते रामनगर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के प्वाइंट पर खोले गए हैं। इन खातों में लगातार मजदूरी का पैसा भेजा जा रहा है तथा वह आहरण भी किया जा रहा है। आखिरकार बिना आईडी के फर्जी खाते कैसे खोले।
प्रमोद कुमार पर आरोप लगाया है कि मास्टर रोल के अनुसार पचास हजार के काम की जगह चार लाख सत्तर हजार रुपये की बड़ी धनराशि आहरित कर ली है। इसमें तालाब की साफ सफाई का हवाला देकर फर्जी बिल वाउचर पेश किए हैं। जबकि इस तालाब की सफाई पूर्व में भी तीन बार की जा चुकी है।